US Iran war latest US Stepping up Military Push to open Strait of Hormuz amid pressure होर्मुज खुलवाने के लिए पूरी ताकत झोंक रहा अमेरिका, अपाचे से लेकर फाइटर जेट्स तक उतारे, International Hindi News - Hindustan
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होर्मुज खुलवाने के लिए पूरी ताकत झोंक रहा अमेरिका, अपाचे से लेकर फाइटर जेट्स तक उतारे

विश्लेषकों के मुताबिक होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह बंद हो जाता है तो पश्चिम एशिया के तेल उत्पादक देश अधिकतम 25 दिनों तक ही उत्पादन बनाए रख सकेंगे। सऊदी अरब, इराक, कतर, UAE और खुद ईरान अपने कच्चे तेल के निर्यात के लिए इस संकरे मार्ग पर निर्भर हैं।

Fri, 20 March 2026 09:29 AMJagriti Kumari लाइव हिन्दुस्तान
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होर्मुज खुलवाने के लिए पूरी ताकत झोंक रहा अमेरिका, अपाचे से लेकर फाइटर जेट्स तक उतारे

ईरान के खिलाफ जारी युद्ध में अमेरिका पर दबाव बढ़ता ही जा रहा है। यह युद्ध बीते 20 दिनों से जारी है जिसमें अमेरिका अब तक अपने अरबों डॉलर फूंक चुका है और अमेरिका के कई सैनिक भी हताहत हुए हैं। दूसरी तरफ ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही को लगभग ठप कर दिया है, जिससे पूरी दुनिया में ईंधन आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। हाल यह है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद यूरोप और चीन, जापान सहित अन्य देशों ने इस जलमार्ग को खुलवाने के लिए मदद मांगते दिखे थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका होर्मुज को खुलवाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक रहा है।

हाल ही में यह जानकारी सामने आई है कि अमेरिका ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर, होर्मुज़ वाले रास्ते को खोलने की कोशिशें तेज कर दी हैं। वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी ड्रोन को रोकने के लिए US ने यहां कई अपाचे हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं। वहीं अमेरिकी फाइटर प्लेन ईरानी नौसैनिक ठिकानों पर कम ऊंचाई से हमले कर रहे हैं।

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इससे पहले अमेरिका ने यहां ईरान के मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाया था। अमेरिका ने दावा किया था कि ईरान ईरानी मिसाइल ठिकानों पर 5,000 पाउंड की गहराई तक मारने वाले कई बम बरसाए गए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक इन ठिकानों पर मौजूद ईरानी एंटी शिप क्रूज मिसाइल से अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार को खतरा था और इसीलिए इस जगह पर सफल हमला किया गया।

ईरान अड़ा

इस बीच ईरान ने साफ कहा है कि वह इस मार्ग से जहाजों को नहीं गुजरने देगा। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद-बाकर ग़ालिबाफ ने बुधवार को सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य युद्ध-पूर्व स्थिति में नहीं लौटेगा। वहीं ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई भी इस ओर इशारा कर चुके हैं कि ईरान का होर्मुज पर नियंत्रण में ढील देने का कोई इरादा नहीं है। हालांकि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पिछले सप्ताह अमेरिकी मीडिया से कहा था कि अमेरिका, इजरायल और उनके सहयोगियों के सिवाय अन्य के लिए जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खुला है।

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होर्मुज बंद होने से बड़ी टेंशन

जेपी मॉर्गन की एक हालिया रिपोर्ट में विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह बंद हो जाता है तो पश्चिम एशिया के तेल उत्पादक देश अधिकतम 25 दिनों तक ही उत्पादन बनाए रख सकेंगे। सऊदी अरब, इराक, कतर, संयुक्त अरब अमीरात और स्वयं ईरान अपने कच्चे तेल के निर्यात के लिए इस मार्ग पर निर्भर हैं।

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अमेरिका पर क्यों दबाव?

ट्रंप ने तर्क दिया है कि यूरोप और एशिया की तुलना में अमेरिका खाड़ी से अपेक्षाकृत कम तेल आयात करता है। इसलिए अमेरिका की तुलना में उन अर्थव्यवस्थाओं का दांव पर बहुत कुछ लगा है। हालांकि अधिकारियों का हालांकि कहना है कि प्रत्यक्ष निर्भरता कम होने के बावजूद अमेरिका वैश्विक कीमतों में उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील बना हुआ है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत तेल आपूर्ति होती है और इसमें निरंतर व्यवधान ने पहले ही कच्चे तेल की कीमतों को बढ़ा दिया है, जिससे दुनिया भर में ईंधन की लागत और महंगाई बढ़ गई है।

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