एक तरफ बातचीत तो दूसरे ओर जमीनी हमले की साजिश रच रहा अमेरिका, ईरान ने खूब लताड़ा
ईरान ने अमेरिका पर बड़ा आरोप लगाया है। इसमें कहा गया है कि अमेरिका सिर्फ बातचीत का दिखावा कर रहा है। जबकि अंदरखाने वह एक गुप्त मिशन प्लान कर रहा है, जिसके तहत वह ईरान पर जमीनी हमले की तैयारी में है।

ईरान ने अमेरिका पर बड़ा आरोप लगाया है। इसमें कहा गया है कि अमेरिका सिर्फ बातचीत का दिखावा कर रहा है। जबकि अंदरखाने वह एक गुप्त मिशन प्लान कर रहा है, जिसके तहत वह ईरान पर जमीनी हमले की तैयारी में है। यह बात ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर घालीबाफ ने कही है। साथ ही उन्होंने यह भी चेतावनी दे डाली कि ईरान की सेना, अमेरिकी सैन्य बलों हमले के लिए पूरी तरह से तैयार है। इस दोहरे रवैये के लिए ईरानी संसद के स्पीकर ने डोनाल्ड ट्रंप को भी खूब लताड़ा लगाई है।
दिखावा कुछ, अंदरखाने कुछ
इरना समाचार एजेंसी द्वारा प्रकाशित कमेंट्स में, घालीबाफ ने ट्रंप की ईरान के साथ बातचीत करने की इच्छा पर उन्हें जमकर सुनाया। उन्होंने कहाकि दुश्मन खुलकर बातचीत संदेश भेज रहा है और गुप्त रूप से जमीन हमले की योजना बना रहा है। उन्होंने कहाकि हमारे लोग अमेरिकी सैनिकों के जमीन पर आने का इंतजार कर रहे हैं ताकि उन्हें आग लगा सकें।
तीन पत्रकारों की मौत पर चिंता
वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने लेबनान में तीन पत्रकारों की मौत पर गहरी चिंता जतायी है। साथ ही इसे सिर्फ मीडिया जगत के लिए बड़ी क्षति ही नहीं, बल्कि वैश्विक चेतना के लिए एक गंभीर चेतावनी बताया है। रिपोर्ट के अनुसार, जेज्जीन शहर में एक हवाई हमले में अल मनार टीवी के पत्रकार अली शोएब और अल मयादीन के पत्रकार फातिमा और मोहम्मद फेटोनी की मौत हो गई। यह हमला इजरायल रक्षा बल द्वारा किया गया बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में अराघची ने इस हमले को टारगेट किलिंग करार दिया। उन्होंने कहाकि यह सच्चाई सामने लाने वाली आवाजों को खामोश करने की कोशिश है। उधर इजरायल की सेना ने अली शोएब की मौत की पुष्टि करते हुए दावा किया है कि वह हिजबुल्लाह का सदस्य था और पत्रकार के रूप में काम कर रहा था।
क्या कह रहे हैं डोनाल्ड ट्रंप
गौरतलब है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए ईरान को दी गई समयसीमा छह अप्रैल तक बढ़ा दी है। राष्ट्रपति ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए यह जानकारी दी। उन्होंने कहाकि वह ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर बमबारी को फिलहाल रोकेंगे। यह ताजा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब युद्धविराम वार्ता को लेकर दोनों देश गतिरोध की स्थिति में दिखाई दे रहे हैं तथा उन्होंने अपने-अपने रुख कड़े कर लिए।
पश्चिम एशिया में हज़ारों अतिरिक्त अमेरिकी सैनिक तैनात किए जाने के प्रयासों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि अमेरिका ईरान के साथ युद्ध जीत रहा है। उन्होंने अमेरिका की मदद न करने के लिए नाटो देशों की कड़ी आलोचना की, लेकिन बाद में कहा कि उन्हें उनकी सहायता की जरूरत नहीं है। वह ईरान के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की समय-सीमा दो बार बढ़ा चुके हैं।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन