Iran Sets One Condition for Opening Hormuz Undeterred by Trumps Ultimatum अभी रहेगा तेल संकट, ईरान ने रखी होर्मुज खोलने की 1 शर्त; भारत पर होगा बड़ा असर, International Hindi News - Hindustan
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अभी रहेगा तेल संकट, ईरान ने रखी होर्मुज खोलने की 1 शर्त; भारत पर होगा बड़ा असर

शनिवार को, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को अपने 10-दिन के अल्टीमेटम की याद दिलाई थी। उन्होंने कहा कि ईरान के पास कोई समझौता करने या रणनीतिक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को फिर से खोलने के लिए 48 घंटे का समय है।

Mon, 6 April 2026 06:08 AMNisarg Dixit हिन्दुस्तान टीम
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अभी रहेगा तेल संकट, ईरान ने रखी होर्मुज खोलने की 1 शर्त; भारत पर होगा बड़ा असर

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने के लिए मंगलवार शाम की डेडलाइन तय की है। ट्रंप ने कहा है कि ईरान के पास होर्मुज को खोलने या अपने महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हमलों का सामना करने के लिए मंगलवार शाम तक का वक्त है। यह जानकारी उन्होंने रविवार को 'वॉल स्ट्रीट जर्नल' को दिए एक इंटरव्यू में दी। हालांकि, इस धमकी का की ईरान पर कोई असर पड़ता नहीं दिख रहा है। बल्कि, उसने होर्मुज रास्ता खोलने के लिए एक शर्त रख दी है। कहा जा रहा है कि यदि इस समुद्री मार्ग की नाकेबंदी जारी रहती है तो भारत समेत कई देशों की ईंधन और उर्वरक सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है।

ट्रंप का अल्टीमेटम

ट्रंप ने कहा, अगर वे मंगलवार शाम तक कुछ नहीं करते हैं, तो उनके पास न तो कोई पावर प्लांट बचेगा और न ही कोई पुल सुरक्षित रहेगा। ट्रंप ने बाद में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने बिना किसी विवरण के लिखा, मंगलवार, रात 8:00 बजे ईस्टर्न टाइम। (भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह)

इससे पहले रविवार को ही एक अन्य पोस्ट में ट्रंप ने बुनियादी ढांचे पर हमलों की चेतावनी दी थी, लेकिन तब उन्होंने किसी निश्चित समय का उल्लेख नहीं किया था। अब उन्होंने मंगलवार रात 8 बजे का समय तय कर दिया है।

ईरान के पावर प्लांट और पुलों पर हमले होंगे

इंटरव्यू से पहले ट्रुथ सोशल पर पोस्ट में ट्रंप ने आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल कर ईरान को कड़ी चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि यदि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांटों और पुलों पर हमला करेगा। ट्रंप ने लिखा, ईरान में मंगलवार पावर प्लांट डे और ब्रिज डे होगा,दोनों एक ही दिन होंगे। ऐसा पहले कभी नहीं देखा गया होगा। ट्रंप ने बेहद सख्त और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए आगे लिखा जलमार्ग को खोल दो वरना तुम नर्क में रहोगे- बस देखते जाओ!

शनिवार को, ट्रंप ने तेहरान को अपने 10-दिन के अल्टीमेटम की याद दिलाई थी। उन्होंने कहा कि ईरान के पास कोई समझौता करने या रणनीतिक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को फिर से खोलने के लिए 48 घंटे का समय है।

सोमवार को ईरान के साथ डील संभव

ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्हें लगता है कि सोमवार को ईरान के साथ कोई डील होने की संभावना है। राष्ट्रपति ने फॉक्स न्यूज के एक पत्रकार से कहा, मुझे लगता है कि सोमवार अच्छा मौका है, वे अभी बातचीत कर रहे हैं। अगर वे कोई डील नहीं करते हैं, और वह भी जल्दी, तो मैं सब कुछ उड़ा देने और तेल पर कब्जा कर लेने पर विचार कर रहा हूं।

स्पीकर की चेतावनी, पूरा इलाका जल उठेगा

ईरान की संसद के स्पीकर ने ट्रंप को चेतावनी दी कि उनके लापरवाह कदमों का मतलब होगा कि हमारा पूरा इलाका जल उठेगा। स्पीकर मोहम्मद बाघर गालिबफ ने एक्स पर लिखा, आपके लापरवाह कदम अमेरिका को हर परिवार के लिए एक जीते-जागते नर्क की ओर खींच रहे हैं, और हमारा पूरा इलाका जल उठेगा क्योंकि आप नेतन्याहू के आदेशों का पालन करने पर अड़े हुए हैं। गालिबफ ने आगे कहा कि एकमात्र असली समाधान ईरानी लोगों के अधिकारों का सम्मान करना और इस खतरनाक खेल को खत्म करना है।

ईरान ने कहा, होर्मुज तभी खुलेगा जब नुकसान की भरपाई होगी

ईरान के राष्ट्रपति कार्यालय से जुड़े अधिकारी मेहदी तबातबाई ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट को तब दोबारा खोला जाएगा, जब ट्रांजिट टोल का एक हिस्सा युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

ईरानी अधिकारियों और सांसदों की ओर से पहले भी इस अहम समुद्री रास्ते से गुजरने वाले पोतों पर शुल्क लगाने की संभावना जताई जा चुकी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए तबातबाई ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने पूरे क्षेत्र में युद्ध भड़काया है और अब भी धमकियां दे रहे हैं। उन्होंने ट्रंप के बयानों को 'हताशा और गुस्से' से भरा बताया और कहा कि उनकी बातें अपमानजनक और बेबुनियाद हैं।

ट्रंप की धमकी 'युद्ध अपराध' का इरादा

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकाबंदी को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा दी गई की चेतावनी और अपशब्दों वाली पोस्ट के कुछ ही घंटों बाद, तेहरान के संयुक्त राष्ट्र मिशन ने रविवार को इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी।

ईरानी मिशन ने नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की खुली धमकियों को नागरिकों को आतंकित करने तथा युद्ध अपराध करने के इरादे का स्पष्ट सबूत करार दिया है।

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ईरानी मिशन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय और सभी देशों का यह कानूनी दायित्व है कि वे युद्ध अपराधों के ऐसे नृशंस कृत्यों को रोकें। उन्हें अभी कार्रवाई करनी चाहिए। कल बहुत देर हो जाएगी।

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