ईरान संकट से बनेगी कोरोना के बाद जैसी स्थिति? पीएम मोदी के बाद पुतिन ने भी जताई चिंता
पश्चिम एशिया संकट को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोविड के समय जैसी तैयारी करने के लिए कहा था। अब रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने भी इस युद्ध को लेकर कोविड का जिक्र किया है। उन्होंने कहा कि ईरान संकट की वजह से कोविड जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच दुनिया भर की अर्थव्यवस्था को लेकर संशय की स्थिति उत्पन्न हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के पटल से देश को संबोधित करते हुए कहा था कि कोरोना काल की तरह ही देश को इस संकट के लिए तैयार रहना होगा। अब इसी तरह की बात करते हुए रूसी राष्ट्रपति ने भी कोविड के दौर का जिक्र करते हुए कहा है कि पश्चिम एशिया के संकट को लेकर ऐसे अनुमान है कि इसकी तुलना कोविड 19 महामारी से की जा सकती है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, व्यापारिक हस्तियों के साथ बातचीत के दौरान पुतिन ने कहा कि इस युद्ध में शामिल देशों को भी इस बात का अंदाजा नहीं है कि इसका असर कहां तक होगा, ऐसे में रूस और अन्य के इसका सटीक अंदाजा लगाना और भी ज्यादा मुश्किल है। पुतिन के मुताबिक, पश्चिम एशिया का संघर्ष अंतरराष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स, उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखलाओं को गंभीर नुकसान पहुंचा रहा है। रूसी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि अमेरिका-ईरान युद्ध हाइड्रोकार्बन, धातु और उर्वरक कंपनियों पर भी भारी दबाव डाल रहा है।
कोविड जैसी स्थिति: पुतिन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद रूसी राष्ट्रपति पुतिन भी पश्चिम एशिया के संकट की तुलना कोविड महामारी से की। उन्होंने कहा, "पहले से ही ऐसे अनुमान हैं कि इसकी तुलना कोरोनावायरस महामारी के समय से की जा सकती है। मैं आपको याद दिलाना चाहता हूं कि उस महामारी ने बिना किसी अपवाद के सभी क्षेत्रों और महाद्वीपों के विकास को धीमा कर दिया था। ऐसा ही इसमें भी होने का अनुमान है।"
आपको बता दें, 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों की वजह से शुरू हुए इस युद्ध की वजह से पूरी दुनिया ऊर्जा संकट के मुहाने पर जाकर खड़ी हो गई है। ईरान होर्मुज स्ट्रेट को बंद करके बैठा है। जिससे तेल और गैस की आपूर्ति ठप्प हो गई है। अब इस युद्ध का कोई स्पष्ट अंत भी नजर नहीं आ रहा है।
ऊर्जा संकट और पश्चिम एशिया के बड़े देशों पर लगातार होते हमलों की वजह से वैश्विक व्यापार को भी बड़ा घाटा हुआ है। वर्ल्ड ट्रेड आर्गेनाइजेशन की मानें, तो वैश्विक व्यापार प्रणाली पिछले 80 वर्षों में अपने सबसे बड़े व्यवधान का सामना कर रही है। WTO के प्रमुख ने कहा, "आज हम दुनिया के सामने मौजूद समस्याओं के पैमाने से इनकार नहीं कर सकते, विश्व व्यवस्था और बहुपक्षीय प्रणाली, जिसे हम जानते थे, अब बदल चुकी है।"
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