ईरान के पास परमाणु हथियार आ गए तो खत्म हो जाएगा मध्य एशिया, डोनाल्ड ट्रंप बोले- हमला बिल्कुल सही
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने ईरान पर हमला अपने लिए नहीं बल्कि वैश्विक शांति के लिए किया है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान परमाणु हथियार विकसित कर लेता तो वह एक घंटे में ही पूरे मध्य एशिया को तबाह कर सकते हैं।

ईरान पर हमले को लेकर सफाई देते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह अटैक बहुत जरूरी था। अब ईरान परमाणु हथियारों के बारे में सोच भी नहीं पाएगा। उसकी सैन्य शक्ति बेहद कमजोर हो गई है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वैश्विक सुरक्षा के लिए ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना बहुत आवश्यक था। ट्रंप ने कहा, मुझे किसी से युद्ध करना पसंद नहीं है लेकिन ईरान की सरकार ने बहुत बड़ा अपराध किया है। उसने कुछ ही हफ्तों में 32 हजार प्रदर्शनकारियों को मौत की नींद सुला दी।
ट्रंप ने कहा, अगर किसी को लगता है कि ईरान के पास परमाणु हथियार होना गलत नहीं है तो उनको बता देना चाहता हूं कि वह एक घंटे में या एक दिन में भी परमाणु हथियारों का इस्तेमाल कर सकता है। इससे पूरा मध्य एशिया ही साफ हो जाएगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका के अभियान की वजह से ईरान की सेना की कमर टूट गई है। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल अमेरिका के लिए नहीं बल्कि वैश्विक शांति के लिए चलाया गया है।
पूरे विश्व की शांति के लिए किया गया हमला- ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, हमने पूरे विश्व के नजरिए से यह काम किया है। जब ट्रंप की शीर्ष प्रवक्ता से पूछा गया कि जिन अन्य देशों से न तो परामर्श किया गया और न ही उन्हें इसमें शामिल किया गया, उन्हें होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित करने के लिए अपने सैनिकों को खतरे में क्यों डालना चाहिए, तो उन्होंने तर्क दिया कि अन्य देश ईरानी शासन को निरस्त्र करने के ट्रंप के प्रयास से सीधे तौर पर लाभान्वित हो रहे हैं।
'व्हाइट हाउस' की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने पत्रकारों से कहा, 'यह ऐसी बात है जिससे न केवल अमेरिका बल्कि पूरा पश्चिमी जगत कई वर्षों से सहमत है।' उन्होंने कहा, ''इसलिए मुझे लगता है कि राष्ट्रपति का इन देशों से होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने में अमेरिका की मदद करने के लिए और अधिक प्रयास करने का आह्वान करना बिल्कुल सही है, ताकि हम इस आतंकवादी शासन को ऊर्जा के मुक्त प्रवाह को प्रतिबंधित करने से रोक सकें।'
नाटो में चल रहा मंथन
ट्रंप ने उम्मीद जताई है कि चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन समेत अन्य देश जो ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने के प्रयास से प्रभावित हैं, वे समुद्री मार्ग को ''सुरक्षित और खुला' रखने के लिए क्षेत्र में युद्धपोत भेजेंगे। इसके अलावा, 'फाइनेंशियल टाइम्स' को दिए एक साक्षात्कार में ट्रंप ने चेतावनी दी कि ''अगर कोई प्रतिक्रिया नहीं आती या नकारात्मक प्रतिक्रिया आती है तो मुझे लगता है कि यह नाटो के भविष्य के लिए बहुत बुरा होगा।'
यूरोपीय संघ के विदेश मंत्री ट्रंप की मांग पर चर्चा करने के लिए एकत्रित हुए और इसी दौरान जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल ने कहा कि अमेरिका और इजराइल के लिए यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण है कि वे कब तक मानते हैं कि उनके सैन्य उद्देश्य हासिल हो जाएंगे। वाडेफुल ने पत्रकारों से कहा, ''हमें इस मामले में और स्पष्टता की आवश्यकता है।''
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन