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ईरान से लड़ने में हमसे मदद मांग रहा अमेरिका, छोटे से देश ने कसा ताना; शर्त भी रख दी

फारस की खाड़ी में अमेरिका के सहयोगी इस बात से नाखुश हैं कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले अमेरिकी प्रशासन ने इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर हमले करने से पहले उन्हें सूचित नहीं किया। साथ ही उन्हें ईरान के जवाबी हमलों का मुकाबला करने के लिए पर्याप्त समय और मदद नहीं दी गई।

Fri, 6 March 2026 10:10 AMNisarg Dixit भाषा
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ईरान से लड़ने में हमसे मदद मांग रहा अमेरिका, छोटे से देश ने कसा ताना; शर्त भी रख दी

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा है कि अमेरिका और पश्चिम एशिया में उसके सहयोगी ईरान के शाहेद ड्रोन का मुकाबला करने में यूक्रेन की मदद चाहते हैं। जेलेंस्की ने बुधवार देर रात कहा कि अमेरिका समेत कई देशों ने ईरानी ड्रोन हमलों से बचाव के लिए यूक्रेन से मदद मांगी है। उन्होंने कहा कि उन्होंने हाल के दिनों में संयुक्त अरब अमीरात, कतर, बहरीन, जॉर्डन और कुवैत के नेताओं से संभावित सहयोग के बारे में बात की है।

रख दी एक शर्त

रूस ने लगभग चार साल पहले अपने पड़ोसी देश यूक्रेन पर हमला करने के बाद से उस पर हजारों शाहेद ड्रोन दागे हैं। ईरान ने भी अमेरिकी-इजरायली संयुक्त हमलों के जवाब में इसी प्रकार के ड्रोन दागे हैं। जेलेंस्की ने कहा कि ईरान के ड्रोन हमलों का मुकाबला करने में यूक्रेन की सहायता तभी प्रदान की जाएगी जब इससे यूक्रेन की अपनी सुरक्षा कमजोर न हो और इससे रूसी आक्रमण को रोकने के लिए कीव के राजनयिक प्रयासों को बल मिले।

ताना कसा

उन्होंने कहा, 'हम उन लोगों को युद्ध से बचाने में मदद करते हैं जो हमारी मदद करते हैं, यूक्रेन को रूस के साथ युद्ध का न्यायपूर्ण अंत करने में मदद करते हैं।' जेलेंस्की ने कहा कि ईरान युद्ध ने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोप के सबसे बड़े संघर्ष से अंतरराष्ट्रीय ध्यान हटा दिया है और इस सप्ताह रूस और यूक्रेन के बीच अमेरिका की मध्यस्थता में होने वाली वार्ता के एक नए दौर को स्थगित करना पड़ा।

पश्चिमी देशों की सरकारों और विश्लेषकों का कहना है कि रूस-यूक्रेन युद्ध में लाखों लोग मारे गए हैं जबकि इस बात का कोई संकेत नहीं है कि अमेरिका के नेतृत्व में वर्षों से जारी शांति प्रयासों से लड़ाई जल्द ही रुक जाएगी।

जेलेंस्की ने कहा, 'ईरान के आसपास की स्थिति के कारण फिलहाल त्रिपक्षीय बैठक के लिए आवश्यक संकेत नहीं मिले हैं।' उन्होंने कहा, 'लेकिन समग्र सुरक्षा ठीक होने पर हम त्रिपक्षीय राजनयिक बैठक फिर से शुरू करेंगे।'

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अमेरिका से नाराज खाड़ी देश

पीटीआई भाषा की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि फारस की खाड़ी में अमेरिका के सहयोगी इस बात से नाखुश हैं कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले अमेरिकी प्रशासन ने इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर हमले करने से पहले उन्हें सूचित नहीं किया। साथ ही उन्हें ईरान के जवाबी हमलों का मुकाबला करने के लिए पर्याप्त समय और मदद नहीं दी गई। अमेरिका और इजराइल द्वारा संयुक्त रूप से किए गए हमलों के बाद ईरान ने कई खाड़ी देशों में ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं।

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