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ईरान युद्ध का असर: तेल की 'धार' से कराह उठा श्रीलंका, पेट्रोल-डीजल 400 के पार

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ईरान-अमेरिका-इजरायल संघर्ष के चलते वैश्विक तेल बाजार में उथल-पुथल मची हुई है। इसी बीच श्रीलंका सरकार ने रविवार आधी रात से ईंधन की कीमतों में औसतन 25 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी कर दी है। यह एक सप्ताह के भीतर दूसरी और मार्च के शुरू से तीसरी ऐसी वृद्धि है।

Sun, 22 March 2026 09:43 PMDevendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान
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ईरान युद्ध का असर: तेल की 'धार' से कराह उठा श्रीलंका, पेट्रोल-डीजल 400 के पार

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ईरान-अमेरिका-इजरायल संघर्ष के चलते वैश्विक तेल बाजार में उथल-पुथल मची हुई है। इसी बीच श्रीलंका सरकार ने रविवार आधी रात से ईंधन की कीमतों में औसतन 25 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी कर दी है। यह एक सप्ताह के भीतर दूसरी और मार्च के शुरू से तीसरी ऐसी वृद्धि है। इस वृद्धि के साथ ही श्रीलंका में पेट्रोल-डीजल की कीमत 400 पार हो गया है। दरअसल, ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों और ईरान की जवाबी कार्रवाई के फलस्वरूप होर्मुज प्रभावी रूप से बंद हो गया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है, और तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है।

वहीं जानकारों का कहना है कि इस बढ़ोतरी से श्रीलंका में ईंधन की खुदरा कीमतें 2022 के आर्थिक संकट के स्तर के करीब पहुंच गई हैं, जब देश ने स्वतंत्रता के बाद पहली बार संप्रभु ऋण डिफॉल्ट की घोषणा की थी और राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे को इस्तीफा देना पड़ा था। सरकारी ईंधन कंपनी सीलोन पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (सीपीसी) द्वारा जारी नए दरों के अनुसार...

  • ऑटो डीजल की कीमत 303 श्रीलंकाई रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 382 रुपये हो गई (26.1% वृद्धि)
  • सुपर डीजल 353 रुपये से बढ़कर 443 रुपये (25.5% वृद्धि)
  • 92 ऑक्टेन पेट्रोल 317 रुपये से बढ़कर 398 रुपये (25.6% वृद्धि)
  • 95 ऑक्टेन पेट्रोल 365 रुपये से बढ़कर 455 रुपये (24.7% वृद्धि)
  • केरोसिन 195 रुपये से बढ़कर 255 रुपये (30.8% वृद्धि)

परिवहन क्षेत्र में हड़कंप

निजी बस मालिकों के संघ के अध्यक्ष गामुनु विजयरत्ने ने कहा कि डीजल की कीमत में यह अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी है। बिना पर्याप्त किराया वृद्धि के हम बसें नहीं चला सकते। हमें कम से कम 15 प्रतिशत किराया बढ़ाने की जरूरत है। वहीं लंका प्राइवेट बस ओनर्स एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि अगर बस किराए में आधिकारिक संशोधन नहीं हुआ तो वे राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर जाएंगे। राष्ट्रीय परिवहन आयोग (एनटीसी) के अनुसार, नई कीमतों के आधार पर बस किराए में 10 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि आवश्यक है। एनटीसी महानिदेशक निलान मिरांडा ने बताया कि संशोधित बस किराए को मंजूरी के लिए सोमवार को कैबिनेट में पेश किया जाएगा।

क्या बोले सरकारी प्रवक्ता?

सरकारी प्रवक्ता एवं मंत्री नलिंदा जयतिस्सा ने कहा कि ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद सरकार डीजल पर 100 रुपये प्रति लीटर और पेट्रोल पर 20 रुपये प्रति लीटर की सब्सिडी दे रही है, जिससे मासिक 20 अरब रुपये का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ रहा है। उन्होंने आगे कहा कि अगर कीमतें नहीं बढ़ाई जातीं तो सरकार पर करीब 1.5 अरब अमेरिकी डॉलर का अतिरिक्त भार पड़ता। इस दौरान मंत्री ने जनता से ईंधन और बिजली का सोच समझकर उपयोग करने और जमाखोरी से बचने की अपील की है।

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दूसरी ओर विपक्ष ने आरोप लगाया है कि सरकार पेट्रोल पर प्रति लीटर 119 रुपये और डीजल पर 93 रुपये का कर वसूल रही है, जिसे हटाकर जनता को राहत दी जा सकती है।

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