हम यूएई के साथ, ईरान के हमले की पीएम मोदी ने की निंदा; घायल हो गए थे तीन भारतीय
यूएई के तेल संयंत्र पर हुए ईरानी हमले की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कड़ी निंदा की है। इस हमले में तेल के संयंत्र में आग लग गई थी जिसमें तीन भारतीय भी घायल हो गए हैं। पीएम मोदी ने कहा कि होर्मुज खुलने का रास्ता भी बातचीत से ही निकलना चाहिए।

यूएई के पोर्ट सिटी फुजैरा में ईरान के हमलों में कम से कम तीन भारतीय भी घायल हो गए हैं। घायल भारतीयों के साथ संवेदना व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हमले की निंदा की है। उन्होंने कहा कि वह संकट के समय में यूएई के साथ हैं। बता दें कि हमला फुजैरा के एक प्रमुख तेल संयंत्र पर हुआ था। यूएई ने इसके लिए ईरान को ही जिम्मेदार बताया है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर कहा, 'यूएई पर हुए हमलों की मैं कड़ी निंदा करता हूं, जिनमें तीन भारतीय नागरिक घायल हुए हैं। आम नागरिकों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना अस्वीकार्य है।'
उन्होंने कहा, 'भारत यूएई के साथ पूरी तरह एकजुट है और संवाद एवं कूटनीति के माध्यम से सभी मुद्दों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए अपना समर्थन दोहराता है।'प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि 'होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित और निर्बाध नौवहन सुनिश्चित करना क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।' फुजैरा शहर पर हमला ऐसे समय में हुआ है जब होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम को लेकर तनाव की स्थिति बनी हुई है।
होर्मुज में बढ़ा टकराव
होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर दुनिया के लगभग बीस फीसदी तेल और गैस का परिवहन होता है जो दोनों देशों के बीच वार्ता में एक प्रमुख अड़चन बना हुआ है। संघर्ष के कारण जलडमरूमध्य के इस संकरे जलमार्ग से होकर गुजरने वाले जहाजों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिससे तेल की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है और कई देशों में ऊर्जा की कमी हो गई है। वहीं होर्मुज में भी तनाव बढ़ रहा है। अमेरिका का दावा है कि उसकी नौसेना ने होर्मजु से दो व्यापारिक जहाज पास करवाए हैं। ईरान का कहना है कि अमेरिका का दावा पूरी तरह गलत है। ईरान ने अमेरिकी पोत को निशाना बनाने का दावा किया था जिसे यूएस ने खारिज कर दिया है।
यूएई के रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि उसके वायु रक्षा तंत्र ने ईरान से दागी गई 12 बैलिस्टिक मिसाइलों, तीन क्रूज मिसाइलों और चार ड्रोन को नाकाम कर दिया। मंत्रालय ने पुष्टि की कि वह 'किसी भी खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है और देश की सुरक्षा को कमजोर करने के उद्देश्य से किए गए किसी भी प्रयास का दृढ़ता से मुकाबला करेगा।'
यूएई पर हमले का जवाब देने लगा अमेरिका
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में सात ईरानी नौकाओं पर हमला किया है, क्योंकि वाशिंगटन लगभग बंद जलमार्ग के माध्यम से खाड़ी में फंसे जहाजों को बाहर निकालने का प्रयास कर रहा है। यह जानकारी बीबीसी ने मंगलवार को दी।
संयुक्त अरब अमीरात और दक्षिण कोरिया दोनों ने सोमवार को महत्वपूर्ण जलमार्ग में जहाजों पर हमले की सूचना दी। संयुक्त अरब अमीरात ने यह भी कहा कि ईरानी हमले के बाद फुजैराह के तेल बंदरगाह पर आग लग गई। अप्रैल की शुरुआत में, अमेरिका और ईरान ने युद्धविराम की घोषणा की, जिसके तहत ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात सहित खाड़ी देशों पर ड्रोन और मिसाइल हमले बंद कर दिए, लेकिन तब से कुछ ही जहाज जलडमरूमध्य से गुजर पाए हैं। अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर अपनी नाकाबंदी भी लगा दी है।
अन्य अंतरराष्ट्रीय नेताओं ने भी की हमले की निंदा
अंतरराष्ट्रीय नेताओं ने यूएई अवसंरचना पर हुए हमलों की निंदा की है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉ ने कहा कि ये हमले अन्यायपूर्ण और अस्वीकार्य हैं। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री सर कीर स्टारमर ने कहा कि ब्रिटेन खाड़ी में अपने साझेदारों की रक्षा के लिए अपना समर्थन जारी रखेगा।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन