Iran IRGC claimed it attacked office of Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu बेंजामिन नेतन्याहू के ऑफिस पर कर दिया हमला, ईरान का बड़ा दावा; कितना हुआ नुकसान, International Hindi News - Hindustan
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बेंजामिन नेतन्याहू के ऑफिस पर कर दिया हमला, ईरान का बड़ा दावा; कितना हुआ नुकसान

रिपोर्ट के अनुसार, IRGC के पब्लिक रिलेशंस डिपार्टमेंट ने यह जानकारी दी है कि यह हमला टारगेटेड था, जिसमें खैबर शेकन बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। रिपोर्ट में नेतन्याहू की स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।

Mon, 2 March 2026 04:37 PMNiteesh Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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बेंजामिन नेतन्याहू के ऑफिस पर कर दिया हमला, ईरान का बड़ा दावा; कितना हुआ नुकसान

ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के ऑफिस पर हमला किया है। साथ ही, इजरायली वायु सेना के कमांडर के मौजूद स्थान को भी निशाना बनाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, IRGC के पब्लिक रिलेशंस डिपार्टमेंट ने यह जानकारी दी है कि यह हमला टारगेटेड था, जिसमें खैबर शेकन बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। रिपोर्ट में नेतन्याहू की स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।

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फार्स न्यूज एजेंसी की ओर से जारी उनके बयान में कहा गया है कि ज़ायोनी शासन के अपराधी प्रधानमंत्री का कार्यालय और शासन की वायु सेना कमांडर का मुख्यालय निशाना बनाया गया। यह दावा ऐसे समय में आया है जब मध्य-पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका-इजरायल के हमलों के जवाब में ईरान की ओर से लगातार जवाबी कार्रवाई हो रही है। इजरायली पक्ष ने इन हमलों की पुष्टि नहीं की है।

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ट्रू प्रॉमिस 4 ऑपरेशन

अमेरिका और इजरायल की ओर से शनिवार को किए गए हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई सहित कई सैन्य व राजनीतिक लीडर मारे गए थे। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और इजरायल ने ईरान में 2000 से अधिक लक्ष्यों पर हमले किए, जिसमें बैलिस्टिक मिसाइल साइट्स, कमांड सेंटर्स और वायु रक्षा प्रणालियां शामिल थीं। ईरान ने इसे अवैध करार देते हुए जवाबी हमले शुरू किए, जिनमें इजरायल, अमेरिकी ठिकानों और खाड़ी देशों में यूएस बेस को निशाना बनाया गया। IRGC ने इसे ट्रू प्रॉमिस 4 ऑपरेशन का हिस्सा बताया है।

अमेरिकी संपत्तियों पर ड्रोन हमला

इस संघर्ष ने पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर दिया है। लेबनान में हिजबुल्लाह और इजरायल के बीच भी गोलीबारी बढ़ गई है, जबकि ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी संपत्तियों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि हमले तब तक जारी रहेंगे जब तक सभी उद्देश्य पूरे नहीं हो जाते। इजरायल ने तेहरान के केंद्र में हमलों को बढ़ाने की बात कही है। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय समुदाय चिंतित है कि यह युद्ध व्यापक क्षेत्रीय या वैश्विक संघर्ष में बदल सकता है।

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अब खुलकर हो रहा युद्ध

ईरान के हमलों से इजरायल में सायरन बजे और यरुशलम के ऊपर विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। आईआरजीसी का यह दावा प्रचार का हिस्सा भी हो सकता है, क्योंकि इजरायल की आयरन डोम जैसी रक्षा प्रणालियां अधिकांश मिसाइलों को रोकने में सक्षम हैं। यह घटनाक्रम मध्य पूर्व की जटिल भू-राजनीति को दर्शाता है, जहां ईरान और इजरायल के बीच लंबे समय से छिपा युद्ध अब खुलकर सामने आ गया है। नेतन्याहू के कार्यालय पर हमले का दावा ईरान की ओर से मजबूत जवाब देने की कोशिश को दिखाता है, लेकिन वास्तविक क्षति और नतीजे अभी साफ नहीं हैं।

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