No H-1B Visas in the US for Three Years Bill Introduced Indian Jobs at Risk अब अमेरिका में तीन साल तक नहीं मिलेगा H-1B वीजा? विधेयक पेश; भारतीयों की नौकरी पर खतरा, International Hindi News - Hindustan
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अब अमेरिका में तीन साल तक नहीं मिलेगा H-1B वीजा? विधेयक पेश; भारतीयों की नौकरी पर खतरा

अमेरिका की संसद में एक विधेयक पेश किया गया है जिसमें कहा गया है कि एच-1बी वीजा पर तीन साल का प्रतिबंध लगना चाहिए। हालांकि अभी यह विधेयक पास नहीं हुआ है। अमेरिका में एच-1बी वीजा पर नौकरी करने वाले बड़ी संख्या मेंभारतीय हैं।

Sat, 25 April 2026 12:38 PMAnkit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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अब अमेरिका में तीन साल तक नहीं मिलेगा H-1B वीजा? विधेयक पेश; भारतीयों की नौकरी पर खतरा

अमेरिका की संसद में एच-1बी वीजा पर तीन साल के लिए रोक लगाने का विधेयक पेश हो गया है। अगर यह विधेयक पास होकर कानून बन जाता है तो भारतीयों की नौकरी पर बड़ा खतरा मंडराने लगेगा। 2022-23 के आंकड़े देखें तो अमेरिका का एच-1बी वीजा पाने वालों में 72 प्रतिशत के आसपास भारतीय हैं। वहीं कुछ सालों में यह आंकड़ा 75 फीसदी तक गिरा है। ऐसे में कानून बनने के बाद नए एच-1बी वीजा पर रोक ही लग जाएगी और अमेरिका में नौकरी करने का भारतीयों का सपना चूर हो जाएगा।

रिपब्लिकन पार्टी के सांसदों के एक समूह ने कांग्रेस (अमेरिकी संसद) में एच-1बी वीजा कार्यक्रम को तीन साल के लिए स्थगित करने संबंधी विधेयक पेश किया है। रिपब्लिकन सांसदों का तर्क है कि इस कार्यक्रम का दुरुपयोग करके अमेरिकी कामगारों की जगह कम दाम में विदेशी कर्मी लाए जा रहे हैं। एरिजोना से सांसद एली क्रेन ने 'एंड एच-1बी वीजा एब्यूज एक्ट ऑफ 2026' पेश किया, जिसे सात अन्य रिपब्लिकन सांसदों ने भी समर्थन दिया है।

विधेयक में क्या-क्या हैं प्रावधान

विधेयक में एच-1बी कार्यक्रम में सुधारों का प्रस्ताव है, जिसमें वार्षिक सीमा को 65,000 से घटाकर 25,000 करना, न्यूनतम वेतन 2,00,000 अमेरिकी डॉलर प्रति वर्ष निर्धारित करना और एच-1बी वीजा धारकों को आश्रितों को अमेरिका लाने की अनुमति नहीं देना शामिल है।

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एच-1बी वीजा धारक सबसे ज्यादा भारतीय

कांग्रेस सदस्य ब्रायन बैबिन, ब्रैंडन गिल, वेस्ली हंट, कीथ सेल्फ (सभी टेक्सास से), एंडी ओगल्स (टेनेसी से), पॉल गोसर (एरिजोना से) और टॉम मैक्लिंटॉक (कैलिफोर्निया से) ने विधेयक के मूल सह-प्रायोजक के रूप में हस्ताक्षर किए हैं। अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनियां विदेशी कर्मियों को नियुक्त करने के लिए बड़े पैमाने पर एच-1बी वीजा कार्यक्रम का उपयोग करती हैं। प्रौद्योगिकी क्षेत्र के कर्मचारियों और चिकित्सकों सहित भारतीय पेशेवर, एच-1बी वीजा धारकों के सबसे बड़े समूहों में से एक हैं।

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इस विधेयक में एच-1बी कार्यक्रम में बदलाव प्रस्तावित हैं, जिनमें लॉटरी प्रणाली को वेतन-आधारित चयन प्रणाली से बदलना; नियोक्ताओं के लिए इस बात को प्रमाणित करना अनिवार्य किया गया है कि उन्हें कोई योग्य अमेरिकी कर्मचारी नहीं मिल पा रहा है और उन्होंने छंटनी नहीं की है; एच-1बी कर्मचारियों को एक से अधिक नौकरियां करने से रोकना और तृतीय-पक्ष भर्ती एजेंसियों द्वारा उन्हें रोजगार देने पर प्रतिबंध लगाना शामिल है।

विधेयक में संघीय एजेंसियों द्वारा गैर-प्रवासी कर्मचारियों को प्रायोजित करने या रोजगार देने पर प्रतिबंध लगाने; वैकल्पिक व्यावहारिक प्रशिक्षण (ओपीटी) को समाप्त करने और एच-1बी धारकों को स्थायी निवासी बनने से रोककर यह सुनिश्चित करने का भी प्रावधान है कि गैर-प्रवासी वीजा अस्थायी ही रहें।प्रस्तावित बदलावों में गैर-प्रवासियों के लिए अमेरिका में रहने के दौरान कोई अन्य गैर-प्रवासी दर्जा हासिल करने से पहले अमेरिका छोड़ने को अनिवार्य किया गया है।

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