कंगाल हो चुका था ईरान फिर कैसे बरसा रहा मिसाइलें और ड्रोन? सीक्रेट हथियार क्या
बीते दिनों ईरान में आर्थिक तंगी के बाद बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे। इन प्रदर्शनों में ईरानी सरकार द्वारा कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों के दमन के बाद ही अमेरिका ने ईरान में हस्तक्षेप की धमकी दी थी। अब दोनों देशों के बीच युद्ध छिड़ गया है।

Iran News in Hindi: ईरान पर अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद ईरान ने भी पूरी ताकत से पलटवार किया है। ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाकर लगातार हमले किए हैं। रिपोर्ट्स में इस तरह की खबरें सामने आई हैं कि अमेरिका और खाड़ी देशों के पास ईरानी ड्रोन्स का कोई मजबूत जवाब नहीं है। यह हाल तब है जब अमेरिका ने सालों से ईरान पर प्रतिबंध लगा रखे थे। प्रतिबंधों के बाद ईरान की आर्थिक बदहाली भी छिपी नहीं थी। ऐसे में यह सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इस स्थिति में भी ईरान वार पर वार कैसे कर पा रहा है?
इस सवाल का जवाब है ईरान का एक सीक्रेट हथियार। ईरान अभी भी विदेशों में मशीनरी, फ्यूल और मिलिट्री पार्ट्स के लिए एक ऐसे फाइनेंशियल नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहा है जिसे डोनाल्ड ट्रंप कंट्रोल नहीं कर सकते। यह नेटवर्क है बिटकॉइन का। ईरान अपना बिटकॉइन खुद माइन करता है और फिर फिर उसे खर्च कर अपनी जरूरतें पूरी करता है।
ईरान का हथियार
अमेरिका के बिटकॉइन स्ट्रैटेजिस्ट जेक पर्सी के मुताबिक ईरान लगभग 1,300 डॉलर में एक बिटकॉइन में माइन कर सकता है। बता दें कि मौजूदा समय में बिटकॉइन 73,000 डॉलर के करीब ट्रेड कर रहा है, जिससे ईरान हर कॉइन पर करीब 71,700 डॉलर का मुनाफा कमा है। अहम बात यह है इस वैल्यू को ग्लोबल बैंकिंग सिस्टम के बाहर भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
प्रतिबंधों को दे रहा मात
ईरान की यह रणनीति उसके लिए बेहद काम की साबित हो रही है। जब तेहरान ने 2019 में बिटकॉइन माइनिंग को कानूनी मान्यता दी थी, तब अधिकारियों ने इसे एक प्रयोग के तौर पर देखा। हालांकि विशेषज्ञ कहते हैं कि अब यह प्रतिबन्धों को मात देने के लिए एक अहम हथियार बन गया है।
बिटकॉइन को माइनिंग ऑपरेशन से बनाया जाता हैं जिन्हें सीधे सरकार के कंट्रोल वाले वॉलेट में ट्रांसफर किया जा सकता है। इसके बाद इसे इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन को सेटल करने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसकी मदद से ईरान डॉलर सिस्टम को छुए बिना ईंधन और मिलिट्री पार्ट्स के लिए विदेशी सप्लायर्स को भुगतान कर सकता है। इसके लिए ना ही कोई SWIFT ट्रांसफर की जरूरत होती है, ना ही किसी कॉरेस्पोंडेंट बैंक की।
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