PM Modi Israel visit Knesset opposition leader Yair Lapid threatens to boycott Netanyahu speech PM मोदी की यात्रा को लेकर इजरायल में राजनीति, नेता विपक्ष ने दी नेतन्याहू को धमकी, International Hindi News - Hindustan
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PM मोदी की यात्रा को लेकर इजरायल में राजनीति, नेता विपक्ष ने दी नेतन्याहू को धमकी

प्रधानमंत्री मोदी की इजरायल यात्रा के पहले वहां की घरेलू राजनीति में विवाद शुरू हो गया है। इजरायल के नेता विपक्ष ने पीएम मोदी के केनेसेट भाषण का बहिष्कार करने की धमकी दी है। उन्होंने कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट अध्यक्ष को वहां नहीं बुलाया गया तो वह भी नहीं आएँगे।

Sun, 22 Feb 2026 10:45 PMUpendra Thapak लाइव हिन्दुस्तान
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PM मोदी की यात्रा को लेकर इजरायल में राजनीति, नेता विपक्ष ने दी नेतन्याहू को धमकी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आठ साल के बाद इजरायल की यात्रा पर जा रहे हैं। पिछले दौरे लेकर अब तक दोनों देशों में काफी कुछ बदल चुका है। ऐसे में दोनों ही तरफ इस दौरे का बेसब्री के साथ इंतजार किया जा रहा है। लेकिन अब पीएम मोदी के इस दौरे के पहले इजरायल की घरेलू राजनीति उलझती हुई नजर आ रही है। इजरायली नेता विपक्ष यार लिपिड ने प्रधानमंत्री नेतन्याहू को चेतावनी दी है कि अगर परंपरा के मुताबिक इजरायली सुप्रीम कोर्ट के प्रमुख को पीएम मोदी के भाषण के दौरान नहीं कैनेसेट (इजरायली संसद) में नहीं बुलाया गया, तो वह भी भाषण का बहिष्कार कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी 25 फरवरी को इजरायल के दौरे पर जा रहे हैं। यहां पर वह अपने इजरायली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू और इजरायली राष्ट्रपति आइजैक हेजबर्ग से मुलाकात करेंगे और इरजरायली संसद को संबोधित करेंगे। इसी संबोधन को लेकर वहां पर विवाद हो रहा है।

नेता विपक्ष लापिड ने मांग की है कि जब प्रधानमंत्री मोदी संसद को संबोधित करें, तो उस वक्त वहां पर सुप्रीम कोर्ट के अध्यक्ष इत्जैक अमिट को भी आमंत्रित किया जाए। लापिड की तरफ से कहा गया कि हम पीएम मोदी के भाषण के बहिष्कार के लिए नहीं कह रहे हैं, लेकिन सरकार हमें जानबूझकर ऐसी स्थिति में डालने की कोशिश कर रही है।

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इजरायली संसद में लापिड ने कहा, "हमने इस मामले में भारतीय दूतावास से बात की है, वह इस विवाद से चिंतित हैं। भारत के प्रधानमंत्री का केनेसेट में आना हम सभी के लिए बड़े सम्मान की बात है।" उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नेतन्याहू सरकार सुप्रीम कोर्ट के अध्यक्ष का इस भाषण के दौरान बहिष्कार करती है, तो विपक्ष भी इसमें शामिल नहीं होगा। उन्होंने कहा, "हम नहीं चाहते कि एक अरब से अधिक आबादी वाले देश के प्रधानमंत्री आधे खाली केनेसट के सामने खड़े हों, हमें भारत को असहज करने वाली स्थिति में नहीं डालना चाहिए।"

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नेतन्याहू सरकार का लापिड पर हमला

भारत के प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान घरेलू राजनीति को उठाने के लिए नेतन्याहू सरकार ने लापिड की आलोचना की है। केनेसेट स्पीकर अमिर ओहाना ने लापिड पर आरोप लगाया कि वह घरेलू राजनीति के लिए भारत और इजरायल के संबंधों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह आंतरिक राजनीतिक संघर्ष में अवैध हथियार का इस्तेमाल करने जैसा है।

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ओहाना ने यह भी पूछा कि लापिड ने अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलेई और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के संबोधन का बहिष्कार क्यों नहीं किया, जबकि तब भी जस्टिस अमिट को आमंत्रित नहीं किया गया था। लापिड ने जवाब में प्रधानमंत्री नेतन्याहू से अपील की कि वे स्पीकर को निर्देश दें कि सुप्रीम कोर्ट अध्यक्ष को भी औपचारिक बैठक में आमंत्रित किया जाए।

नेतन्याहू और सुप्रीम कोर्ट के प्रमुख के बीच क्या विवाद?

दरअसल, इजरायल की राजनीति में यह विवाद दो साल से भी ज्यादा पुराना है। पिछले दो वर्षों से यह देश न्यायिक सुधार को लेकर गहरे विभाजन से जूझ रहा है। इन मामलों में जस्टिस अमिट को सरकार का विरोधी माना जाता है। जनवरी 2025 में इत्जैक अमिट के सुप्रीम कोर्ट अध्यक्ष चुने जाने के बाद भी उन्हें मुख्य न्यायाधीश की मान्यता नहीं दी गई थी। इसके बाद सरकारी गजट में भी उनका नाम प्रकाशित नहीं किया गया है। इसी वजह से सरकार जस्टिस अमिट को कैनेसेट के कार्यक्रमों में आमंत्रित नहीं करती है।

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