US Iran Tension Iran shields key nuclear facilities beneath concrete amid US strike fear ईरान को पता है कहां वार करेगा US; युद्ध की आशंका के बीच किलेबंदी में जुटा, सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा, International Hindi News - Hindustan
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ईरान को पता है कहां वार करेगा US; युद्ध की आशंका के बीच किलेबंदी में जुटा, सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा

अमेरिका मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी लगातार बढ़ा रहा है। रिपोर्ट्स में यह बात सामने आई है कि पिछले 24 घंटों में अमेरिका ने ईरान की तरफ 50 से ज्यादा फाइटर जेट भेजे हैं।

Thu, 19 Feb 2026 08:11 AMJagriti Kumari लाइव हिन्दुस्तान
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ईरान को पता है कहां वार करेगा US; युद्ध की आशंका के बीच किलेबंदी में जुटा, सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा

अमेरिका और ईरान के बीच जंग शुरू होने की आशंका बढ़ती ही जा रही है। दोनों देश एक तरफ जहां बातचीत के जरिए हल निकालने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ दोनों ही देश युद्ध की तैयारियों में भी जुट गए हैं। अमेरिका मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी लगातार बढ़ा रहा है और यहां दो दो युद्धपोत तैनात कर दिए हैं। वहीं ईरान ने भी अमेरिकी हमले से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है। नई तस्वीरों से खुलासा हुआ है कि किसी भी हमले की आशंका को लेकर ईरान ने अपने परमाणु ठिकानों की किलेबंदी शुरू कर दी है।

इंस्टीट्यूट फॉर साइंस एंड इंटरनेशनल सिक्योरिटी की नई सैटेलाइट तस्वीरों में यह बात सामने आई है। विशेषज्ञों के मुताबिक, ईरान अपने न्यूक्लियर ठिकानों को कंक्रीट और मिट्टी के नीचे दबा रहा है और उन्हें मजबूत बंकरों में तब्दील किया जा रहा है। इंडिया टुडे ने अपनी एक रिपोर्ट में इस विश्लेषण के हवाले से बताया है कि हाई-रिज़ॉल्यूशन तस्वीरों में यह साफ देखा जा सकता है कि ईरान ने संवेदनशील साइट्स को छिपाने और मजबूत करने की कोशिशें तेज कर दी हैं।

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किलेबंदी शुरू

संस्थान में अपनी एनालिसिस में कहा, "पिछले दो से तीन हफ़्तों से, ईरान पारचिन मिलिट्री कॉम्प्लेक्स में नई तालेघन 2 फैसिलिटी को मिट्टी के अंदर दबा रहा है।" नतांज न्यूक्लियर प्लांट में भी कुछ ऐसा ही चल रहा है। वहीं एस्फ़हान न्यूक्लियर कॉम्प्लेक्स, जो एक अन्य एनरिचमेंट साइट है, यहां तस्वीरों में टनल के एंट्रेंस को छिपाने की कोशिशें दिखाई दे रही हैं। ये वही ठिकाना है जिस पर पहले अमेरिका ने बीते साल जून में बमबारी की थी।

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अमेरिका ने सैन्य बेड़ों को भेजा

इससे पहले मिडिल ईस्ट में अमेरिका के सैन्य बेड़े लगातार आगे बढ़ रहे हैं और वह इस इलाके में अपनी हवाई और समुद्री क्षमताओं को मजबूत करने में जुटा है। इंडिपेंडेंट फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा और मिलिट्री एविएशन मॉनिटर्स ने कई F-22, F-35 और F-16 फाइटर जेट को इलाके की ओर जाते हुए रिकॉर्ड किया है। इनके साथ कई एरियल रिफ्यूलिंग टैंकर भी देखे गए हैं। एक अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, “पिछले 24 घंटों में 50 से ज्यादा फाइटर जेट इलाके में भेजे गए हैं।” USS अब्राहम लिंकन और कई दूसरे एयरक्राफ्ट्स यहां पहले से ही मौजूद है।

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जिनेवा में हुई बातचीत

इस बीच ईरान-अमेरिका के बीच मंगलवार को हुई अप्रत्यक्ष बातचीत के दूसरे दौर में ईरान ने परमाणु मुद्दे और प्रतिबंधों को हटाने पर अपना रुख स्पष्ट किया है। दोनों पक्ष तीसरे दौर की बैठक के लिए सहमत भी हुए हैं। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने बातचीत के बस कहा है कि परमाणु मुद्दे, प्रतिबंधों में ढील और किसी भी संभावित समझ के ढांचे पर ईरान का दृष्टिकोण अमेरिका तक पहुंचा दिया गया है। वहीं ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने वाले विदेश मंत्री अब्बास अराघची के हवाले से कहा कि दोनों पक्ष कुछ मुद्दों पर सैद्धांतिक रूप से कुछ समझौतों तक पहुंचने में सक्षम रहे।

ईरान

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