'कल इंशाल्लाह', डोनाल्ड ट्रंप की सभ्यता मिटाने वाली धमकी पर क्या बोला ईरान
डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि अगर तेहरान होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोलेगा तो एक पूरी सभ्यता आज रात मर जाएगी। उन्होंने इसे आधुनिक इतिहास के सबसे अहम क्षणों में से एक बताया और कहा कि अगर ईरान नहीं माना तो भारी विनाश होगा।
ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ‘सभ्यता मर जाएगी’ वाली धमकी का तीखा जवाब दिया है। दक्षिण अफ्रीका में स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि ट्रंप और उनके सहयोगी ईरान की प्राचीन सभ्यता से कभी न भूलने योग्य हमला झेलेंगे। साथ ही उन्होंने मिनाब में मारे गए बच्चे की मां की तस्वीर साझा की और कहा, 'इस दर्द, गुस्से और चेहरे को याद रखो, हम तुम्हें नहीं छोड़ेंगे।' जिम्बाब्वे में ईरानी दूतावास ने ट्रंप की बातों को मजाक उड़ाते हुए कहा, 'ये शब्द तुम्हारे मुंह से बड़े हैं, अपनी जनता को शर्मिंदा करना बंद करो। कल इंशाअल्लाह।'
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने भी चेतावनी दी कि अब आत्मसंयम खत्म हो गया है और उनका जवाब बिना किसी विचार के होगा, जो अमेरिका और उसके सहयोगियों को वर्षों तक तेल और गैस से वंचित कर देगा। डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर तेहरान होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोलेगा तो एक पूरी सभ्यता आज रात मर जाएगी। उन्होंने इसे आधुनिक इतिहास के सबसे अहम क्षणों में से एक बताया और कहा कि अगर ईरान नहीं माना तो भारी विनाश होगा।
ईरान के लिए ट्रंप की क्या है डेडलाइन
डोनाल्ड ट्रंप ने रात 8 बजे (भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह 5:30 बजे) तक का समय दिया है। साथ ही, उन्होंने उम्मीद जताई कि कुछ क्रांतिकारी और अच्छा हो सकता है। यह धमकी हॉर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने की मांग को लेकर आई, जो तेल परिवहन का अहम रास्ता है। अमेरिका और क्षेत्रीय मध्यस्थों की ओर से 45 दिनों के सीजफायर के प्रयास असफल रहे क्योंकि ईरान स्थायी समाधान चाहता है। इससे पहले अमेरिकी मिसाइलों ने ईरान के खर्ग द्वीप पर हमला किया, जो देश के तेल निर्यात का प्रमुख केंद्र है। लगभग 90 प्रतिशत तेल निर्यात इसी द्वीप से होता है।
फरवरी में हुए हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई मारे गए। एक प्राथमिक स्कूल पर मिसाइल हमला हुआ, जिसमें करीब 170 स्कूली लड़कियां मारी गईं। इन घटनाओं ने तनाव को और बढ़ा दिया। ईरानी मीडिया ने बताया कि तेहरान ने अमेरिका के साथ सभी राजनयिक और अप्रत्यक्ष संचार चैनल बंद कर दिए हैं। तेहरान टाइम्स ने लिखा कि अब कोई संदेश आदान-प्रदान नहीं होगा। मौजूदा स्थिति में दोनों देशों के बीच टकराव चरम पर है। उपराष्ट्रपति जेडी वांस ने दावा किया कि अमेरिका ने अपने युद्ध के उद्देश्य पूरे कर लिए हैं और अब गेंद तेहरान के पाले में है।
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