Iran responded to Trump comment calling India and China hellhole saying These countries are mother of civilization ट्रंप के खिलाफ भारत के सपोर्ट में उतरा ईरान, नरक का द्वार बताने पर दिया तीखा जवाब, International Hindi News - Hindustan
More

ट्रंप के खिलाफ भारत के सपोर्ट में उतरा ईरान, नरक का द्वार बताने पर दिया तीखा जवाब

भारत और चीन को नरक का द्वार बताने वाली डोनाल्ड ट्रंप की पोस्ट पर ईरान ने जवाब दिया है। तेहरान की तरफ से कहा गया कि भारत और चीन सभ्यता की जननी हैं। नरक का द्वार वह देश है, जिसका राष्ट्रपति ईरानी सभ्यता को खत्म करने की धमकी देता है।  

Thu, 23 April 2026 04:48 PMUpendra Thapak लाइव हिन्दुस्तान
share
ट्रंप के खिलाफ भारत के सपोर्ट में उतरा ईरान, नरक का द्वार बताने पर दिया तीखा जवाब

Donald Trump: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को तीखा जबाव देते हुए ईरान ने भारत और चीन को सभ्यता की जननी कहा है। ईरान का यह जबाव ट्रंप के उस रिपोस्ट के बाद आया है, जिसमें उन्होंने भारत और चीन से अमेरिका आने वाले लोगों के खिलाफ एक आपत्तिजनक टिप्पणी शेयर की थी। अमेरिकी पॉडकॉस्टर माइकल सैवेज की इस वीडियो में इन दोनों एशियाई देशों को नरक का द्वार कहा गया था।

हैदराबाद स्थित ईरानी एम्बेसी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक पोस्ट के जरिए ट्रंप पर निशाना साधा। पोस्ट में लिखा गया, “चीन और भारत सभ्यता की जननी हैं। वास्तव में नरक के द्वार वह देश है, जिसका राष्ट्रपति ईरान की सभ्यता को नष्ट करने की धमकी दे रहा था।” दरअसल सीजफायर की कोशिशों में लगे अमेरिका और ईरान के बीच में पिछले काफी समय से सोशल मीडिया पर भी तनातनी चल रही है। ऐसे में जब ट्रंप ने भारत और चीन के खिलाफ कुछ शेयर किया, तो ईरान ने इसे भी आड़े हाथों के साथ लिया।

एशियाई देशों के लोग जन्मजात नागरिकता का गलत फायदा उठा रहे: सेवेज

इससे पहले, ट्रंप ने रूढ़िवादी पॉडकॉस्टर माइकल सेवेज की वीडियो और उसकी ट्रांसक्रिप्ट साझा की थी। इस वीडियो में सैवेज ने नस्लीय टिप्पणी करते हुए अमेरिका में जन्म के आधार पर दी जाने वाली नागरिकता का विरोध किया था। सेवेज ने कहा कि इस कानून में बदलाव करना चाहिए क्योंकि एशियाई देशों से आने वाले लोग इसका गलत फायदा उठाते हैं। बकौल सेवेज, यह लोग अमेरिका आते हैं और 9 महीने में एक बच्चा करते हैं। इस बच्चे को पैदा होते ही अमेरिकी नागरिकता मिल जाती है। फिर उसका बाकी परिवार भी चीन और भारत जैसे देशों से आ जाता है। यह देश नरक का द्वारा हैं। ‘बर्थ सिटिजनशिप राइट’ के विरोधी ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया साइट पर इसको रीपोस्ट किया है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:भारत के खिलाफ डोनाल्ड ट्रंप के जहरीले बोल, बताया ‘नरक का द्वार’; क्यों ऐसे भड़के

यह लैपटॉप वाले गैंगस्टर: सेवेज

बता दें, सेवेज ने अपनी वीडियो में ‘वाइट कॉलर जॉब’ करने वाले इन भारतीय और चीनी लोगों को 'लैपटॉप वाले गैंगस्टर' करार दिया। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि इन लोगों की वजह से अमेरिका में श्वेत लोगों के लिए नौकरियां बची ही नहीं है। सेवेज के अनुसार, एशियाई देशों से आने वाले लोग अमेरिकी लोगों के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार करते हैं और इन लोगों की नौकरियां भी छीन लेते हैं। इनकी वजह से अमेरिका में सामाजिक बदलाव हो रहे हैं।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:फेल हुआ पाकिस्तान, US-ईरान जंग सुलझाने के लिए अब चीन की शरण में पहुंचा

गौरतलब है कि यह मुद्दा अमेरिका में लंबे समय से चली आ रहे नागरिकता कानून को लेकर है। राष्ट्रपति ट्रंप भी जन्मजात नागरिकता को चुनौती दे चुके हैं। हालांकि, अमेरिकी कोर्ट ने उन्हें इस मुद्दे पर झटका दिया है। अभी भी यह मामला अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में है। इस मामले पर कोर्ट की टिप्पणी को बायपास करने का संदेश देते हुए सेवेज ने कहा कि ऐसे मामलों में कानून नहीं बल्कि जनमत के आधार पर फैसला लिया जाना चाहिए।

भारत और चीन की बात करें, तो यह देश पिछले 4000 हजार सालों से सभ्तया को संभाले हुए हैं। वहीं दूसरी तरफ अमेरिका की स्थापना 1776 में अप्रवासियों की बदौलत ही हुई थी। अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में जब ट्रंप ने अप्रवासियों के खिलाफ अभियान शुरू किया था। उस वक्त जर्मन चांसलर मर्त्ज ने उन्हें उनके पूर्वज का बर्थ सर्टिफिकेट भेंट किया था।

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।