होर्मुज में एक बार फिर से गोलीबारी, तीन जहाजों को बनाया निशाना; कितना नुकसान?
UKMTO ने बताया कि जहाज के कैप्टन ने रिपोर्ट दी कि IRGC की एक गनबोट उनके जहाज के करीब आ रही थी। उन्होंने बताया कि इसके बाद जहाज पर गोलीबारी की गई। जहाज के सभी क्रू सदस्य सुरक्षित हैं।

होर्मुज स्ट्रेट में एक बार फिर से तीन जहाजों पर गोलीबारी हुई है। समुद्री सुरक्षा सूत्रों और यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के अनुसार, बुधवार को होर्मुज में कम से कम तीन कंटेनर जहाजों को निशाना बनाया गया। हालांकि, राहतभरी बात यह रही कि हमले में क्रू मेंबर्स पूरी तरह सुरक्षित हैं। ओमान के उत्तर-पूर्व में गोलीबारी और रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड (आरपीजी) से हमला होने के बाद, लाइबेरिया का झंडा लगे एक कंटेनर जहाज के ब्रिज को नुकसान पहुंचा है। ईरान ने इस स्ट्रेट का इस्तेमाल करने पर प्रतिबंध लगा दिए हैं।
UKMTO ने बताया कि जहाज के कैप्टन ने रिपोर्ट दी कि IRGC की एक गनबोट उनके जहाज के करीब आ रही थी। उन्होंने बताया कि इसके बाद जहाज पर गोलीबारी की गई। जहाज के सभी क्रू सदस्य सुरक्षित थे और इस घटना के कारण कोई आग नहीं लगी। समुद्री सुरक्षा से जुड़े सूत्रों ने बताया कि उस गनबोट पर तीन लोग सवार थे। ग्रीस द्वारा संचालित कंटेनर जहाज के कैप्टन ने यह भी बताया कि घटना से पहले उनसे रेडियो पर कोई संपर्क नहीं किया गया था, और उन्हें शुरू में यह जानकारी दी गई थी कि उन्हें होर्मुज से गुजरने की अनुमति है।
ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा एजेंसी ने बताया कि यह घटना ओमान के उत्तर-पूर्व में 15 नॉटिकल मील की दूरी पर हुई और जहाज का पूरा क्रू सुरक्षित है। हालांकि, ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम ने कहा कि जहाज ने ईरान के सशस्त्र बलों की चेतावनियों को नजरअंदाज किया था। एक अलग घटना में, ईरान के पश्चिम में आठ नॉटिकल मील की दूरी पर एक मालवाहक जहाज पर गोलीबारी की गई और उसे पानी में रोक दिया गया। यह स्पष्ट नहीं था कि इस जहाज को किसने निशाना बनाया था।
इससे पहले, होर्मुज स्ट्रेट में भारत के दो जहाजों पर ईरान की सेना ने हमला कर दिया था, जिससे तनाव बढ़ गया था। जहाजों पर हुई गोलीबारी के बाद, दोनों को वापस लौटना पड़ा था। घटना में कोई घायल नहीं हुआ और भारत ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए ईरान के राजदूत को तलब किया और जहाजों के सुरक्षित मार्ग की मांग की। ईरान, अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के बीच बढ़ते तनाव के कारण, वैश्विक समुद्री व्यापार मार्ग खतरे में पड़ गए हैं। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को घोषणा की कि दोनों देशों के बीच संघर्ष-विराम को आगे बढ़ाया जाएगा, जो 8 अप्रैल को पहली बार लागू हुआ था।
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