Unable to Become the good Mediator of the Iran-US Deal What Pakistan Said After the Talks Failed ईरान-अमेरिका समझौते का चौधरी नहीं बन पाया, वार्ता फेल होने के बाद क्या बोला पाकिस्तान, International Hindi News - Hindustan
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ईरान-अमेरिका समझौते का चौधरी नहीं बन पाया, वार्ता फेल होने के बाद क्या बोला पाकिस्तान

इस्लामाबाद वार्ता फेल होने के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा कि उन्होंने समझौता कराने का पूरा प्रयास किया। उन्होंने कहा कि अब भी उनका प्रयास जारी रहेगा ताकि क्षेत्रीय शांति स्थापित हो सके। डार के बयान में एक विवशता नजर आई।

Sun, 12 April 2026 10:39 AMAnkit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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ईरान-अमेरिका समझौते का चौधरी नहीं बन पाया, वार्ता फेल होने के बाद क्या बोला पाकिस्तान

इस्लामाबाद में 21 घंटे की ऐतिहासिक वार्ता के बाद भी दोनों देशों में कोई डील नहीं हो पाई। इसके बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने ऐलान कर दिया कि यह वार्ता फेल हो चुकी है और वह वापस अमेरिका के लिए निकल गए। बाद में ईरान ने भी कहा कि अमेरिका बेवजह की मांगें रख रहा था और इसलिए बातचीत का कोई निष्कर्ष नहीं निकल पाया। वहीं इस मामले में मध्यस्थता करने वाले पाकिस्तान को भी बड़ा झटका लगा है। उसे उम्मीद थी कि अगर अमेरिका और ईरान में डील हो जाती है तो इसका पूरा क्रेडिट उसे मिलेगा।

क्या बोला पाकिस्तान

वार्ता फेल होने के बाद रविवार को पाकिस्तान ने कहा कि वह दोनों देशों के बीच सार्थक बातचीत के लिए प्रयास करता रहेगा। वह दोनों पक्षों से ही सीजफायर का अनुरोध करता है। पाकि्सतान के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा कि 24 घंटें के दौरान कई चरणों में सार्थक चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और उन्होंने दोनों पक्षों को जोड़ने का पूरा प्रयास किया। क्षेत्रीय शांति और हित के लिए दोनों पक्षों को सकारात्मक रुख बनाकर रखना चाहिए।

डार ने कहा, दोनों पक्षों को सीजफायर के लिए अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखनी चाहिए और पाकिस्तान से जो भी प्रयास संभव होगा, करेगा। उम्मीद है कि आने वाले समय में ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता होगी। डार ने दोनों पक्षों को शुक्रिया कहा।

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जेडी वेंस ने क्या कहा

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि 21 घंटे से अधिक समय के अथक प्रयासों के बावजूद दोनों पक्ष मतभेदों की खाई पाटने में असमर्थ रहे। वेंस ने कहा, 'हम 21 घंटे से इस पर काम कर रहे हैं और अच्छी खबर यह है कि हमारे बीच कई सार्थक चर्चाएं हुई हैं।'' उन्होंने कहा, 'बुरी खबर यह है कि हम किसी समझौते पर नहीं पहुंच सके।' अमेरिका के उपराष्ट्रपति ने कहा, 'हमने अपनी सीमाएं स्पष्ट कर दी हैं कि हम किन बातों पर समझौता करने को तैयार हैं और किन पर नहीं।' उन्होंने कहा कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने ‘हमारी शर्तों को स्वीकार न करने का विकल्प चुना है।’

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जब उनसे यह बताने को कहा गया कि विवाद के प्रमुख मुद्दे क्या थे और ईरानियों ने किन बातों को ठुकराया तो उन्होंने इस बारे में विस्तार से बताने से इनकार कर दिया। वेंस ने कहा, ‘मैं अधिक विस्तार से नहीं बताऊंगा क्योंकि 21 घंटे तक बंद कमरे में बातचीत करने के बाद मैं सार्वजनिक रूप से बात नहीं करना चाहता लेकिन सीधी सी बात यह है कि हमें उनकी ओर से इस बात की स्पष्ट प्रतिबद्धता दिखनी चाहिए कि वे परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश नहीं करेंगे और न ही ऐसे साधन हासिल करने की कोशिश करेंगे, जिनसे वे बहुत जल्दी परमाणु हथियार हासिल कर सकें।’

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वेंस ने कहा, ''हमने अभी तक ऐसा नहीं देखा है, हमें उम्मीद है कि हम ऐसा देखेंगे।' ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका को ''अत्यधिक मांगें और अनुचित अनुरोध' नहीं करने चाहिए। पाकिस्तान की मध्यस्थता से हुई इस वार्ता पर दुनिया भर की नजर थी। अमेरिका और ईरान के बीच यह 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद पहली प्रत्यक्ष, उच्च स्तरीय बातचीत थी। वेंस ने कहा, 'हमने कई मुद्दों पर चर्चा की लेकिन हम ऐसी स्थिति तक नहीं पहुंच सके जहां ईरानी हमारी शर्तों को स्वीकार करने के लिए तैयार हों।'

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