ईरान ने निभाई भारत से दोस्ती, होर्मुज पर टोल टैक्स वसूलने से इनकार; क्या कहा
बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि होर्मुज में फंसे 15 भारतीय ध्वज वाले पोतों को वापस लाने के प्रयास जारी हैं। अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने कहा कि हम विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर अपने पोतों को वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) पर तनाव के बीच भारत के लिए खुशखबरी है। ईरान ने साफ कर दिया है कि होर्मुज से भारतीय जहाजों से गुजरने के लिए कोई टोल नहीं वसूला जा रहा है। साथ ही कहा कि भारतीय जहाजों को भविष्य में भी सुरक्षित रास्ता दिया जाएगा। खास बात है कि यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों और होर्मुज जलमार्ग पर नाकेबंदी का ऐलान किया है। सीजफायर के बाद भी कहा जा रहा था कि ईरान और ओमान टोल टैक्स वसूल सकते हैं।
दूतावास में पत्रकारों से बातचीत में भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फताली ने कहा, 'आप भारत सरकार से पूछ सकते हैं कि क्या हमने अब तक कोई रकम वसूली है या नहीं।' उन्होंने कहा, 'इस मुश्किल समय में हमारे अच्छे संबंध हैं। हमारा मानना है कि भारत और ईरान हित साझा कर सकते हैं।'
सुरक्षित रास्ता देने का वादा
न्यूज18 से बातचीत में फताली ने कहा कि भारतीय जहाजों को होर्मुज से सुरक्षित निकलने दिया जाएगा। उन्होंने कहा, 'भारत सरकार के साथ ईरान के रिश्ते बहुत मजबूत और भरोसेमंद हैं। मुश्किल समय में भारत ने खुद को एक समझदार और विश्वसनीय साथी साबित किया है, और दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक रिश्ते आज भी बहुत गहरे हैं।'
उन्होंने कहा, 'भविष्य में भी भारतीय जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित निकलने दिया जाएगा।' उन्होंने जानकारी दी कि जल्द ही ईरान एक व्यवस्था का ऐलान करेगा, जिसमें जहाजों के निकलने की प्रक्रिया बताई जाएगी।
फंसे हैं 15 भारतीय जहाज
बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि होर्मुज में फंसे 15 भारतीय ध्वज वाले पोतों को वापस लाने के प्रयास जारी हैं। अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने कहा कि हम विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर अपने पोतों को वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। जैसे ही हालात अनुकूल होंगे और पोतों को होर्मुज से सुरक्षित रूप से गुजरने की अनुमति मिलेगी, उन्हें वापस लाया जाएगा। फिलहाल कुल 15 भारतीय ध्वज वाले और भारतीय स्वामित्व वाले पोत वहां मौजूद हैं।
कई देश नाकेबंदी के खिलाफ
ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी को लेकर कई देशों ने समर्थन नहीं किया। ब्रिटेन के खुलकर कहा कि वह इसका समर्थन नहीं करेगा। जापान ने होर्मुज में माइनस्वीपर तैनाती का फैसला टाल दिया है। वहीं, ऑस्ट्रेलिया ने कहा कि उन्हें अमेरिका की तरफ से इसको लेकर कोई संदेश नहीं मिला है।
खबर है कि फ्रांस और ब्रिटेन होर्मुज से जहाजों की सुरक्षित निकासी के लिए अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी करेंगे। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोमवार को यह घोषणा की।
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