Relief for India Amidst LPG Crisis Trump Lifts Sanctions on Russian Oil Stranded at Sea LPG संकट के बीच भारत के लिए एक और राहत की खबर, ट्रंप ने समुद्र में फंसे रूसी तेल से प्रतिबंध हटाया, International Hindi News - Hindustan
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LPG संकट के बीच भारत के लिए एक और राहत की खबर, ट्रंप ने समुद्र में फंसे रूसी तेल से प्रतिबंध हटाया

ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने इस रणनीतिक मार्ग को अवरुद्ध करने के संकेत दिए हैं, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें फिर से 100 डॉलर के पार चली गई हैं।

Fri, 13 March 2026 08:23 AMHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
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LPG संकट के बीच भारत के लिए एक और राहत की खबर, ट्रंप ने समुद्र में फंसे रूसी तेल से प्रतिबंध हटाया

Iran War Updates: ईरान के साथ जारी भीषण युद्ध और आसमान छूती तेल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाली अमेरिकी सरकार ने एक चौंकाने वाला फैसला लिया है। अमेरिका ने गुरुवार को समुद्र में फंसे हुए रूसी कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों पर लगे प्रतिबंधों को अस्थायी रूप से हटा दिया है। यह कदम वैश्विक बाजार में तेल की आपूर्ति बढ़ाने और 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जा चुकी कीमतों को नीचे लाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

अमेरिकी वित्त विभाग के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) द्वारा जारी नए 'जनरल लाइसेंस' के तहत यह छूट केवल 11 अप्रैल 2026 तक प्रभावी रहेगी। यह अनुमति केवल उसी रूसी तेल के लिए है जो 12 मार्च की मध्यरात्रि से पहले जहाजों पर लोड किया जा चुका था और वर्तमान में समुद्र में है। वित्त मंत्री स्कॉट बेसेन्ट के अनुसार, इस कदम से बाजार में करोड़ों बैरल कच्चा तेल उपलब्ध होगा, जिससे ईरान संकट के कारण बढ़ी कीमतों पर लगाम लगेगी।

यूक्रेन युद्ध के बाद लगाए थे प्रतिबंध

आपको बता दें कि साल 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण के बाद से अमेरिका और G7 देशों ने रूसी तेल पर कड़ा 'प्राइस कैप' और प्रतिबंध लगाए थे। लेकिन अब मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध ने अमेरिका को अपनी प्राथमिकताओं पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर कर दिया है। इसे रूस को सजा देने के अमेरिकी प्रयासों में एक बड़े टर्निंग पॉइंट के रूप में देखा जा रहा है।

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तेल की कीमतों में इस उछाल का मुख्य कारण हॉर्मुज जलडमरूमध्य का प्रभावी रूप से बंद होना है। ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने इस रणनीतिक मार्ग को अवरुद्ध करने के संकेत दिए हैं, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें फिर से 100 डॉलर के पार चली गई हैं। हॉर्मुज मार्ग बंद होने से दुनिया की लगभग 20% तेल आपूर्ति ठप होने का खतरा पैदा हो गया है।

रूस को फायदा नहीं, वित्त मंत्री का दावा

वित्त मंत्री स्कॉट बेसेन्ट ने सोशल मीडिया एक्स पर स्पष्ट किया कि यह एक अल्पकालिक उपाय है। उन्होंने कहा, "यह कदम केवल ट्रांजिट में मौजूद तेल पर लागू होता है और इससे रूसी सरकार को कोई सार्थक वित्तीय लाभ नहीं होगा। राष्ट्रपति ट्रंप वैश्विक ऊर्जा बाजारों में स्थिरता को बढ़ावा देने और कीमतों को कम रखने के लिए यह निर्णायक कार्रवाई कर रहे हैं।"

एस्कॉर्ट के लिए तैयारी नहीं US की नौसेना

अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने एक इंटरव्यू में स्वीकार किया कि तेल टैंकरों की सुरक्षा के लिए अमेरिकी नौसेना अभी पूरी तरह तैयार नहीं है। उन्होंने कहा, "अमेरिकी नौसेना वर्तमान में हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले टैंकरों को एस्कॉर्ट करने के लिए तैयार नहीं है।" इसमें अभी और समय लग सकता है, यही कारण है कि अमेरिका ने वैकल्पिक मार्ग के रूप में रूसी तेल की आपूर्ति को मंजूरी दी है।

अमेरिका के इस फैसले से भारत और चीन जैसे देशों को बड़ी राहत मिल सकती है, जो समुद्र में फंसे हुए रूसी कार्गो को अब बिना किसी कानूनी डर के खरीद सकेंगे। हालांकि यह देखना बाकी है कि क्या 11 अप्रैल तक की यह छोटी सी छूट वैश्विक अर्थव्यवस्था को बड़ी मंदी से बचा पाएगी या नहीं।

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