'मिसाइल तो बनती रहेगी', US-इजरायल को धमकी के कुछ घंटे बाद ही मारे गए ईरानी ब्रिगेडियर
यह हमला ऐसे समय में हुआ जब ब्रिगेडियर जनरल अली मोहम्मद नैनी ने कुछ घंटे पहले ही अमेरिका और इजरायल को चुनौती दी थी। उन्होंने कहा था कि ईरान की मिसाइल उद्योग पूरी तरह मजबूत है और युद्ध की स्थिति में भी प्रोडक्शन जारी रहेगा।

ईरान ने युद्ध में एक और बड़ा नुकसान झेला है, जहां इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अली मोहम्मद नैनी को मार गिराया गया है। ईरानी राज्य मीडिया और IRGC के आधिकारिक बयान के अनुसार, नैनी अमेरिकी-ज़ायोनी की ओर आतंकी हमले में शहीद हो गए। यह घटना 20 मार्च को सामने आई, जब युद्ध का तनाव गल्फ क्षेत्र में चरम पर पहुंच चुका है। नैनी 2024 से IRGC के प्रवक्ता के पद पर थे और वे संगठन के प्रमुख चेहरों में से एक थे, जो अक्सर अमेरिका और इजरायल के खिलाफ कड़े बयान देते थे।
यह हमला ऐसे समय में हुआ जब ब्रिगेडियर जनरल अली मोहम्मद नैनी ने कुछ घंटे पहले ही अमेरिका और इजरायल को चुनौती दी थी। उन्होंने कहा था कि ईरान की मिसाइल उद्योग पूरी तरह मजबूत है और युद्ध की स्थिति में भी प्रोडक्शन जारी रहेगा। अब IRGC ने इसे कायराना हमला करार देते हुए बदले की चेतावनी दी है। यह घटना ईरान के लिए इस सप्ताह का चौथा बड़ा झटका है, जिसमें पहले ही कई शीर्ष अधिकारी मारे जा चुके हैं, जैसे अली लारिजानी (राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख), गोलामरेजा सुलेमानी (बसिज फोर्स प्रमुख) और खुफिया मंत्री इस्माइल खातिब। इन लगातार लक्षित हमलों से ईरान के सैन्य और नेतृत्व पर गहरा असर पड़ रहा है।
ईरान को कितना बड़ा झटका
युद्ध फरवरी 2026 के अंत से जारी है, जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर शुरुआती हमले किए थे। इस दौरान दोनों पक्षों ने मिसाइल और ड्रोन हमलों का आदान-प्रदान किया है। इजरायल ने दक्षिण पर्स गैस फील्ड को निशाना बनाया, जबकि ईरान ने कतर के रास लाफान एलएनजी प्लांट पर हमला किया। इससे क्षेत्रीय ऊर्जा बुनियादी ढांचा प्रभावित हुआ है और तेल-गैस कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने चेतावनी दी कि अगर ईरान ऊर्जा सुविधाओं पर हमले जारी रखेगा तो और सख्त कार्रवाई होगी। यह संघर्ष अब दिन-प्रतिदिन और तीव्र हो रहा है।
ईरान के लिए ब्रिगेडियर नैनी की मौत न केवल सैन्य बल्कि प्रचार और सूचना युद्ध में भी बड़ा नुकसान है, क्योंकि वे IRGC के मुख्य प्रवक्ता थे। विशेषज्ञों का मानना है कि ये लगातार हत्याएं ईरान की कमान संरचना को कमजोर कर रही हैं और नेतृत्व में अस्थिरता पैदा कर सकती हैं। हालांकि, ईरान ने बदले की धमकी दी है, जिससे युद्ध और लंबा खिंचने की आशंका बढ़ गई है। गल्फ क्षेत्र में अस्थिरता से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन