Pakistan deployed army and imposed curfew after violent protests against US Israeli attacks on Iran पाकिस्तान में 24 मौतों के बाद हड़कंप, ईरान समर्थक रैलियों के बीच सेना तैनात; 3 दिन का कर्फ्यू, International Hindi News - Hindustan
More

पाकिस्तान में 24 मौतों के बाद हड़कंप, ईरान समर्थक रैलियों के बीच सेना तैनात; 3 दिन का कर्फ्यू

अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों में शनिवार को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या के विरोध में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद पाकिस्तान ने सेना को तैनात किया है और कुछ क्षेत्रों में तीन दिवसीय कर्फ्यू लगा दिया है।

Mon, 2 March 2026 11:56 PMDevendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान
share
पाकिस्तान में 24 मौतों के बाद हड़कंप, ईरान समर्थक रैलियों के बीच सेना तैनात; 3 दिन का कर्फ्यू

अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों में शनिवार को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या के विरोध में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद पाकिस्तान ने सेना को तैनात किया है और कुछ क्षेत्रों में तीन दिवसीय कर्फ्यू लगा दिया है। रविवार को देश भर में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़पों में कम से कम 24 लोग मारे गए और दर्जनों घायल हो गए, जिसके कारण अधिकारियों ने अमेरिकी दूतावास और वाणिज्य दूतावासों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है। अधिकारियों के अनुसार, अमेरिकी-इजरायली हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या के बाद हुए हिंसक प्रदर्शनों में कई मौतें और दर्जनों घायल होने के बाद पाकिस्तानी अधिकारियों ने सोमवार तड़के उत्तरी शहरों गिलगित और स्कार्दू में सेना तैनात की और तीन दिवसीय कर्फ्यू लगा दिया।

दरअसल, रविवार को हजारों शिया प्रदर्शनकारियों ने संयुक्त राष्ट्र सैन्य पर्यवेक्षक समूह (UNMOGIP) के कार्यालयों पर हमला किया, जो कश्मीर के विवादित हिमालयी क्षेत्र में संघर्ष विराम की निगरानी करता है, तथा स्कार्दू शहर में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) के कार्यालयों पर भी हमला किया। अधिकारियों के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने गिलगित में एक पुलिस स्टेशन को आग लगा दी और एक स्कूल तथा एक स्थानीय चैरिटी के कार्यालयों को क्षतिग्रस्त कर दिया। गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र की पुलिस ने बताया कि इस घटना में कम से कम 12 लोग मारे गए और 80 अन्य घायल हो गए।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:ईरान पर हमले के 4 उद्देश्य, ट्रंप ने बताया प्लान, सैनिक भेजने से भी नहीं इनकार

संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने सोमवार को कहा कि UNMOGIP के फील्ड स्टेशन के पास प्रदर्शनकारी हिंसक हो गए और स्टेशन में तोड़फोड़ की गई। डुजारिक ने कहा कि पूरे क्षेत्र में संयुक्त राष्ट्र कर्मियों और परिसरों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और हम स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। इस बीच, गिलगित-बाल्टिस्तान सरकार के प्रवक्ता शब्बीर मीर ने सोमवार को कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और कर्फ्यू बुधवार तक लागू रहेगा। पुलिस प्रमुख अकबर नासिर खान ने 'बिगड़ती कानून-व्यवस्था' का हवाला देते हुए निवासियों से घरों के अंदर रहने की अपील की।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:खामेनेई के बाद कौन? ईरान का नया सर्वोच्च नेता बनने के कई दावेदार, कैसे होगा चयन

पाकिस्तान के दक्षिणी बंदरगाह शहर कराची में रविवार को प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर धावा बोल दिया, खिड़कियां तोड़ीं और इमारत को जलाने की कोशिश की। पुलिस ने लाठीचार्ज, आंसू गैस और गोलीबारी से जवाब दिया, जिसमें 10 लोग मारे गए और 50 से अधिक घायल हो गए। पाकिस्तान के अल्पसंख्यक शिया समुदाय द्वारा अमेरिकी दूतावास की ओर मार्च करने के प्रयास के दौरान इस्लामाबाद में हुई झड़पों में एक व्यक्ति की मौत हो गई। वे बहुसंख्यक शिया देश ईरान के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे थे।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:चीन की मिसाइलों से अमेरिका-इजरायल पर वार कर रहा ईरान? ड्रैगन ने साफ-साफ बताया

सोमवार को पाकिस्तान में अमेरिकी राजनयिक मिशन ने कहा कि उत्तर-पश्चिमी शहर पेशावर में स्थित उसका वाणिज्य दूतावास अस्थायी रूप से बंद रहेगा, जबकि इस्लामाबाद स्थित दूतावास अमेरिकी नागरिकों के लिए सभी नियमित और आपातकालीन कांसुलर सेवाएं प्रदान करना जारी रखेगा। सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में दूतावास ने कहा कि कराची और लाहौर में अमेरिकी वाणिज्य दूतावासों के आसपास लगातार व्यवधानों और यातायात के मार्ग परिवर्तन के कारण, दोनों कार्यालयों ने मंगलवार के लिए निर्धारित अमेरिकी वीजा और अमेरिकी नागरिक सेवाओं की सभी नियुक्तियों को रद्द कर दिया है। इसमें यह भी कहा गया है कि इस्लामाबाद में मंगलवार से सामान्य कांसुलर कामकाज फिर से शुरू हो जाएगा।

पाकिस्तानी अधिकारियों ने देश भर में अमेरिकी राजनयिक मिशनों पर सुरक्षा बढ़ा दी है, जिसमें पेशावर में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास भवन के आसपास का क्षेत्र भी शामिल है, ताकि किसी भी प्रकार की और हिंसा को रोका जा सके। गौरतलब है कि अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों में खामेनेई और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की मौत के बाद पाकिस्तान में, विशेष रूप से शिया अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों के बीच आक्रोश बढ़ता जा रहा है। हालांकि शिया पूरे देश में अल्पसंख्यक हैं, लेकिन उत्तरी क्षेत्रों के कुछ हिस्सों और अफगानिस्तान की सीमा से लगे खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में वे बहुसंख्यक हैं।

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।