तबाह हुए गाजा में भी वोट डालने के लिए लगीं कतारें, किस उम्मीद में कराए जा रहे चुनाव
वेस्ट बैंक में सड़क, पानी और बिजली जैसे मुद्दे बताए जा रहे हैं तो वहीं गाजा तो लेकर अधिकारियों का कहना है कि यह तो पायलट प्रोजेक्ट है। फिलिस्तीन अथॉरिटी ने लंबे समय बाद यह चुनाव कराए हैं। यहां इंटरनेशनल एजेंसियां भी चुनाव की सलाह दे रही थीं।

बीते करीब तीन सालों से जंग में चल रहे गाजा में स्थानीय चुनाव के लिए मतदान चल रहा है। इजरायली हमलों में पूरी तरह तबाह हो चुके गाजा में यह नजारा महत्वपूर्ण है, जहां वोटरों की कतारें देखी जा रही हैं। वेस्ट बैंक और गाजा में चल रहे मतदान को नेतृत्व परिवर्तन के नजरिए से भी देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि अब यहां से हमास की विदाई हो सकती है। बीते दो दशकों से गाजा में स्थानीय चुनाव नहीं हुए थे। वेस्ट बैंक में सड़क, पानी और बिजली जैसे मुद्दे बताए जा रहे हैं तो वहीं गाजा तो लेकर अधिकारियों का कहना है कि यह तो पायलट प्रोजेक्ट है। फिलिस्तीन अथॉरिटी ने लंबे समय बाद यह चुनाव कराए हैं। यहां इंटरनेशनल एजेंसियां भी चुनाव की सलाह दे रही थीं।
यहां प्रेसिडेंट इलेक्शन 2006 से ही नहीं हुए हैं। रमल्लाह स्थित केंद्रीय चुनाव आयोग की ओर से लोगों को प्रेरित किया जा रहा है कि वे मतदान करें। गाजा के डेर अल-बालाह में ही 70 हजार मतदाता हैं। इसके अलावा 1 मिलियन यानी करीब 10 लाख वोटर वेस्टबैंक में हैं। चुनाव आयोग के प्रवक्ता ने कहा कि यह मतदान बताता है कि फिलिस्तीन के लोग अपने देश को विकसित करना चाहते हैं और यहीं बने रहना चाहते हैं। रमल्लाह में सुबह से ही मतदान के लिए कतारें देखी गईं। इसके अलावा लोग बड़ी संख्या में अपने बच्चों को भी मतदान स्थल तक साथ लाए थे ताकि उन्हें भी वोटिंग का प्रॉसेस समझा सकें।
गाजा तो बीते करीब तीन सालों में लगभग तबाह हो चुका है। इसलिए वेस्ट बैंक के पूरे इलाके में ही मतदान कराया गया है, लेकिन गाजा के एक ही इलाके डेर अल-बलाह में मतदान हो रहा है। यहां भी इसलिए वोटिंग हो रही है क्योंकि गाजा के अन्य इलाकों के मुकाबले यहां कम तबाही हुई है। इसकी वजह यह है कि इजरायल की सेना ने यहां जमीनी हमला नहीं किया था। फिलिस्तीन के एक अधिकारी ने कहा कि मुख्य टारगेट यह है कि गाजा और वेस्ट बैंक को एक ही राजनीतिक सिस्टम के तहत ले आया जाए। अब तक गाजा में हमास की सत्ता रही है। अब इसे हटाने की तैयारी है।
7 अक्टूबर 2023 के बाद से जारी है जंग, पूरे मिडल ईस्ट पर असर
गौरतलब है कि 7 अक्टूबर 2023 को हमास ने इजरायल के अंदर घुसकर भीषण हमला किया था। इस अटैक में करीब 700 लोग मारे गए थे और लगभग 200 लोगों को बंधक बना लिया गया था। इस घटना के बाद इजरायल ने गाजा पर ताबड़तोड़ हमले किए और लगभग 50 हजार लोग मारे गए। तब से अब तक अलग-अलग इलाकों में मिडल ईस्ट में जंग जारी है। फिलहाल ईरान पर भी अमेरिका और इजरायल हमलावर हैं। अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता वार्ता की कोशिशें भी चल रही हैं।
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