Iran using Chinese missiles to attack US and Israel know whats said china about this चीन की मिसाइलों से अमेरिका-इजरायल पर वार कर रहा ईरान? ड्रैगन ने साफ-साफ बताया, International Hindi News - Hindustan
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चीन की मिसाइलों से अमेरिका-इजरायल पर वार कर रहा ईरान? ड्रैगन ने साफ-साफ बताया

चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि इस तरह की खबरें और समझौते की चर्चाएं पूरी तरह दुष्प्रचार अभियान का हिस्सा हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि एक जिम्मेदार बड़ी शक्ति के रूप में चीन हमेशा अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का पालन करता है।

Mon, 2 March 2026 08:16 PMDevendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान
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चीन की मिसाइलों से अमेरिका-इजरायल पर वार कर रहा ईरान? ड्रैगन ने साफ-साफ बताया

मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है। अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के जवाब में ईरान ने जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है, जिसमें ड्रोन और मिसाइल हमले शामिल हैं। इस बीच सोमवार को चीन की सरकार मीडिया में खबरें आईं कि अमेरिकी विमान दुर्घटनाग्रस्त हुए और कुछ नौसैनिक जहाज ईरानी मिसाइल हमलों से क्षतिग्रस्त हो गए। इस खबर के बाद ऐसी मिसाइलों के स्रोत पर सवाल उठने लगे कि क्या ये मिसाइलें चीन से आई हैं। हालांकि, चीन ने स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया है कि उसने अमेरिकी-इजरायली हवाई हमलों से पहले तेहरान को CM-302 सुपरसोनिक एंटी-शिप मिसाइलें बेचने का कोई समझौता किया था।

चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि इस तरह की खबरें और समझौते की चर्चाएं पूरी तरह दुष्प्रचार अभियान का हिस्सा हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि एक जिम्मेदार बड़ी शक्ति के रूप में चीन हमेशा अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का पालन करता है। चीन दुर्भावनापूर्ण गठजोड़ और झूठी सूचनाओं के प्रसार का विरोध करता है, और उम्मीद करता है कि सभी पक्ष तनाव कम करने वाली सकारात्मक कार्रवाई चुनेंगे।

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गौरतलब है कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान के लिए विमानवाहक पोतों सहित बड़े नौसैनिक बेड़े को ईरानी जल क्षेत्र के पास तैनात किया है। अगर ईरान के पास वाकई इस तरह की मिसाइलें होतीं तो ये अमेरिकी नौसैनिक समूह उनके लिए बड़ा खतरा बन सकते थे।

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बता दें कि तेहरान और बीजिंग के मजबूत संबंधों को देखते हुए ईरान चीन को तेल की आपूर्ति करने वाले प्रमुख साझेदारों में से एक है। अब सवाल उठ रहा है कि क्या चीन अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या की निंदा से आगे बढ़कर तेहरान के नए नेतृत्व के साथ अपने रिश्ते और मजबूत करेगा। हालांकि चीन ने अब तक संयमित और सतर्क रुख अपनाया है। अमेरिकी सेना द्वारा उसके करीबी सहयोगी वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी की गिरफ्तारी तथा खामेनेई की हत्या पर उसने कोई आक्रामक बयान नहीं दिया है।

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गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 31 मार्च को बीजिंग का दौरा करने वाले हैं। लेकिन क्या यह दौरा निर्धारित योजना के अनुसार होगा? माओ निंग ने कहा कि दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों के बीच बातचीत को लेकर संपर्क जारी है। वहीं, एक ईरानी पत्रकार के सवाल पर कि चीन अमेरिका द्वारा संप्रभु देशों के नेताओं की हत्या जैसे एकतरफा कदमों को रोकने में क्या भूमिका निभा सकता है, माओ ने अंतरराष्ट्रीय संबंधों में बल प्रयोग या अन्य देशों की संप्रभुता व सुरक्षा के उल्लंघन के खिलाफ चीन के मजबूत विरोध को दोहराया।

उन्होंने कहा कि चीन शांति की अपील करता है, संघर्ष रोकने, संवाद-बातचीत से विवाद सुलझाने और मध्य पूर्व तथा विश्व में शांति व स्थिरता बनाए रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ सहयोग करने को तैयार है।

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