Is Iran new supreme leader Mojtaba Khamenei wounded in US Iran War media calling Jaanbaz of Ramadan War ईरान के नए सुप्रीम लीडर भी हो गए घायल? मोजतबा को क्यों कहा जा रहा ‘रमजान युद्ध का जाबांज’, International Hindi News - Hindustan
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ईरान के नए सुप्रीम लीडर भी हो गए घायल? मोजतबा को क्यों कहा जा रहा ‘रमजान युद्ध का जाबांज’

मोजतबा खामेनेई की नियुक्ति के बाद ईरानी अधिकारियों ने लोगों से सड़कों पर इकट्ठा होकर नए सुप्रीम लीडर के प्रति समर्थन जताने की अपील की। इसके बाद तेहरान में हजारों लोग समर्थन दिखाने के लिए सड़कों पर उतरे।

Tue, 10 March 2026 03:01 PMJagriti Kumari लाइव हिन्दुस्तान
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ईरान के नए सुप्रीम लीडर भी हो गए घायल? मोजतबा को क्यों कहा जा रहा ‘रमजान युद्ध का जाबांज’

US-Iran War: अमेरिकी और इजरायली हमले में अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान में उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर नियुक्त कर दिया गया है। हालांकि अब एक दिन बाद ही मोजतबा को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक नए सुप्रीम लीडर मोजतबा भी युद्ध में घायल हो गए हैं। ईरान के सरकारी टीवी ने उन्हें ‘रमजान युद्ध का जांबाज’ बताया है। बता दें कि इस तमगे का प्रयोग अक्सर युद्ध में घायल योद्धा के लिए होता है।

इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक ईरान के सरकारी टीवी चैनल ने मोजतबा खामेनेई के सुप्रीम लीडर बनने की खबर देते समय उन्हें ‘जांबाज’ बताया। बता दें कि ईरानी मीडिया ने मौजूदा संघर्ष को ‘रमजान वॉर’ का नाम दिया है। हालांकि मोजतबा के घायल होने के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी गई। इससे पहले द टाइम्स ऑफ इजरायल ने भी एक रिपोर्ट में भी इसका जिक्र किया था।

सामने नहीं आए हैं मोजतबा

गौरतलब है कि मोजतबा के पिता और ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनेई 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में मारे गए थे। इसके करीब एक हफ्ते बाद 8 मार्च को मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर चुने जाने की खबर सामने आई। हालांकि मोजतबा खामेनेई अभी तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं। उन्होंने ना तो कोई बयान दिया है और ना ही उनकी कोई तस्वीर सामने आई है। इससे उनके घायल होने की खबरों को लेकर अटकलें लगने लगी हैं।

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ईरान के हमले जारी

इस बीच ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के करीबी माने जाने वाले मोजतबा के सुप्रीम लीडर बनने के ऐलान के बाद ईरान ने मंगलवार को खाड़ी अरब क्षेत्र पर दबाव बनाने की नीति के तहत खाड़ी देशों पर नए हमले किए हैं। खाड़ी क्षेत्र में इजरायल और अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोन से हमला करने के अलावा ईरान ऊर्जा अवसंरचना को भी निशाना बना रहा है और होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है जिससे तेल की कीमतें आसमान छूने लगी हैं।

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अंतरराष्ट्रीय मानक के अनुसार 'ब्रेंट क्रूड' की कीमत सोमवार को बढ़कर लगभग 120 डॉलर तक पहुंच गई। हालांकि बाद में कीमत में थोड़ी नरमी आई और मंगलवार को भी यह लगभग 90 डॉलर प्रति बैरल पर थी जो 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के समय की तुलना में लगभग 24 प्रतिशत अधिक है। ईरान ने प्रभावी रूप से टैंकरों को होर्मुज जलडमरूमध्य का उपयोग करने से रोक दिया है जो फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच का जलमार्ग है, हिंद महासागर का प्रवेश द्वार है और इसके माध्यम से दुनिया के 20 प्रतिशत तेल का परिवहन किया जाता है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन के अनुसार, जलडमरूमध्य के पास व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों में कम से कम सात नाविक मारे गए हैं।

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बयानबाजी जारी

ट्रंप ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर चेतावनी दी है कि 'अगर ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल के प्रवाह को रोकने वाला कोई भी कदम उठाता है तो अमेरिका उस पर अब तक की तुलना में बीस गुना अधिक जोरदार हमले करेगा। वहीं ईरान के सरकारी मीडिया में ट्रंप की टिप्पणियों के प्रकाशन के बाद सीधा जवाब देते हुए अर्द्धसैनिक बल 'रिवोल्यूशनरी गार्ड' के प्रवक्ता अली मोहम्मद नाइनी ने कहा ''ईरान तय करेगा कि युद्ध कब खत्म करना है।''

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