US Iran Tension Iran rejects pressure from US to abandon its uranium enrichment program ना डरते हैं ना कोई हमें दे सकता है हुक्म, ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप को फिर दिखाया ठेंगा, International Hindi News - Hindustan
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ना डरते हैं ना कोई हमें दे सकता है हुक्म, ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप को फिर दिखाया ठेंगा

ईरान और अमेरिका के बीच जारी बातचीत के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर नए प्रतिबंध लगा दिए हैं। वहीं क्षेत्र में अमेरिकी युद्धपोत भी तैनात हैं। ईरानी विदेश मंत्री ने कहा है कि उन्हें अमेरिका को बिल्कुल भरोसा नहीं है।

Mon, 9 Feb 2026 08:23 AMJagriti Kumari लाइव हिन्दुस्तान
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ना डरते हैं ना कोई हमें दे सकता है हुक्म, ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप को फिर दिखाया ठेंगा

US-Iran Tension: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध का खतरा फिलहाल टला नहीं है और देशों के बीच बातचीत शुरू होने के बावजूद तनाव बढ़ता ही जा रहा है। इस बीच रविवार को ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपना इरादा साफ बता दिया है। ईरान ने क्षेत्र में बढ़ते अमरीकी सैन्य हमले के खतरे और नए प्रतिबंधों के बावजूद कहा है कि अपने यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम को नहीं छोड़ेगा। ईरान ने यह भी कहा है कि वह दबाव में झुकने वालों में से नहीं है और कोई भी दूसरा, ईरान पर हुक्म नहीं चला सकता।

रविवार को तेहरान में एक सार्वजनिक मंच पर बोलते हुए ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि तेहरान किसी से भी डरकर अपनी परमाणु नीति नहीं बदलेगा। अंतर्राष्ट्रीय मीडिया की मौजूदगी में दर्शकों को संबोधित करते हुए अराघची ने स्पष्ट किया कि यूरेनियम संवर्धन अभी भी तेहरान के लिए एक गैर-समझौता योग्य मुद्दा है।

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उन्होंने कहा, "हम संवर्धन पर इतना जोर क्यों देते हैं और इसे छोड़ने से इनकार क्यों करते हैं, भले ही हम पर युद्ध थोप दिया जाए? क्योंकि किसी को भी हम पर हुक्म चलाने का अधिकार नहीं है।"

अमेरिका पर भरोसा नहीं- अराघची

ईरानी विदेश मंत्री ने क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य तैनाती को दबाव की खराब रणनीति बताया। अराघची ने कहा, "क्षेत्र में उनकी सैन्य तैनाती हमें डराती नहीं है।" उन्होंने कहा कि ईरान को अमेरिका पर बिल्कुल भरोसा नहीं है। ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि कुछ ऐसे संकेत मिले हैं जो बताते हैं कि अमेरिका गंभीर है, जबकि अन्य ऐसे संकेत भी देखे गए हैं जो इसे गलत साबित करते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान के खिलाफ प्रतिबंधों का जारी रहना और पश्चिम एशिया क्षेत्र में कुछ सैन्य गतिविधियां अमेरिका की गंभीरता और तत्परता पर संदेह पैदा करती हैं।

समझौते के लिए रख दीं शर्तें

अराघची ने कहा कि ईरान सभी संकेतों की एक साथ निगरानी और मूल्यांकन करेगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका के साथ अप्रत्यक्ष बातचीत समझौता करने में कोई बाधा नहीं है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि बातचीत की विषयवस्तु से संबंधित मुद्दे, जैसे अमेरिका की अत्यधिक और अवास्तविक मांगें और अनुचित दावे ही असली बाधा हैं। उन्होंने कहा है अगर अमेरिका का दृष्टिकोण सम्मानजनक, निष्पक्ष और आपसी हितों की रक्षा पर आधारित है, तो ही समझौता करना संभव होगा।

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