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ईरान ने शुरू कर दी नुकसान की गिनती, अब तक 250 अरब डॉलर पार पहुंच चुका है आंकड़ा

ईरान सरकार की प्रवक्ता फातेमा मोहाजेरानी ने बताया कि पहले चरण में इमारतों के नुकसान का आकलन किया जा रहा है, जबकि दूसरे चरण में बजट राजस्व के नुकसान और औद्योगिक केंद्रों के बंद होने से संबंधित नुकसान का आकलन किया जाएगा।

Tue, 14 April 2026 12:10 PMNisarg Dixit लाइव हिन्दुस्तान
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ईरान ने शुरू कर दी नुकसान की गिनती, अब तक 250 अरब डॉलर पार पहुंच चुका है आंकड़ा

अमेरिका और ईरान में सीजफायर और तनाव साथ जारी हैं। इसी बीच ईरान में युद्ध के दौरान हुए नुकसान का आकलन जारी है। खबरें ये भी आईं हैं कि सेंट्रल बैंक की तरफ से एक रिपोर्ट राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान को भेजी गई है। ताजा आंकड़ों से पता चल रहा है कि ईरान 250 अरब डॉलर से ज्यादा के नुकसान का सामना कर चुका है। फिलहाल, दोनों मुल्कों के बीच तनाव कम होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं।

कितना हुआ नुकसान

ईरान सरकार की प्रवक्ता फातेमा मोहाजेरानी ने कहा है कि शुरुआती अनुमानों के अनुसार अमेरिकी-इजरायली हमलों से ईरान को लगभग 270 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है। मोहाजेरानी ने कहा, 'प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार आज तक 270 अरब डॉलर का नुकसान होने का संकेत मिला है।' उनके अनुसार, नुकसान के अधिक सटीक आंकड़े सरकार के आर्थिक ब्लॉक द्वारा निर्धारित किए जाएंगे, जो कई चरणों में इसका मूल्यांकन कर रहे हैं।

प्रवक्ता ने बताया कि पहले चरण में इमारतों के नुकसान का आकलन किया जा रहा है, जबकि दूसरे चरण में बजट राजस्व के नुकसान और औद्योगिक केंद्रों के बंद होने से संबंधित नुकसान का आकलन किया जाएगा। मोहाजेरानी ने यह भी उल्लेख किया कि ईरान को दिए जाने वाले अमेरिकी सैन्य हर्जाने का मुद्दा ईरानी वार्ता टीम द्वारा उठाए जा रहे विषयों में से एक है।

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सेंट्रल बैंक की रिपोर्ट में क्या

ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की पहले से ही नाजुक अर्थव्यवस्था को 40 दिनों के युद्ध के दौरान जमकर नुकसान पहुंचा है। रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान को भेजे गए एक आकलन में वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया है कि इस नुकसान को ठीक करने में 12 साल तक का समय लग सकता है।

महंगाई की आशंका

युद्ध के दौरान कई बड़े एयरपोर्ट्स को नुकसान पहुंचा। जबकि, तेल ठिकानों, रिफाइनरीज और पेट्रोकेमिकल संस्थानों को भी निशाना बनाया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने चेताया है कि उत्पादन क्षमता को हुए नुकसान के चलते आने वाले महीनों में महंगाई तेजी से बढ़ सकती है। राष्ट्रपति को भेजे गए आकलन में बताया गया है कि औद्योगिक इनपुट सप्लाई ऐसे ही कम बनी रही तो महंगाई में 180 प्रतिशत का इजाफा हो सकता है।

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फिर बातचीत की तैयारी

एपी ने सूत्रों के हवाले से बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की वार्ता हो सकती है। अमेरिका के दो अधिकारियों और इस घटनाक्रम से परिचित एक अन्य अधिकारी ने बताया कि अगले सप्ताह युद्धविराम समाप्त होने से पहले दोनों पक्ष समझौते तक पहुंचने के लिए फिर से आमने-सामने वार्ता करने पर विचार कर रहे हैं ताकि छह सप्ताह से जारी युद्ध खत्म किया जा सके।

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राजनयिक और अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि मेजबान स्थल के तौर पर पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पर एक बार फिर विचार किया जा रहा है। अमेरिकी अधिकारियों ने यह भी कहा कि इसके लिए जिनेवा भी एक संभावित स्थान है। उन्होंने कहा कि हालांकि स्थान और समय अभी तय नहीं हुआ है, लेकिन वार्ता गुरुवार को हो सकती है।

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