now oman could be venue for iran and america peace talk पाकिस्तान रहा फेल, अब ओमान निकालेगा समाधान; आखिर क्या है ईरान का प्लान, International Hindi News - Hindustan
More

पाकिस्तान रहा फेल, अब ओमान निकालेगा समाधान; आखिर क्या है ईरान का प्लान

ईरानी सूत्रों का दावा है कि अब अगली मध्यस्थता बैठक ओमान में ही हो सकती है। ओमान पहले भी ईरान की पसंद रहा है। कुछ दिन पहले ही आसिम मुनीर भी ओमान गए थे और माना जा रहा है कि पाकिस्तान भी अब मान चुका है कि उसके जरिए समझौता हो पाना संभव नहीं है। ओमान अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता के लिए वेन्यू रहा है।

Mon, 27 April 2026 02:01 PMSurya Prakash लाइव हिन्दुस्तान, तेहरान/मस्कट
share
पाकिस्तान रहा फेल, अब ओमान निकालेगा समाधान; आखिर क्या है ईरान का प्लान

ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध खत्म कराने के लिए समझौते का दावा करने वाला पाकिस्तान फेल रहा है। अब तक दो राउंड की वार्ता किसी नतीजे तक नहीं निकली है। हालात ऐसे हैं कि डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि अब ईरान सामने कोई बात नहीं होगी और इसमें वक्त खराब होता है। ईरान को यदि कोई जरूरत है या समझौते की इच्छा है तो वह हमें सीधे फोन कर सकता है। वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पाकिस्तान से सीधे ओमान की फ्लाइट पकड़ ली और फिर रूस पहुंचे हैं। अब इस मामले में रूस की एंट्री ने माहौल और गरमा दिया है। अमेरिका ने ईरान के विदेश मंत्री के रूस दौरे पर सारी पाइपलाइनें ही तबाह करने की धमकी दी है।

वहीं ईरानी सूत्रों का दावा है कि अब अगली मध्यस्थता बैठक ओमान में ही हो सकती है। ओमान पहले भी ईरान की पसंद रहा है। कुछ दिन पहले ही आसिम मुनीर भी ओमान गए थे और माना जा रहा है कि पाकिस्तान भी अब मान चुका है कि उसके जरिए समझौता हो पाना संभव नहीं है। वहीं ओमान पहले भी अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता के लिए वेन्यू रहा है। यहां तक कि जब अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर 28 फरवरी को हमले हुए थे तो ओमान में ही वार्ता चल रही थी। वहीं कुछ जानकारों का मानना है कि पाकिस्तान इस वार्ता को सिर्फ इसलिए आयोजित करना चाहता था ताकि अमेरिका से उसके रिश्ते सुधर जाएं।

इस बीच ईरान के विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार अब्बास अराघची ने रविवार को ओमान में होर्मुज जलडमरूमध्य तथा खाड़ी के व्यापक जलक्षेत्र में सुरक्षा तथा ईरान-अमेरिका संघर्ष को समाप्त करने के राजनयिक प्रयासों पर चर्चा की। मस्कट में ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक अल-सईद के साथ बातचीत में, अराघची ने कहा कि मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति असुरक्षा और विभाजन को बढ़ावा दे रही है, और उन्होंने बाहरी हस्तक्षेप से मुक्त क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचे की मांग की। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रविवार को अधिकांश समय ओमान में बिताया। ओमान की सीमा होर्मुज स्ट्रेट से लगती है। इसलिए भी वह अहम है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:पहले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलो, तब होगी आगे की बात; ईरान का US को नया ऑफर

ईरान ने वार्ता से पहले अमेरिका से रखी दी एक मांग

मध्यस्थता के प्रयासों में शामिल एक अधिकारी ने बताया कि ईरान अभी भी इस बात पर जोर दे रहा है कि ट्रंप प्रशासन के साथ बातचीत का नया दौर शुरू करने से पहले, उसके बंदरगाहों पर अमेरिका द्वारा लगाई गई नाकेबंदी को समाप्त किया जाए। उन्होंने आगे कहा कि मस्कट में अराघची की बातचीत का मुख्य केंद्र होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े मुद्दे रहे हैं, जो कि बातचीत के मार्ग में आने वाली प्रमुख चुनौतियों में से एक है। उन्होंने बताया कि ईरान ओमान को इस बात के लिए राजी करना चाहता है कि वह होर्मुज से गुजरने वाले पोतों से 'टोल' (शुल्क) वसूलने की व्यवस्था का समर्थन करे।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:ईरान जंग के बीच मुस्लिम देश के करीब आया इजरायल, सुरक्षा के लिए भेजा था आयरन डोम
ये भी पढ़ें:उत्तराखंड में 30 अप्रैल तक बिजली कटौती, UPCL बोला- ईरान-अमेरिका युद्ध का असर

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।