Israel launches new wave of strikes on Iran cites with no sign diplomatic breakthrough ईरान पर फिर टूट पड़ा इजरायल, हथियार बनाने वाले ठिकानों पर हमले; तेहरान आगबबूला, International Hindi News - Hindustan
More

ईरान पर फिर टूट पड़ा इजरायल, हथियार बनाने वाले ठिकानों पर हमले; तेहरान आगबबूला

मिस्र, तुर्की और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों के बीच फोन पर बातचीत हो रही है ताकि अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत का रास्ता निकाला जा सके। हालांकि, अमेरिका ने क्षेत्र में अतिरिक्त सैनिक भेजे हैं, जिसमें 2500 मरीन शामिल हैं। 

Fri, 27 March 2026 03:47 PMNiteesh Kumar लाइव हिन्दुस्तान
share
ईरान पर फिर टूट पड़ा इजरायल, हथियार बनाने वाले ठिकानों पर हमले; तेहरान आगबबूला

इजरायल ने ईरान पर हमलों की नई लहर शुरू कर दी है। ऐसे में कूटनीतिक समाधान की कोई संभावना नहीं दिख रही है। शुक्रवार को इजरायली सेना ने तेहरान के बीचों-बीच बैलिस्टिक मिसाइल प्रोडक्शन साइट्स और अन्य हथियार निर्माण केंद्रों पर हमले किए। साथ ही पश्चिमी ईरान में मिसाइल लॉन्चर और भंडारण स्थलों को निशाना बनाया गया। ईरान ने जवाब में खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन दागे, जिससे बहरीन, कतर और संयुक्त अरब अमीरात में सायरन बजाए गए। कुवैत के शुवैख पोर्ट को नुकसान पहुंचा, हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:डील से डिप्लोमेसी तक; ट्रंप का नूर-ए-नजर बनने को पाकिस्तान ने ऐसे चली चाल

ईरान के हमले से लेबनान की राजधानी बेरूत पर भी धुआं उठता दिखा, जबकि इजरायल में हवाई हमलों से बचाव के प्रयास किए जा रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध समाप्त करने की बातचीत अच्छी चल रही बताई और हार्मुज स्ट्रेट खोलने की समयसीमा को 6 अप्रैल तक बढ़ा दिया, लेकिन ईरान ने किसी बातचीत से इनकार किया है। ट्रंप प्रशासन ने ईरान को 15 सूत्री युद्धविराम प्रस्ताव दिया है, जिसमें परमाणु कार्यक्रम पर रोक और हार्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना शामिल है। पाकिस्तान के माध्यम से यह प्रस्ताव भेजा गया। ईरान ने इसे ठुकराते हुए अपना 5 सूत्री प्रस्ताव रखा, जिसमें मुआवजा और स्ट्रेट पर अपनी संप्रभुता की मान्यता की मांग है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:डील से डिप्लोमेसी तक; ट्रंप का नूर-ए-नजर बनने को पाकिस्तान ने ऐसे चली चाल

अमेरिका-ईरान के बीच सीधी बातचीत का प्रयास

मिस्र, तुर्की और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों के बीच फोन पर बातचीत हो रही है ताकि अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत का रास्ता निकाला जा सके। हालांकि, अमेरिका ने क्षेत्र में अतिरिक्त सैनिक भेजे हैं, जिसमें 2500 मरीन और 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के पैराट्रूपर्स शामिल हैं। यह कदम हार्मुज पर नियंत्रण हासिल करने की तैयारी माना जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भी ईरान पर बंद चर्चा हुई, जिसमें रूस ने अमेरिका-इजरायल के हमलों की निंदा की। युद्ध के आर्थिक प्रभाव दूरगामी हैं। विश्व तेल आपूर्ति का 5वां हिस्सा हार्मुज से गुजरता है, जिस पर ईरान का कब्जा वैश्विक ऊर्जा संकट पैदा कर रहा है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:US के खिलाफ जंग में कूदे रूस-चीन, ईरान का खुलासा; कहा- हमें मिल रही सैन्य मदद

साथ ही, ब्रेंट क्रूड तेल की कीमत 107 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई, जो युद्ध शुरू होने से 45 प्रतिशत अधिक है। स्टॉक मार्केट में भारी गिरावट आई है। ईरान ने कुछ जहाजों से टोल वसूलना शुरू कर दिया है। क्षेत्रीय देशों में ईरान समर्थित मिलिशिया सक्रिय हैं, जिससे इराक में सुरक्षा बलों के 80 सदस्य मारे गए। इजरायल, लेबनान और खाड़ी देशों में भी मौतें हो रही हैं। ईरान में युद्ध शुरू होने से अब तक 1900 से अधिक लोग मारे गए हैं, जबकि लेबनान में 1100 से ज्यादा मौतें हुई हैं। तेहरान के लगभग हर इलाके में नुकसान हुआ है। 82,000 नागरिक भवन, अस्पताल और 1,80,000 लोगों के घर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। लाखों लोग विस्थापित हो सकते हैं।

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।