नतांज पर हमले का बदला, ईरान ने इजरायल के डिमोना पर दागी मिसाइल, यहीं न्यूक्लियर प्लांट
ईरान की तरफ से इजरायल के डिमोना पर हमला किया गया है। यहीं पर इजरायल का न्यूक्लियर प्लांट भी है। इस हमले के बाद आईआरजीसी ने एक बयान जारी करके इसे नतांज के परमाणु केंद्र पर हुए हमले का बदला बताया है।

पश्चिम एशिया में जारी जंग अब परमाणु ठिकानों पर हमले की तरफ बढ़ती जा रही है। शनिवार रात ईरान ने नतांज परमाणु ठिकाने पर किए गए हमले का बदला इजरायल के डिमोना पर बैलिस्टिक मिसाइल दाग कर दिया। यह वही शहर है, जहां पर इजरायल का ‘शिमोन पेरेस नेगेव न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर’ मौजूद है। अभी तक सामने आई रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान की तरफ से हुए इस हमले में एक इमारत जमींदोज हो चुकी है, कम से कम 20 लोग घायल हुए हैं, जिनमें एक बच्चा भी शामिल है। इस हमले के बाद एक बयान जारी करके आईआरजीसी ने इसे नतांज पर हुए हमले का बदला बताया है।
ईरान की तरफ से आई इन मिसाइलों को रोकने में इजरायल का एयर डिफेंस सिस्टम भी नाकाम रहा है। इजरायली लोगों ने मिसाइल के जमीन से टकराने का वीडियो भी बनाया है, जो कि इस वक्त सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। करीब 32 सेकेंड के इस वीडियो में एक मिसाइल एक बिल्डिंग से टकराते हुए नजर आ रही है। इसके बाद एक जोरदार धमाका होता है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि यही इमारत गिरी है।
टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के मुताबिक हमला होने के तुरंत बाद ही वहां पर राहत और बचाव दल पहुंच गया, जिसने घायलों की मदद कि और उन्हें अस्पताल पहुंचाया। इसमें एक 10 से 12 साल के बच्चे की हालत बहुत ज्यादा नाजुक है। इजरायली सेना ने इस हमले को लेकर कहा कि यह इमारत पर किया गया हमला था। इसी इमारत को निशाना बनाया गया था।
IRGC ने बताया नतांज का बदला
इजरायल के डिमोना पर हुए इस हमले के बाद आईआरजीसी ने इसे ईरानी न्यूक्लियर प्लांट नतांज पर हुए हमले का बदला करार दिया। आपको बता दें, ऐसा माना जाता है कि इजरायल डिमोना में परमाणु हथियार कार्यक्रम को संचालित करता है। हालांकि, उसने कभी भी इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, आधिकारिक रूप से वह हमेशा से ही यह कहता रहा है कि यहां पर केवल रिसर्च का काम होता है।
नतांज पर हमला
शनिवार सुबह इजरायल और अमेरिका की तरफ से किए गए हमले में ईरान के परमाणु केंद्र को निशाना बनाया गया था। ईरान ने इसे बहुत बड़ी गलती करार दिया था। हालांकि, बाद में इजरायली सेना की तरफ से कहा गया कि उसने नतांज पर हमला नहीं किया है।
इस हमले के बाद नतांज में रेडिएशन का खतरा बढ़ गया था। हालांकि बाद में आईएईए ने हमले की पुष्टि करते हुए बताया कि रेडिएशन की स्थिति नहीं बनी है। इस हमले में परमाणु सामग्री को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचा है।
28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमले के बाद शुरू हुए इस युद्ध में अभी तक 2000 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। ईरान की लीडरशिप को भी इस युद्ध में बड़ा नुकसान पहुंचा है। हालांकि, तेहरान लगातार अमेरिका और इजरायल पर पलटवार कर रहा था। इजरायल की तरफ से जब तेहरान के ऊर्जा केंद्रो (तेल और गैस केंद्र) को निशाना बनाया गया था, तो उसके अगले ही दिन तेहरान ने पलटवार करते हुए खाड़ी देशों के तेल और गैस के ठिकानों पर हमला बोल दिया था। इसके बाद वैश्विक समुदाय ने इसकी निंदा की थी। अब शनिवार को जब तेहरान के नतांज परमाणु केंद्र पर हमला हुआ, तो इसका बदला उसने डिमोना पर हमला करके लिया।
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