ईरान ने फिर बंद कर दिया होर्मुज का रास्ता, अमेरिका पर वादा तोड़ने का आरोप
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को फिर से बंद कर दिया है। उसने अमेरिका पर वादा तोड़ने का आरोप लगाते हुए यह फैसला लिया है।
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को फिर से बंद कर दिया है। उसने अमेरिका पर वादा तोड़ने का आरोप लगाते हुए यह फैसला लिया है। ईरानी मीडिया में सेना के हवाले से इस बारे में बयान जारी किया है। ईरान के मुताबिक अमेरिका ने अभी तक होर्मुज में नाकेबंदी कर रखी है। इस वजह से उसे ऐसा फैसला लेने पर बाध्य होना पड़ा। ईरान ने पहले ही चेतावनी दी थी कि यदि अमेरिका ने ईरानी जहाजों और बंदरगाहों पर अपनी नाकेबंदी जारी रखी तो वह इसे फिर से बंद कर सकता है। ईरानी अधिकारियों ने कहा कि यह नाकेबंदी पिछले सप्ताह ईरान और अमेरिका के बीच हुए युद्धविराम समझौते का उल्लंघन है।
ऊर्जा संकट फिर गहराने की आशंका
होर्मुज के फिर से बंद होने के चलते ऊर्जा संकट और गहराने की आशंका बढ़ने लगी है। इसके चलते दुनिया भर में ऊर्जा सप्लाई में बाधा आ रही है। इससे पहले अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की खबरें आने के बाद शुक्रवार को तेल की कीमतों में फिर से गिरावट आने लगी थी। बता दें कि दुनिया में कुल तेल सप्लाई का पांचवां हिस्सा होर्मुज से होकर गुजरता है। ऐसे में इसके फिर से बंद होने के बाद तेल सप्लाई पर असर पड़ना तय है। अगर यही हाल रहा तो तेल की कीमतें फिर से बढ़ जाएंगी।
ट्रंप का क्या है इरादा
ट्रंप ने ईरान पर नाकेबंदी अपने उस प्रयास के तहत लगाई थी, जिसका उद्देश्य तेहरान पर दबाव बनाकर होर्मुज को खुलवाना और पाकिस्तान की मध्यस्थता से हुए युद्धविराम को स्वीकार कराना था। यह युद्धविराम इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच लगभग सात सप्ताह से जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए प्रस्तावित था। ईरान द्वारा जलडमरूमध्य खोलने की घोषणा के बावजूद ट्रंप का नाकेबंदी जारी रखने का फैसला तेहरान पर दबाव बनाए रखने की रणनीति माना जा रहा है, क्योंकि पिछले सप्ताह घोषित दो सप्ताह के युद्धविराम का भविष्य अब भी अनिश्चित है। ट्रंप ने संकेत दिया कि इस सप्ताहांत बातचीत का दूसरा दौर हो सकता है।
युद्धविराम का क्या है भविष्य
लेबनान में युद्धविराम ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए संभावित समझौते की राह में एक बड़ी बाधा दूर कर सकता है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि हिज्बुल्ला उस समझौते का किस हद तक पालन करेगा, जिसकी वार्ता में उसकी कोई भूमिका नहीं रही और जिसके तहत दक्षिणी लेबनान के एक हिस्से में इजराइली सैनिकों की मौजूदगी बनी रहेगी। ट्रंप ने एक अन्य पोस्ट में कहा कि अमेरिका ने इजरायल को लेबनान पर आगे हमले करने से रोक दिया है। इजरायल-हिज्बुल्ला युद्ध अब बहुत हो चुका है।
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