US Iran war looms as Ayatollah Khamenei did not attend military event for first time in 37 years अमेरिकी खौफ से ईरान के खामेनेई ने तोड़ी 37 साल पुरानी परंपरा, ऐसा पहली बार किया, International Hindi News - Hindustan
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अमेरिकी खौफ से ईरान के खामेनेई ने तोड़ी 37 साल पुरानी परंपरा, ऐसा पहली बार किया

सैन्य जमावड़े के बीच अमेरिका ने ईरान पर लगातार दबाव बनाया है। हाल ही में ट्रंप के कई करीबियों ने अरब सागर में USS अब्राहम लिंकन का दौरा किया है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर बातचीत असफल रही तो ईरान को गंभीर परिणाम होंगे।

Mon, 9 Feb 2026 02:59 PMJagriti Kumari लाइव हिन्दुस्तान
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अमेरिकी खौफ से ईरान के खामेनेई ने तोड़ी 37 साल पुरानी परंपरा, ऐसा पहली बार किया

ईरान पर अमेरिकी दबाव के बीच देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक 37 सालों में ऐसा पहली बार हुआ है जब खामेनेई एक बेहद अहम सैन्य कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच खामनेई का इस तरह गायब होना बड़े सवाल उठा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने रविवार, 8 फरवरी को सेना और वायु सेना कमांडरों के साथ सालाना बैठक में हिस्सा नहीं लिया। ऐसा करीब 4 दशकों में पहली बार हुआ है। इससे पहले 1989 में सुप्रीम लीडर बनने के बाद से खामेनेई हर साल इस कार्यक्रम में हिस्सा लेते रहे हैं। यहां तक की कोरोना महामारी के दौरान भी इस परंपरा को नहीं तोड़ा था। खामेनेई की तरफ से ईरानी सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ अब्दुलरहीम मौसवी ने बैठक में हिस्सा लिया।

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ईरान को क्या डर?

रिपोर्ट्स की मानें तो जब से तनाव बढ़ा है, ख़ामेनेई अंडरग्राउंड ही हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि खामेनेई तेहरान में एक किलेबंद भूमिगत बंकर में चले गए हैं। चर्चा है कि ईरान एक तरफ अमेरिका के खिलाफ ना झुकने की बात जरूर कर रहा है लेकिन कहीं न कहीं ईरानी अधिकारियों को जून 2025 जैसे हमले का डर है। इस हमले में ईरान के कई बड़े अधिकारी को अमेरिका ने सीधा निशाना बनाया था और देश के परमाणु कार्यक्रम को भी तगड़ा झटका लगा था।

ईरानी विदेश मंत्री ने अमेरिका को चेताया

इस बीच रविवार को ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपना इरादा साफ बता दिया है। ईरान ने क्षेत्र में बढ़ते अमरीकी सैन्य हमले के खतरे और नए प्रतिबंधों के बावजूद कहा है कि अपने यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम को नहीं छोड़ेगा। ईरान ने यह भी कहा है कि वह दबाव में झुकने वालों में से नहीं है और कोई भी दूसरा ईरान पर हुक्म नहीं चला सकता।

रविवार को तेहरान में एक सार्वजनिक मंच पर बोलते हुए ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि तेहरान किसी से भी डरकर अपनी परमाणु नीति नहीं बदलेगा। अराघची ने स्पष्ट किया कि यूरेनियम संवर्धन अभी भी तेहरान के लिए एक गैर-समझौता योग्य मुद्दा है। उन्होंने कहा, "हम संवर्धन पर इतना जोर क्यों देते हैं और इसे छोड़ने से इनकार क्यों करते हैं, भले ही हम पर युद्ध थोप दिया जाए? क्योंकि किसी को भी हम पर हुक्म चलाने का अधिकार नहीं है।"

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