अब भीख के लिए भी तरस जाएगा पाकिस्तान! बिचौलिया बनने के चक्कर में UAE को कर दिया नाराज
ईरान युद्ध में चौधरी बनने के चक्कर में पाकिस्तान की खुद की लुटिया ही डूब गई है। UAE ने पाकिस्तान को याद दिलाया है कि उसने हमेशा पाकिस्तान का साथ दिया है, खासकर आर्थिक संकट के समय।

ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी जंग में ईरान का साथ देकर पाकिस्तान बुरा फंस गया है। बिचौलिया बनने की कोशिश में पाकिस्तान का हाल बेहाल है और खबर है कि अब वह जिन खाड़ी देशों की भीख से अपना घर चलाता था, वे देश पाक से नाराज हो गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) इस बात से खफा है कि पाकिस्तान इस संकट के दौरान ईरान का साथ देता नजर आ रहा है। हालात यह हैं कि गुरुवार को पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने आनन-फानन में एक बैठक भी बुलाई थी।
सूत्रों के मुताबिक UAE ने पाकिस्तान के रुख पर सवाल उठाए हैं। UAE अधिकारियों ने कहा कि ईरान ने उन्हें बिना वजह नुकसान पहुंचाया, फिर भी पाकिस्तान तेहरान का समर्थन करता दिख रहा है। बीते दिनों आसिम मुनीर के अबू धाबी दौरे के दौरान UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार तह्नून बिन जायद और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने पाकिस्तान को साफ साफ बता दिया है कि यह स्थिति जारी रही तो पाकिस्तान को खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
क्यों नाराज है UAE?
न्यूज 18 ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि UAE इस बात से भी नाराज है कि युद्ध के बीच पाकिस्तान ने सऊदी अरब के साथ ज्यादा संपर्क बनाए रखा है, लेकिन UAE के साथ वैसा ही सहयोग नहीं दिखाया। UAE के अधिकारियों ने यह भी कहा है कि इस युद्ध में उन्हें काफी नुकसान हुआ, लेकिन पाकिस्तान ने एक शब्द तक नहीं कहा। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में विदेश मंत्रियों की बैठक आयोजित करते समय UAE से सलाह नहीं ली और उसका रुख ईरान के पक्ष में झुकता दिखा।
एहसान की दिलाई याद
UAE की ओर से यह भी याद दिलाया गया है कि उसने हमेशा पाकिस्तान का साथ दिया है, खासकर आर्थिक संकट के समय। UAE अधिकारियों ने कहा कि वे पाकिस्तान के सऊदी अरब के साथ रक्षा समझौतों को समझते हैं, लेकिन अमीरात ने कई बार आर्थिक मदद देकर पाकिस्तान को संभाला है।
भीख पर भी आफत!
इस कूटनीतिक तनाव का पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ सकता है। पाकिस्तान के आर्थिक मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, UAE हाल ही में दी गई करीब 2 अरब डॉलर की वित्तीय मदद वापस मांगने पर विचार कर सकता है। यह रकम पाकिस्तान के लिए बेहद अहम है, क्योंकि UAE अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के बेलआउट प्रोग्राम में एक प्रमुख गारंटर है। इसके अलावा UAE में रहने वाले करीब 18 लाख पाकिस्तानी नागरिकों पर भी असर पड़ सकता है, अगर दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ता है। सूत्रों ने चेतावनी दी है कि सऊदी अरब, UAE और ईरान के बीच पाकिस्तान की ‘दोहरी नीति’ के बड़े नतीजे सामने आ सकते हैं।
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