पागलों को परमाणु हथियार नहीं दे सकते, ट्रंप बोले; अभी और लंबा चलेगा ईरान युद्ध
वाइट हाउस में ट्रंप ने कहा, 'हम दोबारा कभी वैसी समस्या नहीं चाहते। पागल लोगों के साथ तो बिल्कुल नहीं। हम पागल लोगों के नियंत्रण में परमाणु हथियार नहीं रहने दे सकते।' उन्होंने कहा, 'युद्ध बहुत अच्छे से आगे बढ़ रहा है। हम बहुत बढ़िया काम कर रहे हैं।'

अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध अभी और लंबा चल सकता है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐसे संकेत दिए हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट तौर पर कुछ नहीं बताया कि युद्ध कब तक चलेगा। उन्होंने कहा कि ईरान मुद्दे का स्थायी समाधान निकालने की बात कह रहे हैं। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की शुरुआत की थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप ने कहा, 'हम आज भी निकल सकते हैं और जो भी नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई में 10 साल लग जाएंगे।' उन्होंने कहा, 'लेकिन मुझे लगता है कि हमें कुछ और स्थायी करना होगा, ताकि किसी और राष्ट्रपति को इस परेशानी से न गुजरना पड़े।' उन्होंने कहा कि मकसद यह सुनिश्चित करना था कि ईरान कभी परमाणु खतरा न बने।
वाइट हाउस में उन्होंने कहा, 'हम दोबारा कभी वैसी समस्या नहीं चाहते। पागल लोगों के साथ तो बिल्कुल नहीं। हम पागल लोगों के नियंत्रण में परमाणु हथियार नहीं रहने दे सकते।' उन्होंने कहा, 'युद्ध बहुत अच्छे से आगे बढ़ रहा है। हम बहुत बढ़िया काम कर रहे हैं।' उन्होंने दोहराया कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए।
कार्रवाई का बचाव किया
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के बगैर ईरान पहले ही परमाणु ताकत बन जाता। उन्होंने कहा, 'वे (परमाणु हथियार हासिल करने से) सिर्फ दो हफ्ते दूर थे, तब कोई बातचीत काम नहीं आती। वे बहुत खुशी-खुशी इसका इस्तेमाल कर लेते।' उन्होंने कहा, 'हम अभी निकलने के लिए तैयार नहीं है, लेकिन हम भविष्य में लौटेंगे।'
ट्रंप प्रशासन को झटका
ट्रंप प्रशासन की महत्वपूर्ण संस्था 'नेशनल काउंटरटेररिज्म सेंटर' (NCTC) के प्रमुख जोसेफ केंट ने ईरान पर हमले के विरोध में मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। ईरान के साथ चल रहे युद्ध के विरोध में इस्तीफा देने वाले वे ट्रंप प्रशासन के सबसे वरिष्ठ अधिकारी बन गए हैं।
केंट ने सोशल मीडिया पर अपना त्याग पत्र साझा किया, जिसमें उन्होंने युद्ध के औचित्य पर गंभीर सवाल उठाए। केंट ने कहा कि अमेरिका पर ईरान की ओर से ऐसा कोई 'आसन्न खतरा' नहीं था जिसके लिए युद्ध शुरू किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह युद्ध इज़रायल और उसके शक्तिशाली लॉबी समूह के दबाव में शुरू किया गया है।
केंट ने लिखा, 'मैं अपनी अंतरात्मा की आवाज पर ईरान में चल रहे इस युद्ध का समर्थन नहीं कर सकता।' इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है।
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