Explained Trump imposes 50 percent tariffs on Brazil after spat with Lula Emperor BRICS सम्राट कहने पर भड़के ट्रंप? ब्राजील पर लगाया 50% टैरिफ, राष्ट्रपति लूला बोले- हम भी पलटवार करेंगे, International Hindi News - Hindustan
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सम्राट कहने पर भड़के ट्रंप? ब्राजील पर लगाया 50% टैरिफ, राष्ट्रपति लूला बोले- हम भी पलटवार करेंगे

ट्रंप ने अपने पत्र में कहा कि यह 50% टैरिफ 1 अगस्त से लागू होगा और यह सभी क्षेत्रीय टैरिफ से अलग होगा। यह टैरिफ अप्रैल में घोषित 10% टैरिफ से काफी अधिक है। इस घोषणा के बाद ब्राजील की मुद्रा 3% से अधिक गिर गई।

Thu, 10 July 2025 06:47 AMAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, वाशिंगटन
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सम्राट कहने पर भड़के ट्रंप? ब्राजील पर लगाया 50% टैरिफ, राष्ट्रपति लूला बोले- हम भी पलटवार करेंगे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को घोषणा करते हुए कहा कि अमेरिका ब्राजील से होने वाले सभी आयातों पर 50% टैरिफ लगाएगा। यह फैसला ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा के साथ इस सप्ताह हुए सार्वजनिक विवाद के बाद लिया गया, जिसमें लूला ने बिना नाम लिए ट्रंप को "अनचाहा सम्राट" कहा था। टैरिफ की धमकी के बाद ब्राजील की मुद्रा 'रीयाल' में करीब 3% की गिरावट दर्ज की गई। वहीं अमेरिका में ब्राजील की बड़ी कंपनियों से जुड़े शेयरों में भी गिरावट देखी गई। यह कदम ट्रंप द्वारा लैटिन अमेरिका के सबसे बड़े देश ब्राजील और उसके वामपंथी राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा के साथ विवाद को और तेज करने वाला माना जा रहा है। लूला ने भी ट्रंप के टैरिफ के खिलाफ पलटवार करने की चेतावनी दी है। उन्होंने यहां तक कहा कि उनके देश किसी भी प्रकार के संरक्षण को स्वीकार नहीं करेगा।"

ट्रंप ने ब्राजील के वर्तमान राष्ट्रपति लूला को लिखे पत्र में कहा कि यह टैरिफ ब्राजील की ओर से अमेरिकी कंपनियों की डिजिटल व्यापार गतिविधियों पर "लगातार हमलों" और बोल्सोनारो के खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाई के जवाब में है। उन्होंने ब्राजील की सुप्रीम कोर्ट द्वारा सोशल मीडिया कंपनियों पर लगाए गए नियमों को "अमेरिकियों के स्वतंत्र अभिव्यक्ति के अधिकारों पर हमला" करार दिया। इसके साथ ही, ट्रंप ने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय को 1974 के व्यापार अधिनियम की धारा 301 के तहत ब्राजील की नीतियों की अनुचित व्यापार प्रथाओं की जांच शुरू करने का निर्देश दिया। इस जांच से ब्राजील के निर्यात पर और अधिक टैरिफ लग सकते हैं।

बोल्सोनारो के समर्थन में उतरे ट्रंप

ट्रंप ने यह घोषणा सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक पत्र के जरिए की। उन्होंने इस पत्र में ब्राजील के पूर्व दक्षिणपंथी राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो का भी जिक्र किया, जिन पर 2022 में चुनाव हारने के बाद कथित तख्तापलट की साजिश रचने का मुकदमा चल रहा है। ट्रंप ने लिखा कि वह ब्राजील के “फ्री इलेक्शन पर हमला” और “अमेरिकियों के फ्री स्पीच राइट्स” पर खतरे को देखते हुए यह निर्णय ले रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि टैरिफ में यह बढ़ोतरी आंशिक रूप से ब्राजील द्वारा पूर्व राष्ट्रपति बोल्सोनारो के साथ किए जा रहे व्यवहार के कारण है।

बोल्सोनारो को अक्सर “ट्रंप ऑफ द ट्रॉपिक्स” कहा जाता है। उन्होंने अमेरिका में अपने पुराने सहयोगी ट्रंप से कई बार मदद की अपील की है, क्योंकि उनकी कानूनी परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। ट्रंप ने अपने पत्र में दोहराया कि बोल्सोनारो के खिलाफ चल रही सुनवाई “एक विच हंट” है और इसे “तुरंत समाप्त किया जाना चाहिए।”

लूला ने कहा- ब्राजील को कोई 'ट्यूटर' नहीं चाहिए

टैरिफ की धमकी के बाद ब्राजील के राष्ट्रपति लूला ने तुरंत वित्त मंत्री फर्नांडो हद्दाद, विदेश मंत्री मौरो विएरा और उप राष्ट्रपति जेराल्डो अल्कमिन के साथ राष्ट्रपति भवन में आपात बैठक बुलाई। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर सख्त प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “ब्राजील को कोई ट्यूटर नहीं चाहिए। जो लोग तख्तापलट की योजना बना रहे थे, उनके खिलाफ केस न्यायपालिका का विषय है और इस पर कोई बाहरी हस्तक्षेप या धमकी स्वीकार नहीं की जाएगी।” उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका ने एकतरफा टैरिफ बढ़ाए, तो ब्राजील "इकोनॉमिक रिसिप्रॉसिटी लॉ" के तहत जवाबी कदम उठाएगा।

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किसे होगा सबसे ज्यादा नुकसान?

विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका द्वारा ब्राजील से आने वाले स्टील उत्पाद, एयरक्राफ्ट और मशीनरी जैसे उपकरणों पर भारी शुल्क लगाने से ब्राजील की औद्योगिक कंपनियों, खासकर प्लेन निर्माता एम्ब्रायर को बड़ा झटका लग सकता है। एम्ब्रायर के अमेरिकी डिपॉजिटरी रिसीट्स में 9% तक की गिरावट दर्ज की गई।

द्विपक्षीय रिश्तों पर असर

UBS ग्लोबल वेल्थ मैनेजमेंट की इकनॉमिस्ट सोलांज स्रोर के मुताबिक, “यह सिर्फ व्यापार का मामला नहीं है, बल्कि देशों के बीच संस्थागत संबंधों में आई गिरावट को दिखाता है। 50% का शुल्क कई ब्राजीलियाई निर्यातकों के लिए अमेरिकी बाजार में व्यापार करना लगभग असंभव बना सकता है।”

BRICS सम्मेलन से हुई विवाद की शुरुआत?

यह विवाद तब शुरू हुआ जब ट्रंप ने रविवार को ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) समूह को "अमेरिका विरोधी" करार देते हुए 10% अतिरिक्त टैरिफ लगाने की धमकी दी थी। रियो डी जनेरियो में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान लूला ने इस धमकी का जवाब देते हुए कहा, "दुनिया बदल चुकी है। हम कोई सम्राट नहीं चाहते। हम संप्रभु राष्ट्र हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि यदि ट्रंप टैरिफ लगाते हैं, तो अन्य देशों को भी जवाबी टैरिफ लगाने का अधिकार है।

इसके बाद, बुधवार को ब्राजील के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी दूतावास के चार्ज डी'अफेयर्स को बुलाकर एक बयान पर आपत्ति जताई, जिसमें बोल्सोनारो का समर्थन किया गया था। उसी समय, ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पश्चिम अफ्रीकी नेताओं के साथ एक कार्यक्रम में संवाददाताओं से कहा कि ब्राजील "हमारे लिए अच्छा नहीं रहा, बिल्कुल भी नहीं।"

ब्रिक्स सम्मेलन में नेताओं ने अमेरिका की टैरिफ नीतियों और ईरान पर सैन्य हमलों की आलोचना की, हालांकि अमेरिका का नाम नहीं लिया गया। सम्मेलन के समापन पर लूला ने ट्रंप को “गैर-जिम्मेदार” बताते हुए कहा कि “सोशल मीडिया पर टैरिफ की धमकी देना बेहद गैर-जिम्मेदाराना हरकत है। ट्रंप को पहले अपने देश के मामलों पर ध्यान देना चाहिए।” उन्होंने दुनिया के नेताओं से यह भी आग्रह किया कि वे अंतरराष्ट्रीय व्यापार में अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम करने के तरीके खोजें।

व्यापार में असंतुलन नहीं फिर भी टैरिफ?

खास बात यह है कि उलटा ब्राजील अमेरिका के साथ व्यापार में घाटे में है, यानी वह अमेरिका से ज्यादा सामान आयात करता है। 2024 में ब्राजील ने अमेरिका से 44 अरब डॉलर का आयात, जबकि अमेरिका ने ब्राजील से 42 अरब डॉलर का आयात किया। यह ट्रंप की "रेसिप्रोकल टैरिफ" नीति के तहत असामान्य मामला है, क्योंकि आमतौर पर वे उन्हीं देशों को निशाना बनाते हैं जो अमेरिका के साथ व्यापार अधिशेष रखते हैं।

ब्राजील से अमेरिकी जरूरतें भी पूरी होती हैं

एक अन्य पहलू यह है कि अमेरिका में बीफ की कमी के चलते वह ब्राजील से मांस का आयात बढ़ा रहा है। 2024 में अमेरिका ने ब्राजील से 1.4 अरब डॉलर का बीफ मंगवाया और 2025 में अभी तक की आपूर्ति भी पिछले साल से ज्यादा रही है। साथ ही, ब्राजील से आने वाला कॉफी और कोको, जो अमेरिका में नहीं उगता, भी अहम है। USDA के अनुसार, 2024 में अमेरिका ने ब्राजील से लगभग 2 अरब डॉलर का कॉफी आयात किया।

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