Hormuz will be less usable as UAE accelerate construction of a new oil pipeline होर्मुज के लदने जा रहे दिन! UAE बना रहा तेल की नई पाइपलाइन, ईरान का टूटेगा घमंड, International Hindi News - Hindustan
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होर्मुज के लदने जा रहे दिन! UAE बना रहा तेल की नई पाइपलाइन, ईरान का टूटेगा घमंड

अगर वेस्ट-ईस्ट पाइपलाइन पूरी हो जाती है तो यह फुजैराह बंदरगाह के रास्ते यूएई की तेल कंपनी एडनॉक की क्षमता को दोगुना कर सकती है। वहीं, होर्मुज पर निर्भर देशों की संख्या में कमी आएगी और ईरान का घमंड टूटेगा।

Fri, 15 May 2026 07:16 PMDeepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान, दुबई
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होर्मुज के लदने जा रहे दिन! UAE बना रहा तेल की नई पाइपलाइन, ईरान का टूटेगा घमंड

होर्मुज ऑफ स्ट्रेट को बायपास करने की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। संयुक्त अरब अमीरात ने इससे जुड़ी प्रक्रिया को तेज करने पर जोर दिया है। अगर वेस्ट-ईस्ट पाइपलाइन पूरी हो जाती है तो यह फुजैराह बंदरगाह के रास्ते यूएई की तेल कंपनी एडनॉक की क्षमता को दोगुना कर सकती है। वहीं, होर्मुज पर निर्भर देशों की संख्या में कमी आएगी और ईरान का घमंड टूटेगा। अबू धाबी के मीडिया ऑफिस के मुताबिक अगले साल से इसके शुरू होने की उम्मीद है। रिपोर्ट के मुताबिक, अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने एडनॉक को प्रोजेक्ट में तेजी लाने का निर्देश दिया है। बता दें ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद से ही हालात खराब हैं। इसके चलते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होने वाली ईंधन सप्लाई प्रभावित हुई है। भारत समेत विभिन्न देशों में इसके दाम को लेकर हाहाकार मचा हुआ है।

कब तक होगी तैयार
यह पाइपलाइन फिलहाल बनकर तैयार हो रही है। अनुमान है कि यह साल 2027 तक काम करने लगेगी। हालांकि अधिकारियों ने अभी यह नहीं बताया है कि वास्तव में यह कब तक पूरी होगी। फिलहाल यूएई के पास, अबू धाबी क्रूड ऑयल पाइपलाइन मौजूद है। इसे हबशान-फुजैराह पाइपलाइन के नाम से जाना जाता है। इस पाइपलाइन में हर रोज 1.8 मिलियन बैरल कच्चा तेल सीधे ओमान तट की खाड़ी में पहुंचाया जा सकता है। सबसे बड़ी बात है कि यह सब बिना स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के होगा।

किन देशों को राहत
अभी यूएई और सऊदी अरब ही दो तेल उत्पादक खाड़ी देश हैं, जो निर्यात के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर निर्भर नहीं हें। वहीं, ओमान को इसके खाड़ी तट से लगी लंबी कोस्टलाइन का फायदा मिलता है। दूसरी तरफ कुवैत, इराक, कतर और बहरीन जैसे देश हैं जो ऊर्जा जरूरतों के लिए पूरी तरह से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर निर्भर हैं। बता दें कि 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद से ही होर्मुज को लेकर संकट गहराया हुआ है। इन हमलों के जवाब में ईरान ने होर्मुज बंद कर दिया था।

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क्या है होर्मुज
गौरतलब है कि होर्मुज स्ट्रेट करीब 33 किलोमीटर चौड़ा है। यह सऊदी अरब, ईरान, इराक और संयुक्त अरब अमीरात सहित बड़े तेल तेल उत्पादकों को ओमान की खाड़ी और अरब सागर के रास्ते वैश्विक बाजार से जोड़ता है। दुनिया भर में होने वाली तेल खपत का लगभग पांचवां हिस्सा इसी जलमार्ग से होकर गुजरता है। पिछले कुछ वक्त से अमेरिका लगातार होर्मुज को खुलवाने की कोशिश में जुटा हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की चीन यात्रा को भी इसी से जोड़कर देखा जा रहा है।

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