ईरान से सीधी बातचीत का ऐलान, ट्रंप बोले- पाकिस्तान में जल्द होगी मुलाकात
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को घोषणा की कि ईरान के साथ प्रत्यक्ष शांति वार्ता पाकिस्तान में बहुत जल्द आयोजित होने वाली है। न्यूयॉर्क पोस्ट से विशेष बातचीत में ट्रंप ने उम्मीद जताई कि यह मुलाकात शीघ्र ही होगी…
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को घोषणा की कि ईरान के साथ प्रत्यक्ष शांति वार्ता पाकिस्तान में बहुत जल्द आयोजित होने वाली है। न्यूयॉर्क पोस्ट से विशेष बातचीत में ट्रंप ने उम्मीद जताई कि यह मुलाकात शीघ्र ही होगी, हालांकि सुरक्षा कारणों से उपराष्ट्रपति जेडी वैंस की भागीदारी पर सवाल उठाया है। ट्रंप ने कहा कि यह बहुत जल्द होने वाला है। उन्होंने बताया कि अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद जेरेड कुशनर इस वार्ता में शामिल होंगे। जेडी वैंस भी जा सकते हैं, लेकिन सुरक्षा मुद्दों को देखते हुए फैसला अभी लंबित है। यह बयान वाशिंगटन और तेहरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम समझौते पर सहमति बनने के महज एक दिन बाद आया है।
लेबनान युद्धविराम समझौते में शामिल नहीं
ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि लेबनान को ईरान के साथ हुए युद्धविराम समझौते में शामिल नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि हिजबुल्लाह की वजह से लेबनान को इसमें शामिल नहीं किया गया। ट्रंप ने आगे कहा कि इसे भी ध्यान में रखा जाएगा। सब ठीक है। जब उनसे लेबनान में इजराइल द्वारा लगातार हमलों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने जवाब दिया कि यह समझौते का हिस्सा नहीं है। यह एक अलग झड़प है और सभी इसे जानते हैं। इजराइल ने भी स्पष्ट किया है कि ईरान के साथ का युद्धविराम लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ उसके अभियान पर लागू नहीं होता। इस बीच लेबनान में इजराइली हमलों की रिपोर्ट्स भी आई हैं।
पाकिस्तान है तैयार
पाकिस्तान ने शुक्रवार (10 अप्रैल 2026) को इस्लामाबाद में अमेरिकी और ईरानी वार्ताकारों के बीच आमने-सामने की वार्ता की मेजबानी का प्रस्ताव रखा है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मंत्रिमंडल की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि परसों अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद में मिलेंगे। शरीफ ने कहा कि वार्ता की सफलता के लिए पाकिस्तान हर संभव प्रयास करेगा। हम युद्ध की आग को स्थायी रूप से बुझाने का प्रयास कर रहे हैं।
इससे पहले ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से फोन पर बात की। इस दौरान लेबनान में इजरायल द्वारा कथित युद्धविराम उल्लंघनों पर चर्चा हुई। यह बातचीत इस्लामाबाद में प्रस्तावित अमेरिका-ईरान शांति वार्ता से ठीक पहले हुई। पाकिस्तान इस पूरे प्रक्रिया में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। दो सप्ताह के युद्धविराम के बाद अब नजरें इस्लामाबाद वार्ता पर टिकी हुई हैं, जिसमें क्षेत्रीय स्थिरता और स्थायी शांति हासिल करने की कोशिश की जाएगी।
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