युद्ध के बीच अमेरिका ने ईरान को दिखाया तबाही का ट्रेलर, डूम्सडे परमाणु मिसाइल का परीक्षण
मिनुटमैन-III अमेरिका के रणनीतिक हथियारों का अहम हिस्सा है। इसकी मारक क्षमता करीब 6000 मील तक मानी जाती है और यह 15,000 मील प्रति घंटे से अधिक की गति से उड़ सकती है, जिससे यह कुछ ही मिनटों में दूसरे महाद्वीपों तक पहुंच सकती है।

अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी भीषण जंग के बीच अमेरिका ने ईरान को परमाणु चेतावनी दे दी है। युद्ध के छठे दिन अमेरिका ने अपनी परमाणु क्षमता वाली मिनुटमैन-III “डूम्सडे” इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) का परीक्षण किया है। यह मिसाइल हिरोशिमा पर गिराए गए परमाणु बम से लगभग 20 गुना अधिक शक्तिशाली वारहेड ले जाने में सक्षम मानी जा रही है।
इंडिया टुडे ने अपनी एक रिपोर्ट में अमेरिकी स्पेस फोर्स के हवाले से बताया कि मंगलवार रात कैलिफोर्निया के वेंडेनबर्ग स्पेस फोर्स बेस से एयर फोर्स ग्लोबल स्ट्राइक कमांड ने मिनुटमैन-III मिसाइल को लॉन्च किया। इसमें दो टेस्ट री-एंट्री व्हीकल लगाए गए थे। अमेरिकी स्पेस फोर्स ने बयान में कहा कि यह परीक्षण लंबे समय से चल रहे नियमित मूल्यांकन कार्यक्रम का हिस्सा था।
गति से उड़ा सकती है होश
मिनुटमैन-III अमेरिका के रणनीतिक हथियारों का अहम हिस्सा है। इसकी मारक क्षमता करीब 6000 मील तक मानी जाती है और यह 15,000 मील प्रति घंटे से अधिक की गति से उड़ सकती है, जिससे यह कुछ ही मिनटों में दूसरे महाद्वीपों तक पहुंच सकती है। अमेरिकी स्पेस फोर्स का कहना है कि पिछले कई दशकों में 300 से अधिक ऐसे परीक्षण किए जा चुके हैं ताकि जमीन आधारित परमाणु प्रतिरोधक क्षमता की विश्वसनीयता, सटीकता और तैयारी की जांच की जा सके।
छठे दिन भी जारी है जंग
इस बीच अमेरिका और ईरान का यह युद्ध छठे दिन भी जारी है। अमेरिकी पनडुब्बी के एक ईरानी युद्धपोत को डुबोने की घटना के बाद ईरान ने गुरुवार तड़के युद्ध के छठे दिन इजराइल को निशाना बनाकर मिसाइल दागी हैं। ईरान ने पूरे क्षेत्र में सैन्य और आर्थिक बुनियादी ढांचे को नष्ट करने की धमकी भी दी है। वहीं अमेरिका और इजरायल ने बुधवार को ईरान के सुरक्षा बलों और प्रशासनिक संस्थानों को निशाना बनाते हुए बमबारी तेज कर दी थी।
ईरान पर हमलों की तीव्रता इतनी भीषण थी कि सरकारी टेलीविजन ने घोषणा की कि संघर्ष की शुरुआत में मारे गए ईरानी सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के लिए आयोजित शोक समारोह को स्थगित करना होगा। अमेरिका और इजराइल ने शनिवार को ईरान के प्रमुख नेतृत्व, मिसाइल भंडार और परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाते हुए युद्ध की शुरुआत की और यह संकेत दिया कि उनका लक्ष्य ईरान में सरकार को गिराना है। सटीक लक्ष्य और समयसीमा में बार-बार बदलाव के कारण इस युद्ध के अनिश्चित काल तक जारी रहने की आशंका है।
युद्ध पर नहीं लगेगी कोई रोक
इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध के मोर्चे पर ''शानदार प्रदर्शन'' के लिए बुधवार को अमेरिकी सेना की प्रशंसा की। वहीं, अमेरिकी सीनेट में उनके सहयोगी रिपब्लिकन सांसदों ने ईरान के मुद्दे पर ट्रंप का साथ दिया और युद्ध रोकने की मांग वाले प्रस्ताव को खारिज कर दिया। संघर्ष बढ़ने के साथ ही ईरान ने बहरीन, कुवैत और इजरायल पर हमले किए। तुर्किये ने कहा कि उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) की रक्षा प्रणाली ने ईरान से दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को तुर्किये के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही रोक दिया।
1000 से ज्यादा की मौत, तेल आपूर्ति पर असर
अधिकारियों के अनुसार इस युद्ध में ईरान में 1,000 से अधिक, लेबनान में 70 से अधिक और इजराइल में लगभग 12 लोग मारे गए हैं। युद्ध ने दुनिया भर में तेल और गैस की आपूर्ति को बाधित कर दिया है, अंतरराष्ट्रीय नौवहन बाधित हुआ है जबकि पश्चिम एशिया में लाखों यात्री फंसे हुए हैं। ईरान के हमलों के कारण ओमान और होर्मूज जलडमरूमध्य से यातायात बाधित होने से तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है और इसके कारण वैश्विक शेयर बाजारों में भारी गिरावट आई है।
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