Houthis hold on Bab al-Mandeb how they could put a 10 percent brake on the global economy बाब अल-मंडेब के पास हूती की बोलती है तूती, कैसे दुनिया पर लगा सकता है 10% वाला ब्रेक, International Hindi News - Hindustan
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बाब अल-मंडेब के पास हूती की बोलती है तूती, कैसे दुनिया पर लगा सकता है 10% वाला ब्रेक

बाब अल मंडेब पर हूतियों का नियंत्रण है। अगर हूती इस रास्ते को भी बंद कर देते हैं तो दुनिया का 10 फीसदी समुद्री व्यापार खतरे में पड़ जाएगा। इससे कई देशों की अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। 

Mon, 30 March 2026 03:30 PMAnkit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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बाब अल-मंडेब के पास हूती की बोलती है तूती, कैसे दुनिया पर लगा सकता है 10% वाला ब्रेक

ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी युद्ध में अब तक यमन के हूती विद्रोही अलग थे। दो दिन पहले हूती विद्रोहियों ने भी मिसाइल अटैक करके इजरायल और अमेरिका के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस युद्ध की शुरुआत होते ही दुनियाभर में प्राकृतिक गैस और तेल का संकट शुरू हो गया। कई देशों में उर्वरक की समस्या बढ़ गई। ईरान ने अपने रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य को विरोधियों के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया है।

अगर हूती भी इस युद्ध में सक्रिय हो जाते हैं तो दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाएं हिल जाएंगी। हूतियों के नियंत्रण में लाल सागर के मुहाने पर स्थिति बाब अल मंडेब जलडमरूमध्य है। यहां से होकर हर साल दुनिया का 12 फीसदी व्यापारिक जहाज गुजरते हैं। इसका अर्थ होता है 'आंसुओं का दरवाजा'। हिंद महासागर और लाल सागर को जोड़ने वाला यह संकरा जलीय कॉरिडोर है। यह यमन और जिबूती से करीब है। इस कॉरिडोर के बीच में एक आइलैंड है जो कि इसे दो धाराओं में बांट देता है। पश्चिमी चैनल अपेक्षाकृत ज्यादा चौड़ा और गहरा है। इइसी लंबाई करीब 25 किलोमीट है और गहराई 310 मीटर है। इस रास्ते से भारी भरकम जहाज गुजरते हैं। इसके अलावादूसरा चैनल दो मील चौड़ा है।

क्यों अहम है बाब-अल-मंडेब

भूमध्य सागर और एशिया को जोड़ने के लिए व्यापारिक दृष्टिकोण से बाब अल मंडेब बहुत अहम है। इसी रास्ते से यूरोप और एशिया के बीच व्यापार होता है। इसके अलावा यूरोप, उत्तरी अमेरिका को मध्य एशिया से तेल की सप्लाई भी इसी जलडमरूमध्य से होती है। इसी रास्ते से सऊदी अरब का तेल भी पश्चिमी तट तक पहुंचता है। सऊदी अरब पाइपलाइन के जरिए लाखों बैरल कच्चा तेल यांबू तक पहुंचाता है जिससे उसे होर्मुज स्ट्रेट से होकर ना गुजरना पड़े। यूएस एनर्टी इ्फॉर्मेशन ऐडमिनिस्ट्रेशन की मानें तो 2016 में बाब-अल मंडेब से होकर ही रोजना 48 लाख बैरेल तेल यूरोप पहुंचता थाऔर 2011 में 33 लाख बैरेल रोज अमेरिका और एशिया पहुंचता था।

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EU ने जहाजों को दी चेतावनी

यूरोपीय संघ (EU) की समुद्री सुरक्षा एजेंसी ने जहाजों को यमन के क्षेत्रीय जलक्षेत्र में प्रवेश न करने की चेतावनी दी है, क्योंकि ईरान समर्थित हूती विद्रोही समूह द्वारा व्यापारिक जहाजों पर हमले फिर शुरू किए जाने की आशंका जताई गई है। यह चेतावनी ऐसे समय जारी की गई है जब हूती विद्रोहियों ने शनिवार को इज़राइल पर मिसाइल हमले किए और आगे भी हमले जारी रखने की घोषणा की।

लाल सागर में खतरा

यूरोपीय संघ नौसैनिक बल 'एस्पिडीज' मिशन ने कहा कि विशेष रूप से लाल सागर और अदन की खाड़ी में खतरा बना हुआ है और अमेरिका या इज़राइल से जुड़े जहाजों को यमन के जलक्षेत्र से दूर रहने की सलाह दी गई है, जब तक कि खतरे का स्तर कम न हो जाए। रिपोर्ट के मुताबिक इज़राइली हितों से जुड़े जहाजों के लिए खतरे का स्तर "उच्च" आंका गया है, जबकि अमेरिका या इज़रायल से असंबद्ध जहाजों के लिए यह "मध्यम" स्तर का है।

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विशेषज्ञों के अनुसार, हूती अब तक बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के जरिए समुद्री यातायात बाधित करने की अपने सबसे प्रभावी क्षमता का पूर्ण उपयोग नहीं कर पाए हैं, जो लाल सागर को वैश्विक व्यापार मार्गों से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण मार्ग है। (वार्ता से इनपुट्स के साथ)

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