होर्मुज पर लड़ रहे अमेरिका-ईरान, उधर मौके पर चौका मार दिया पाकिस्तान; शुरू किया नया कॉरिडोर
अमेरिका और ईरान इन दिनों होर्मुज को लेकर लड़ रहे हैं। इसी बीच पाकिस्तान ने ईरान के साथ नया कॉरिडोर शुरू कर दिया है। ग्वादर से शुरू होने वाला यह कॉरिडोर ईरान के रास्ते पाकिस्तानी सामान को सेंट्रल एशिया के देशों तक पहुंचाएगा।

पश्चिम एशिया में जारी जंग की वजह से पूरी दुनिया के ऊपर ऊर्जा संकट के बादल मंडरा रहे हैं। लेकिन इस बीच पाकिस्तान नए व्यापार कॉरिडोर बनाने में लगा हुआ है। आधी दुनिया से बैर लेकर बैठे ईरान के साथ पाकिस्तान ने पाक-ईरान ट्रांजिट कॉरिडोर की शुरुआत कर दी है, जो उशे सेंट्रल एशिया के देशों के साथ अपने व्यापार को बढ़ाने में मदद करेगा। पाकिस्तान के ग्वादर से शुरू होने वाला यह व्यापारिक रास्ता आने वाले वर्षों में इस्लामाबाद के लिए मजबूत आर्थिक स्तंभ साबित हो सकता है। हाल ही में इस कॉरिडोर का औपचारिक उद्घाटन किया गया।
एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी ट्रांजिट ट्रेड कस्टस्म के निदेशद सनाउल्लाह ने बताया कि इस रास्ते की शुरुआत हो चुकी है। हाल ही में इससे जमें मांस की पहली खेप, रेफ्रिजरेटेड ट्रकों के माध्यम से उज्बेकिस्तान के ताशकंद भेजी गई है। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था के तहत, पाकिस्तान से माल ग्वादर होते हुए ईरान में प्रवेश करेगा और फिर मध्य एशियाई देशों की ओर बढ़ेगा।अब्रो ने कहा कि ईरान के रास्ते इस कॉरिडोर के शुरू होने से पाकिस्तान की आर्थिक वृद्धि होने का अनुमान है। इसके अलावा बंदरगाहों के माध्यम से माल ढुलाई में भी तेजी आने की उम्मीद है।
पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक ईरान के माध्यम से शुरू किया गया यहाँ कॉरिडोर टीआईआर (ट्रांसपोर्ट्स इंटरनैशनॉक्स रूटियर्स) प्रणाली के तहत संचालित होता है। इसे और आसान बनाने के लिए, अधिकारियों ने टीआईआर प्रक्रियाओं को सरल बनाया है और ताफ्तान, रिमदान, सोस्त और ग्वादर सहित प्रमुख सीमा बिंदुओं को सक्रिय किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मार्ग पाकिस्तान को समुद्री व्यापार का एक किफायती विकल्प प्रदान करेगा, जिससे परिवहन समय कम होगा और रसद खर्च में उल्लेखनीय कटौती होगी।
बात दें, ईरान और पाकिस्तान की योजना 2028 से पहले द्विपक्षीय व्यापार को 10 अरब डॉलर तक बढ़ाने की है, जिसका उद्देश्य आर्थिक संबंधों को रणनीतिक साझेदारी में बदलना है। अमेरिका के साथ शांति वार्ता में मध्यस्थ बनने के बाद पाकिस्तान लगातार ईरान के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। बढ़ते संबंधों के बीच एक बार फिर से ईरान और पाकिस्तान में रुकी हुई तेल पाइपलाइन परियोजनाओं की शुरुआत होने की उम्मीद है।
गौरतलब है कि ईरान और पाकिस्तान ने 2009 में एक व्यापारिक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इसके तहत 2013 में एक गैस पाइपलाइन का उद्घाटन किया गया था। इस पाइपलाइन को भारत भी लाने की योजना थी। लेकिन पाकिस्तान की राजनीतिक अस्थिरता और आर्थिक कमजोरी की वजह से इसका काम पूरा नहीं हो पाया। ईरान ने इस पाइपलाइन का काम पूरा कर लिया लेकिन पाकिस्तान इसे शुरू भी नहीं कर पाया।
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