कितने अमीर हैं ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई? लंदन से दुबई तक अरबों का साम्राज्य
मोजतबा खामेनेई को ईरान की राजनीति में पर्दे के पीछे एक बेहद ताकतवर व्यक्ति माना जाता है। उनका देश की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी से भी करीबी संबंध है। इसके बावजूद वह आमतौर पर सार्वजनिक रूप से बहुत कम दिखाई देते हैं।

ईरान और अमेरिका इजरायल के बीच जारी युद्ध के बीच ईरान ने अपना नया सर्वोच्च नेता चुन लिया है। ईरान के अधिकारियों ने सोमवार को घोषणा की कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को ईरान के इस्लामी शासन का अगला शासक नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही मोजतबा खामेनेई के निजी और राजनीतिक जीवन को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि मोजतबा अरबों की संपत्ति के मालिक हैं और उनका साम्राज्य लंदन से दुबई तक फैला हुआ है।
इससे पहले अमेरिकी और इजरायली हमलों के बीच ईरान की 'असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स' ने अगले सर्वोच्च नेता के रूप में एक गुप्त 56 वर्षीय धर्मगुरु मोजतबा खामेनेई को चुना है। मोजतबा देश की अर्धसैनिक 'रिवोल्यूशनरी गार्ड' के भी बेहद करीब हैं। इससे पहले मोजतबा को सार्वजनिक रूप से बहुत कम देखा है या उनके बारे में बहुत कम सुना गया है, लेकिन उन्हें अपने पिता के जिंदा रहने के दौरान से ही इस पद का उम्मीदवार माना जा रहा था। माना जाता है कि मोजतबा खामेनेई के विचार अपने पिता से भी अधिक कट्टरपंथी हैं।
कितने अमीर हैं नए सुप्रीम लीडर?
लंदन के एक रिहायशी इलाके के तार तेहरान से दुबई और फ्रैंकफर्ट तक जुड़े हुए हैं। कई शेल कंपनियों की परतों के जरिए इस नेटवर्क का अंतिम मालिकाना हक मिडिल ईस्ट के सबसे ताकतवर लोगों में गिने जाने वाले मोजतबा खामेनेई तक ले कर जाता है। एक पश्चिमी खुफिया एजेंसी के आकलन के मुताबिक मोजतबा इनवेस्टमेंट की दुनिया में बड़ा नाम रखते हैं। सूत्रों का कहना है कि मोजतबा आम तौर पर अपनी संपत्तियां सीधे अपने नाम पर नहीं रखते, लेकिन कई सौदों में उनकी सीधी भूमिका रही है।
कहां तक फैला साम्राज्य?
रिपोर्ट्स के मुताबिक उनकी आर्थिक ताकत फारस की खाड़ी में शिपिंग कारोबार से लेकर स्विस बैंक खातों और ब्रिटेन की लग्जरी प्रॉपर्टी तक फैली हुई है। ब्रिटेन में उनकी संपत्तियों की कीमत 10 करोड़ पाउंड यानी करीब 138 मिलियन डॉलर से ज्यादा बताई जाती है। कई सूत्रों ने नाम उजागर ना करने की शर्त पर बताया कि इस नेटवर्क की कंपनियों ने अरबों डॉलर के फंड को पश्चिमी बाजारों में पहुंचाने में मदद की है। इसे लेकर 2019 में अमेरिका ने मोजतबा खामेनेई पर प्रतिबंध भी लगा दिया था।
इन निवेशों में लंदन के कई सबसे महंगे इलाकों में प्राइम प्रॉपर्टी शामिल हैं। इनमें से एक घर 2014 में 3.37 करोड़ पाउंड में खरीदा गया था। इसके अलावा दुबई के उस इलाके में एक विला भी है जिसे “दुबई का बेवर्ली हिल्स” कहा जाता है। यूरोप में फ्रैंकफर्ट से लेकर स्पेन के मयॉर्का तक कई अपस्केल होटल भी इस नेटवर्क से जुड़े बताए जाते हैं। मामले से परिचित लोगों के अनुसार इन सौदों के लिए पैसा ब्रिटेन, स्विट्जरलैंड, लिकटेंस्टीन और संयुक्त अरब अमीरात के बैंकों के खातों के जरिए भेजा गया। बताया जाता है कि इस पैसे का मुख्य स्रोत ईरानी तेल की बिक्री है।
क्यों है अहम?
यह इसलिए अहम है क्योंकि ईरान की सरकारी मीडिया सर्वोच्च नेता और उनके परिवार को ऐसे लोगों के रूप में दिखाती है जो 1979 की क्रांति के बाद गरीबों और इस्लाम के नाम पर सादा और धार्मिक जीवन जीते हैं। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि विदेशी संपत्तियों का इस्तेमाल विलासिता भरी जिंदगी के लिए किया गया है या नहीं। लेकिन मोजतबा खामेनेई की छिपी हुई संपत्ति उस छवि से मेल नहीं खाती जो शासन जनता के सामने पेश करता है। खासकर ऐसे समय में जब देश में गरीबी बढ़ रही है और इस्लामी गणराज्य के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
पश्चिमी प्रतिबंधों के बावजूद कैसे संभव?
खामेनेई परिवार की विदेशी निवेश कहानी यह भी दिखाती है कि ईरान के प्रभावशाली लोग पिछले दो दशकों में लगे कड़े अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बावजूद पैसा विदेश भेजने में कैसे सफल रहे। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक वित्तीय सिस्टम की कमजोरियां, जैसे कंपनियों के वास्तविक मालिक की जानकारी का अभाव और प्रतिबंधों के कमजोर क्रियान्वयन, ऐसे गुप्त नेटवर्क को चलने का मौका देती हैं।
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