In 76 years population of India China will decrease Elon Musk called it the biggest threat 76 साल में घटकर महज इतनी रह जाएगी भारत-चीन की जनसंख्या, एलन मस्क ने बताया 'सबसे बड़ा खतरा', International Hindi News - Hindustan
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76 साल में घटकर महज इतनी रह जाएगी भारत-चीन की जनसंख्या, एलन मस्क ने बताया 'सबसे बड़ा खतरा'

  • मस्क लंबे समय से जनसंख्या घटाव के प्रति आगाह कर रहे हैं। उन्होंने पहले भी कहा था कि जनसंख्या का पतन आने वाला है। उनका मानना है कि यह मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा बन सकता है।

Tue, 7 Jan 2025 07:49 PMAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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76 साल में घटकर महज इतनी रह जाएगी भारत-चीन की जनसंख्या, एलन मस्क ने बताया 'सबसे बड़ा खतरा'

टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क ने हाल ही में वैश्विक जनसंख्या घटने पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने एक्स (ट्विटर) पर एक पोस्ट शेयर करते हुए इसे "दुनिया की सबसे बड़ी समस्या" बताया। मस्क ने "टेस्ला ओनर्स सिलिकॉन वैली" अकाउंट द्वारा शेयर किए गए एक ग्राफ को रीट्वीट किया, जिसमें 2018 से 2100 के बीच दुनिया के कुछ प्रमुख देशों की जनसंख्या में होने वाले बदलाव को दर्शाया गया है। यानी अगले 76 साल में भारत सहित दुनिया के सबसे ज्यादा आबादी वाले देशों की जनसंख्या तेजी से घटेगी।

ग्राफ में चीन, भारत नाइजीरिया, अमेरिका, इंडोनेशिया और पाकिस्तान सहित कई देशों की जनसंख्या में परिवर्तन के आंकड़े शामिल थे। पोस्ट में लिखा गया था, "जनसंख्या का पतन मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा है... एलन मस्क।" मस्क ने इस बयान पर अपनी सहमति जताते हुए सिर्फ "हां" लिखा।

वैश्विक जनसंख्या घटाव के पीछे कारण

विशेषज्ञ लंबे समय से यह संकेत देते आ रहे हैं कि दुनिया जनसंख्या में कमी की ओर बढ़ रही है। हालांकि, इस ट्रेंड की स्पीड और किन देशों पर इसका सबसे अधिक असर पड़ेगा, इस पर अभी बहस जारी है। जनसंख्या घटने के प्रमुख कारणों में प्रजनन दर में कमी, प्रवासन और वृद्ध होती आबादी शामिल हैं। कई देशों में प्रति महिला औसत बच्चों की संख्या 2.1 से कम हो गई है, जो स्थिर जनसंख्या बनाए रखने के लिए आवश्यक है। 2023 में, इंग्लैंड और वेल्स में प्रति महिला औसत बच्चों की संख्या गिरकर 1.44 हो गई, जो अब तक की सबसे कम दर है। वैश्विक स्तर पर भी, 1963 में प्रति महिला औसत बच्चों की संख्या 5.3 थी, जो आज आधे से भी कम रह गई है।

भविष्य की संभावनाएं

2020 में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत और चीन की जनसंख्या में 2018 के बाद से बड़े पैमाने पर गिरावट देखी जाएगी। जहां भारत की जनसंख्या साल 2100 तक घटकर 1.1 अरब के करीब हो जाएगी, वहीं चीन की जनसंख्या लगभग 73.19 करोड़ तक गिरने की संभावना है। इसका मतलब है कि चीन 73.1 करोड़ लोगों की कमी का सामना करेगा। नाइजीरिया की जनसंख्या 2100 तक 79.01 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है, तब यह दुनिया का दूसरा सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश बन जाएगा।

अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में स्थिरता की उम्मीद

अमेरिका, जहां प्रजनन दर प्रतिस्थापन स्तर से नीचे है। वह साल 2100 तक चौथे सबसे बड़े देश के रूप में अपनी स्थिति बनाए रख सकता है। इसका कारण सकारात्मक शुद्ध प्रवासन है। इसी तरह, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया भी प्रवासन के जरिए अपनी जनसंख्या को स्थिर बनाए रख सकते हैं।

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एलन मस्क की चेतावनी

एलन मस्क लंबे समय से जनसंख्या घटाव के प्रति आगाह कर रहे हैं। उन्होंने पहले भी कहा था कि "जनसंख्या का पतन आने वाला है।" उनका मानना है कि यह मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा बन सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य सेवा और सामाजिक ढांचे पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है।

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