Iran thank Pakistan for mediating talks with the US amid war middle east बातचीत की मध्यस्थता के लिए ईरान ने पाकिस्तान का जताया आभार, अमेरिका को खूब सुनाया, International Hindi News - Hindustan
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बातचीत की मध्यस्थता के लिए ईरान ने पाकिस्तान का जताया आभार, अमेरिका को खूब सुनाया

इस्माइल बकाई ने कहा कि अमेरिका के विश्वासघात और दुर्भावना को ईरान कभी नहीं भूलेगा। पिछले साल जून और 28 फरवरी इस साल हुए दो युद्धों में अमेरिका और जियोनिस्ट शासन ने जघन्य अपराध किए, जिसे माफ नहीं किया जाएगा।

Sun, 12 April 2026 06:32 PMNiteesh Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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बातचीत की मध्यस्थता के लिए ईरान ने पाकिस्तान का जताया आभार, अमेरिका को खूब सुनाया

अमेरिका के साथ बातचीत की मध्यस्थता करने के लिए ईरान ने पाकिस्तान का आभार जताया है। यह वार्ता पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शनिवार को शुरू हुई और लगातार 21 घंटे तक चली। दोनों पक्षों के बीच संदेशों और टेक्स्ट का आदान-प्रदान हुआ, लेकिन अंत में कोई समझौता नहीं हो सका। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने पाकिस्तान सरकार को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने इन वार्ताओं को होस्ट करने और आगे बढ़ाने में ईमानदार प्रयास किए।

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बातचीत में होर्मुज स्ट्रेट, परमाणु मुद्दे, युद्ध क्षतिपूर्ति, पाबंदी हटाने और लड़ाई को समाप्त करने जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। ईरान ने साफ किया कि कूटनीति उसके लिए पवित्र जिहाद का ही एक रूप है, जो देश की रक्षा के लिए लड़ने वालों की निरंतरता है। बकाई ने कहा कि अमेरिका के विश्वासघात और दुर्भावना को ईरान कभी नहीं भूलेगा। पिछले साल जून और 28 फरवरी इस साल हुए दो युद्धों में अमेरिका और जियोनिस्ट शासन ने जघन्य अपराध किए, जिसे माफ नहीं किया जाएगा। इन दुखद घटनाओं ने ईरानी लोगों के संकल्प को और मजबूत किया है कि वे अपने राष्ट्र के अधिकारों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।

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राष्ट्रीय हितों की रक्षा पर दिया जोर

ईरानी प्रवक्ता ने जोर दिया कि ईरानी वार्ताकार अपने अनुभव और ज्ञान का पूरा उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ भी ईरान को अपने ऐतिहासिक मिशन से नहीं रोक सकता। इस्लामिक गणराज्य ईरान राष्ट्रीय हितों की रक्षा और देश की भलाई के लिए कूटनीति समेत सभी उपकरणों का इस्तेमाल करने के लिए दृढ़ है।

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इस्माइल बकाई ने कहा कि इस कूटनीतिक प्रक्रिया की सफलता दूसरे पक्ष की गंभीरता, सद्भावना, लालच से दूर रहने और ईरान के वैध अधिकारों को स्वीकार करने पर निर्भर करती है। पाकिस्तान की मध्यस्थता के तहत दोनों पक्ष अभी भी प्रस्तावों का आदान-प्रदान जारी रखे हुए हैं। पाकिस्तान की इस भूमिका को क्षेत्रीय स्थिरता के लिए सराहा जा रहा है। ईरान ने दोहराया कि वह अपने प्रिय देश और ईरानी सभ्यता की रक्षा के लिए हर रास्ता अपनाएगा।

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