पाकिस्तान ने फिर फैला दिया कटोरा? आईएमएफ से किया बड़ा समझौता, मिलेगी इतनी रकम
पाकिस्तान की परेशानियां दूर होने का नाम नहीं ले रही हैं। अपने आर्थिक संकट को दूर करने के लिए पाकिस्तान लगातार कोशिशों में जुटा हुआ है। इसी कड़ी में उसने एक बार फिर आईएमएफ के सामने कटोरा फैला दिया है।
पाकिस्तान की परेशानियां दूर होने का नाम नहीं ले रही हैं। अपने आर्थिक संकट को दूर करने के लिए पाकिस्तान लगातार कोशिशों में जुटा हुआ है। इसी कड़ी में उसने एक बार फिर आईएमएफ के सामने कटोरा फैला दिया है। पाकिस्तान और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने दो अलग-अलग व्यवस्थाओं के तहत लगभग 1.2 अरब डॉलर के लिए एक शुरुआती समझौता किया है।
साल 2024 से सिलसिला
गौरतलब है कि पाकिस्तान 2024 में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के सात अरब डॉलर के ईएफएफ कार्यक्रम में शामिल हुआ, जिसका उद्देश्य अर्थव्यवस्था को मजबूत करना, बाजार में विश्वास बहाल करना, राजकोषीय सुधारों को बनाए रखना और ऊर्जा क्षेत्र की अक्षमताओं को कम करना है। पिछले साल, पाकिस्तान को जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने, आपदा प्रबंधन को मजबूत करने, जल दक्षता में सुधार करने और हरित वित्तपोषण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘रेजिलिएंस एंड सस्टेनेबिलिटी फैसिलिटी’ (आरएसएफ) के तहत 1.4 अरब डॉलर की सुविधा प्राप्त हुई।
आईएमएफ ने क्या बताया
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने शनिवार को बताया कि दोनों पक्षों ने विस्तारित कोष सुविधा (ईएफएफ) की तीसरी समीक्षा और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने और अन्य पर्यावरण अनुकूल पहल ( रेजिलिएंस एंड सस्टेनेबिलिटी फैसिलिटी) से जुड़ी सुविधा के तहत दूसरी समीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न कर ली है। आईएमएफ के प्रतिनिधिमंडल ने 25 फरवरी से दो मार्च तक कराची और इस्लामाबाद में पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ बातचीत की थी, लेकिन उस समय कोई समझौता नहीं हो पाया था। इसके बाद बातचीत ऑनलाइन जारी रही और अंत में मुद्राकोष के अधिकारियों और सरकार के बीच सहमति बन गई।
बन गई है सहमति
आईएमएफ ने एक बयान में कहा कि उसके अधिकारियों और पाकिस्तान के अधिकारियों के बीच इन दोनों व्यवस्थाओं की समीक्षा को लेकर सहमति बन गई है। पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय ने भी कहाकि 37 महीने की ईएफएफ व्यवस्था और 28 महीने की आरएसएफ व्यवस्था की समीक्षा पर सहमति बन गई है। आईएमएफ की मिशन प्रमुख इवा पेट्रोवा ने कहा कि बोर्ड की मंजूरी मिलने के बाद पाकिस्तान को ईएफएफ के तहत लगभग एक अरब डॉलर और आरएसएफ के तहत करीब 21 करोड़ डॉलर की राशि मिल सकेगी।
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