US has ordered some consulate staff in Karachi and Lahore to leave Pakistan know reason छोड़ दो पाकिस्तान... अमेरिका ने जारी किया फरमान; कराची और लाहौर में खाली हो गया दूतावास!, International Hindi News - Hindustan
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छोड़ दो पाकिस्तान... अमेरिका ने जारी किया फरमान; कराची और लाहौर में खाली हो गया दूतावास!

अमेरिकी विदेश विभाग ने सुरक्षा जोखिमों के कारण लाहौर और कराची स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावासों के गैर-आपातकालीन अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों तथा उनके परिवार के सदस्यों को पाकिस्तान छोड़ने का आदेश दिया है।

Wed, 4 March 2026 03:19 PMDevendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान
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छोड़ दो पाकिस्तान... अमेरिका ने जारी किया फरमान; कराची और लाहौर में खाली हो गया दूतावास!

मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई, जिसके बाद ईरान ने मिसाइल और ड्रोन हमलों से जबरदस्त जवाबी कार्रवाई शुरू की। इस संकट की लपटें अब पाकिस्तान तक पहुंच गई हैं, जहां खामेनेई की हत्या के विरोध में हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं। इसी को देखते हुए अमेरिका ने बुधवार को कराची और लाहौर स्थित अपने वाणिज्य दूतावासों के कुछ कर्मचारियों को पाकिस्तान छोड़ने का आदेश दिया है।

दरअसल, अमेरिकी-इजरायली हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के विरोध में प्रदर्शन हो रहे हैं, जिससे स्थिति बिगड़ गई है। लाहौर और कराची स्थित वाणिज्य दूतावासों ने मौजूदा सुरक्षा स्थिति को देखते हुए 6 मार्च तक सभी वीजा नियुक्तियों को पहले ही रद्द कर दिया था। पाकिस्तान में स्थित अमेरिकी दूतावास ने एक आधिकारिक बयान में कहा है कि अमेरिकी विदेश विभाग ने सुरक्षा जोखिमों के कारण लाहौर और कराची स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावासों के गैर-आपातकालीन अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों तथा उनके परिवार के सदस्यों को पाकिस्तान छोड़ने का आदेश दिया है। हालांकि इस्लामाबाद स्थित दूतावास की स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

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यात्रा संबंधी सलाह में पाकिस्तान में आतंकवादी हमलों और अन्य गतिविधियों सहित आतंकवादी हिंसा की चेतावनी दी गई है। इसमें कहा गया है कि आतंकवादी बिना किसी चेतावनी के हमला कर सकते हैं। वे परिवहन केंद्रों, होटलों, बाजारों, मॉल, सैन्य और सुरक्षा बलों के ठिकानों, हवाई अड्डों, ट्रेनों, स्कूलों, अस्पतालों, पूजा स्थलों, पर्यटन स्थलों तथा सरकारी इमारतों को निशाना बना सकते हैं। हालांकि, राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिकी दूतावास की स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। यहां भी 6 मार्च तक सभी वीजा नियुक्तियों को रद्द कर दिया है।

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गौरतलब है कि 28 फरवरी (शनिवार) को अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमलों में अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या हो गई थी। इसके विरोध में रविवार को कराची और लाहौर में अमेरिकी वाणिज्य दूतावासों के बाहर सैकड़ों लोग जमा हो गए थे। कराची में प्रदर्शनकारियों ने वाणिज्य दूतावास में प्रवेश करने की कोशिश की, जिसके बाद कम से कम 9-10 लोग मारे गए। पाकिस्तानी छात्रों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को भी लाहौर में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर प्रदर्शन किया था।

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बता दें कि अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर संयुक्त हमला किया, जिसमें 86 वर्षीय अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई और मध्य पूर्व संकट में डूब गया। इसके बाद ईरान ने मध्य पूर्व में मिसाइल और ड्रोन हमलों से जवाबी कार्रवाई की है, जिसमें खाड़ी देशों में प्रमुख अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया गया है। इल हमलों को देखते हुए विदेश विभाग ने सुरक्षा जोखिमों के कारण सऊदी अरब, ओमान और साइप्रस से भी गैर-आपातकालीन अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों तथा उनके परिवार के सदस्यों को देश छोड़ने की अनुमति दी है।

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