मध्यस्थ बनने के चक्कर में निकली पाकिस्तान की हवा, अब सऊदी और तुर्की क्यों निकले शहबाज शरीफ?
पाकिस्तान अगले दौर की बातचीत इस्लामाबाद में कराने के लिए पूरा जोर लगा रहा है। हालांकि रिपोर्ट्स के मुताबिक आगे की बातचीत के लिए जेनेवा जैसे कुछ दूसरे शहरों पर विचार किया जा रहा है।
अमेरिका और ईरान युद्ध में मध्यस्थ बनने की कोशिश में पाकिस्तान की हालत इन दिनों पतली हो गई है। जिस तरह पहले दौर की बातचीत के बाद समझौता तो दूर, किसी भी मुद्दे पर सहमति तक नहीं बनी, उससे पाकिस्तान की योग्यता पर सवाल उठने लाजमी हैं। इसके बाद अब पाकिस्तान इधर उधर हाथ पैर मार रहा है। अब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ इस हफ्ते सऊदी अरब और तुर्किये की यात्रा पर जा रहे हैं।
पाकिस्तानी पीएम का यह दौरा दरअसल पाक की उन कोशिशों का हिस्सा है, जिनके तहत पाकिस्तान खुद को एक मजबूत मध्यस्थ के तौर पर स्थापित करने में लगा है। इससे पहले रिपोर्ट्स में यह बात सामने आई थी कि अमेरिका और ईरान दोनों ही पक्ष बातचीत के लिए इस्लामाबाद के अलावा दूसरे शहरों के नाम पर विचार कर रहे हैं। वहीं पाकिस्तान पूरी कोशिश में जुटा है कि बातचीत इस्लामाबाद में ही हो।
क्यों हो रहा पाक PM का यह दौरा?
शहबाज शरीफ के दौरे की जानकारी देते हुए पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने मंगलवार को एक बयान में बताया कि शहबाज शरीफ ने उन्हें पूरी रणनीति के बारे में जानकारी दी है, जिसमें दूसरे देशों के साथ मिलकर बातचीत को आगे बढ़ाने और शांति प्रक्रिया को मजबूत करने की कोशिश शामिल है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका, ईरान और अन्य बड़ी ताकतों के साथ संपर्क बनाए रखना जरूरी है, ताकि बातचीत जारी रह सके।
इसी बीच पाकिस्तानी मीडिया ने आधिकारिक सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि अमेरिका और ईरान के बीच रुकी हुई वार्ता को फिर से शुरू करने के लिए संपर्क जारी हैं और 21 अप्रैल को दो सप्ताह के युद्धविराम की समाप्ति से पहले बातचीत दोबारा शुरू हो सकती है। पाक अधिकारियों ने कहा है कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, उप प्रधानमंत्री इशाक डार और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर दूसरे दौर की वार्ता सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं, जिससे पश्चिम एशिया में युद्ध समाप्त हो सकता है। वहीं इस्लामाबाद में आयोजित कुछ उच्च स्तरीय बैठकों में, दोनों पक्षों के शीर्ष नेतृत्व के बीच वार्ता के अगले दौर की तैयारी के संकेत दिए गए हैं।
पहले दौर की बातचीत असफल
बता दें कि इससे पहले अमेरिका और ईरान ने बीते शनिवार को 47 सालों में पहली बार सीधी बातचीत की थी। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल और ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद-बघर ग़ालिबफ़ के नेतृत्व में एक ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने 11 अप्रैल को संघर्ष का समाधान खोजने के लिए इस्लामाबाद में एक मैराथन बैठक की थी। हालांकि, यह वार्ता बेनतीजा रही। बातचीत के बाद जेडी वेंस ने कहा है कि अब गेंद ईरान के पाले में है।
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