लोगों की नौकरियां खा जाएगा AI? OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने बताया सच
ओपन एआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने कहा कि एआई सभी की नौकरियां नहीं खाने वाला। अभी हाल ही में जिन कंपनियों ने छटनी करके इसका आरोप एआई के ऊपर डाला है, वह गलत है। यह एआई वाशिंग हो रही है। वह यह छटनी वैसे भी करने वाले थे।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानि की एआई, जब से यह शब्द हमारी जिंदगियों में आया है, तब से लेकर अब तक हम इस बात को लगातार सुनते आ रहे हैं, कि एआई जल्दी ही सभी की नौकरियों को खा जाएगा। पिछले तीन से चार सालों में जिस तरीके से एआई ने तरक्की की है, उससे लोगों का यह शक और भी ज्यादा यकीन में बदलने लगा है। रही सही कसर, गूगल, अमेजन और टीसीएस जैसी कंपनियों ने बड़ी मात्रा में छटनीं करके कर दी। विशेषज्ञों ने इस छटनीं के पीछे भी एआई को ही वजह बताया है। लेकिन इस मामले पर दुनिया के सबसे मशहूर एआई प्लेटफार्म चैटजीपीटी के मालिक का कुछ और ही कहना है। ऑल्टमैन का मानना है कहा कि यह छटनीं एआई की वजह से नहीं हुई है, कंपनियां केवल एआई के नाम पर छटनी कर रही हैं।
सीएनबीसी टीवी18 से बात करते हुए ऑल्टमैन ने कंपनियों की तरफ से की जा रही इस छटनी को एक नया नाम देते हुए इसे 'एआई वाशिंग' करार दिया। उन्होंने कहा, "मुझे सही आंकड़े नहीं पता हैं, लेकिन कुछ हद तक एआई वाशिंग हो रही है। ऐसी स्थितियों में लोग उन छटनियों के लिए भी एआई को दोष दे रहे हैं, जिन्हें वह वैसे भी करने वाले थे।
नौकरियां छीनेगा एआई?
सैम ऑल्टमैन ने कहा कि कई कंपनियां अपनी टीम की छटनी के लिए एआई को दोष दे रही हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। एआई आपकी मदद करने के लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित होगा, लेकिन यह सीधे आपकी नौकरी को नहीं छीनेगा। हालांकि आल्टमैन ने इस बात को स्वीकार किया कि एआई की वजह से कुछ नौकरियां सीधे तौर पर प्रभावित होंगी। यह कौनसी नौकरियां होगी, इस पर ऑल्टमैन ने कुछ नहीं कहा।
उन्होंने कहा, "पिछले समय में जितनी भी तकनीकि क्रांति हुई है, उससे लोगों के लिए नौकरियों के अवसर बढ़े ही हैं। इस एआई तकनीक क्रांति में भी हमें नई तरह की नौकरियां मिलेगी। लेकिन आने वाले समय में एआई द्वारा काम किए जाने के असर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगेगा।"
गौरतलब है कि एआई के सैम ऑल्टमैन का मानना इस विषय पर भले ही कुछ भी हो, लेकिन आम लोगों के मन में एआई से जुड़ा डर तो है। एआई लगातार अपने आप को बेहतर कर रहा है, वह आम इंसान की तुलना में बेहतर काम कर सकता है, वह खुद के कोड लिख सकता है। सबसे बड़ी बात वह बिना थके लगातार कई घंटों तक काम कर सकता है, जो कि एक आम इंसान के लिए संभव नहीं है। हाल ही में कंसल्टिंग फर्म चैलेंजेर, ग्रे और क्रिसमस ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया था कि 2025 में एआई की वजह से करीब 55 हजार लोगों की नौकरियां गई हैं। हालांकि यह संख्या बड़ी लगती है, लेकिन 2025 में हुई छटनी का यह एक प्रतिशत से भी कम है।
एआई के क्षेत्र के बड़े नेता भी इस क्षेत्र को लेकर खुलकर बोल चुके हैं। एंट्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई ने बताया कि यह पूरी तरह से पक्का नहीं है कि एआई जितनी नौकरियों को खत्म करेगा उतनी ही पैदा करेगाय या नहीं। वहीं माइक्रोसॉफ्ट के एआई प्रमुख मुस्तफा सुलेमान ने भी कहा कि अगले 18 महीनों में वाइट कॉलर जॉब्स एआई की वजह से या तो खत्म हो जाएंगी या फिर पूरी तरह से बदल जाएँगी।
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