Now Washington Post analysis of Indian strikes on Pakistan show extent of damage in Many Airbase भारत ने तो बहुत अंदर तक घुसकर मारा, अब वाशिंगटन पोस्ट ने गिनाए पाकिस्तान के घाव, International Hindi News - Hindustan
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भारत ने तो बहुत अंदर तक घुसकर मारा, अब वाशिंगटन पोस्ट ने गिनाए पाकिस्तान के घाव

सेटेलाइट तस्वीरें इस बात की पुष्टि करती हैं कि भारत ने पाकिस्तानी वायुसेना के कई ठिकानों पर सटीक हमले किए। अमेरिकी अखबार का कहना है कि भारत ने 1971 के बाद पहली बार पाक के इतने अंदर जाकर हमला किया।

Thu, 15 May 2025 11:38 AMAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, इस्लामाबाद
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भारत ने तो बहुत अंदर तक घुसकर मारा, अब वाशिंगटन पोस्ट ने गिनाए पाकिस्तान के घाव

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के खिलाफ भारत की सैन्य कार्रवाई को लेकर विदेश मीडिया में खूब चर्चा है। अमेरिका के प्रतिष्ठित अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स के बाद अब वाशिंगटन पोस्ट ने अपनी रिपोर्ट में पाकिस्तान में हुई तबाही का विश्लेषण किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 1971 के बाद भारत ने पहली बार पाकिस्तान के इतने अंदर घमकर हमला किया। रिपोर्ट के अनुसार, यह हमला दशकों में भारत-पाकिस्तान के बीच चले आ रहे तनावों के बीच सबसे बड़ा और गंभीर माना जा रहा है। इन हमलों ने पाकिस्तानी सैन्य अड्डों पर महत्वपूर्ण नुकसान पहुंचाया। भारत की यह कार्रवाई 22 अप्रैल को केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में की थी, जिसमें 26 नागरिक मारे गए थे।

सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा

रिपोर्ट में सैटेलाइट तस्वीरों और घटनास्थल के वीडियो की समीक्षा की गई है, जिसमें पाया गया कि भारत के हमलों में तीन हैंगर, दो रनवे और दो मोबाइल एयर फोर्स कंट्रोल यूनिट्स बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। विशेष रूप से, रावलपिंडी में नूर खान हवाई अड्डा और रहीम यार खान हवाई अड्डा बुरी तरह प्रभावित हुए।

भारत ने कुछ हमले तो पाकिस्तान के कम से कम 150 किमोलमीटर अंदर तक किए। किंग्स कॉलेज लंदन के अंतरराष्ट्रीय मामलों के सीनियर लेक्चरर और दक्षिण एशिया सुरक्षा मामलों के विशेषज्ञ वॉल्टर लैडविग के अनुसार, ये हमले “1971 के युद्ध के बाद से पाकिस्तान की सैन्य संरचनाओं पर भारत के सबसे व्यापक हवाई हमले हैं।”

हमलों का उद्देश्य और असर

रिपोर्ट में जियोस्पेशल विश्लेषक विलियम गुडहाइंड के हवाले से लिखा गया है कि “इन हमलों का उद्देश्य पाकिस्तान की हवाई हमलावर और रक्षा क्षमताओं को गंभीर रूप से कमजोर करना था।” हालांकि, मिडलबरी कॉलेज के प्रोफेसर जेफ्री लुईस ने कहा कि एयरबेसों को नुकसान पहुंचा है लेकिन वे पूरी तरह निष्क्रिय नहीं हुए हैं।

भारत-पाकिस्तान ने क्या कहा

भारत ने दावा किया कि उसने पाकिस्तान के 11 ठिकानों को निशाना बनाया। भारत ने इसे “संयमित” और “सटीक” कार्रवाई बताया है। वहीं पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने शुरुआत में कुछ एयरबेस पर नुकसान की बात स्वीकार की थी, लेकिन संख्या नहीं बताई। बुधवार को उन्होंने वाशिंगटन पोस्ट को बताया कि पाकिस्तान की सेना ने अधिकांश भारतीय मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर लिया था, हालांकि “कुछ मिसाइलें छूट गईं।” पाक सेना के अनुसार, कुल छह वायुसेना कर्मियों की मौत हुई है, इनमें पांच भोलेरी एयरबेस पर और एक मुशाफ बेस पर हुई।

प्रमुख ठिकानों को बनाया गया निशाना

रिपोर्ट में भारतीय वायुसेना के दावों को सही पाया गया। भारत ने पहले ही कहा था कि उसने पाकिस्तान के अंदर घुसकर कई प्रमुख एयरबेस को सटीक निशाना बनाया। अब इन हमलों की सैटेलाइट तस्वीरों का हवाला देते हुए अमेरिकी अखबार ने विस्तार से बताया कि कहां-कहां ज्यादा नुकसान हुआ है।

नूर खान एयरबेस (रावलपिंडी): सैटेलाइट इमेजरी की समीक्षा करने के बाद रिपोर्ट में कहा गया है कि इस्लामाबाद के ठीक बाहर रावलपिंडी में नूर खान एयर बेस पर दो मोबाइल कंट्रोल सेंटर नष्ट हो गए। पास के एक पार्किंग स्थल से लिए गए वीडियो में क्षतिग्रस्त क्षेत्र से धुआं निकलता हुआ दिखाई दे रहा है। यह पाकिस्तान का प्रमुख सैन्य परिवहन केंद्र है और परमाणु हथियारों की सुरक्षा संभालने वाली रणनीतिक योजनाओं की इकाई (SPD) के नजदीक स्थित है। एक अन्य सैन्य रिसर्चर ने कहा, "नूर खान एयर बेस पाकिस्तान के सबसे महत्वपूर्ण एयरबेस में से एक है, क्योंकि यह सेना का केंद्रीय परिवहन केंद्र भी है। यह बेस स्ट्रैटेजिक प्लान्स डिवीजन के भी करीब है, जो देश के 170 परमाणु हथियारों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार इकाई है।" सेना का जनरल हेडक्वार्टर और ज्वाइंट स्टाफ हेडक्वार्टर भी नूर खान के पास रावलपिंडी में स्थित है। सैन्य शोधकर्ता ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, "इस तरह के हमले को देश के नियंत्रण केंद्र को नष्ट करने के प्रयास के रूप में समझा जा सकता है।"

भोलेरी और शहबाज एयरबेस: पाकिस्तानी वायुसेना के भोलारी और शाहबाज एयरबेस पर सैटेलाइट इमेजरी से पता चला है कि विमान हैंगर के तौर पर इस्तेमाल की जाने वाली इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा है। भोलारी में एक हैंगर की छत पर करीब 60 फीट चौड़ा एक बड़ा छेद दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह भारतीय मिसाइल का सबसे घातक हमला है। बाहर फुटपाथ पर मलबा बिखरा हुआ था और बगल की एक इमारत पर दीवार गिर गई थी।

भोलेरी में आमतौर पर करोड़ों डॉलर का निगरानी विमान Saab 2000 AEW&C रखे जाते हैं, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि हमले के वक्त विमान अंदर था या नहीं। शाहबाज एयर बेस का इस्तेमाल विशेष रूप से सेना द्वारा किया जाता है। सैटेलाइट तस्वीरों में एक हैंगर में एक और बड़ा छेद दिख रहा है, जो 100 फीट से अधिक चौड़ा था, और एक कंट्रोल टॉवर को नुकसान पहुंचा है।

सुक्कुर एयरपोर्ट: रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण-पूर्व पाकिस्तान में स्थित सुक्कुर हवाई अड्डे का इस्तेमाल नागरिक और सैन्य दोनों उद्देश्यों के लिए किया जाता है। यहां भी एक और हैंगर हमले से ढह गया और स्पष्ट दिख रहा है कि रडार साइट नष्ट हो गई।

मुशाफ और शेख जायद इंटरनेशनल एयरपोर्ट: भारतीय हमलों के कारण मुशफ एयर बेस और शेख जायद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रनवे पर बड़े गड्ढे हो गए। सैटेलाइट फर्म प्लैनेट और मैक्सार की तस्वीरों के अनुसार, मुशफ में गड्ढे अगले दिन तक ठीक हो गए या मरम्मत चल रही थी। पाकिस्तान की सेना ने बुधवार को बताया कि भोलारी में वायुसेना के पांच सदस्य मारे गए और मुशफ में एक सदस्य मारा गया। पाकिस्तान के अंग्रेजी अखबार डॉन ने खबर दी है कि शेख जायद हवाई अड्डे के रॉयल लाउंज, जिसका नाम संयुक्त अरब अमीरात के दिवंगत संस्थापक के नाम पर रखा गया है, उसको काफी नुकसान पहुंचा है।

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भारत अब ज्यादा अक्रामक रुख अपना रहा

रिपोर्ट में लैडविग के हवाले से लिखा है कि "एक ही समय में पाकिस्तान में इतने सारे सैन्य ठिकानों पर हमला करना भारत की ओर से जानबूझकर किया गया बदलाव दर्शाता है।" उन्होंने कहा कि भारत ने पहले अपने हवाई अभियानों को कश्मीर या पाकिस्तान के दूरदराज के इलाकों तक सीमित रखा था। अब, लैडविग ने कहा, भारत "आतंकवादी हमलों को पारंपरिक सैन्य प्रतिशोध के आधार के रूप में देख रहा है।"

भारत-पाकिस्तान तनाव की पृष्ठभूमि

22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 नागरिकों की मौत के बाद यह कार्रवाई हुई है। भारत ने इस हमले के पीछे पाकिस्तान का हाथ बताया, जबकि पाकिस्तान ने किसी भी संलिप्तता से इनकार करते हुए अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की।

तेजी से बढ़ा तनाव, अमेरिका चिंतित

शनिवार को दोनों देशों के बीच अचानक बढ़े तनाव से अमेरिका में भी चिंता जताई गई। व्हाइट हाउस अधिकारियों को आशंका थी कि यह स्थिति परमाणु युद्ध की ओर बढ़ सकती है। हालात बिगड़ने से पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कथित पहल पर कुछ घंटों में दोनों पक्षों ने संघर्ष विराम की घोषणा की।

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