युद्ध लगभग खत्म हो चुका है… डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान, ईरान ने भी दे दिया जवाब
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इससे पहले कहा था वे कि वे इरान के खिलाफ चल रहे युद्ध को समाप्त करने का कोई भी फैसला इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ मिलकर करेंगे। युद्ध बीते दस दिनों से जारी है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ चल रही जंग को लेकर बड़ा बयान दिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है ईरान के खिलाफ जारी युद्ध अब लगभग पूरी तरह से खत्म हो चुका है। डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ना सिर्फ पश्चिम एशिया बल्कि पूरी दुनिया में इस युद्ध की वजह से हाहाकार मचा हुआ है, जहां ऊर्जा आपूर्ति पर संकट गहराता जा रहा है। हालांकि ईरान ने ट्रंप के दावों को एक बार फिर खारिज करते हुए कहा है कि अमेरिका नहीं, बल्कि ईरान तय करेगा कि युद्ध को कब खत्म करना है
इससे पहले ट्रंप ने मंगलवार को CBS न्यूज से बात करते हुए युद्ध खत्म होने की बात कही। इस दौरान ट्रंप ने ईरान को चेतावनी भी दी। पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, “युद्ध लगभग पूरी तरह से" खत्म हो चुका है। उनके पास कोई नौसेना नहीं है, कोई कम्युनिकेशन नहीं है, उनके पास कोई एयर फोर्स नहीं है। उनके पास बहुत कम मिसाइलें बची हैं। उनके ड्रोन हर जगह नाकाम किए जा रहे हैं। तेहरान के पास सैन्य जैसा से कुछ भी नहीं बचा है।”
गौरतलब है कि इससे पहले ईरान पर अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान में अमेरिका की कार्रवाई कम से कम चार से पांच हफ्ते तक चलेगी। हालांकि, मंगलवार को ट्रंप अपने बयान से पीछे हटते नजर आए। ट्रंप के मुताबिक वाशिंगटन ने अपने उद्देश्य पा लिए हैं और इसीलिए अब युद्ध लगभग खत्म हो चुका है।
ईरान को चेतावनी
इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को चेतावनी भी दी। ट्रंप ने इस्लामिक रिपब्लिक का नाम लेते हुए कहा कि वह कुछ भी क्यूट करने की कोशिश न करे, नहीं तो अंजाम बुरा होगा। ट्रंप ने कहा, “उन्होंने वह सब कुछ कर लिया है जो उन्हें करना था, और बेहतर होगा कि वे कुछ भी क्यूट करने की कोशिश न करें वरना उस देश का अंत हो जाएगा... अगर वे कुछ भी बुरा करते हैं, तो यह ईरान का अंत होगा और आप उसका नाम फिर कभी नहीं सुनेंगे।”
ईरान ने दिया जवाब
डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की प्रतिक्रिया भी सामने आई। IRGC ने कहा है कि युद्ध का अंत ईरान तय करेगा और अगर अमेरिकी और इजरायली हमले जारी रहे तो तेहरान इस इलाके से एक लीटर तेल भी एक्सपोर्ट नहीं होने देगा। ईरान ने इससे पहले भी कहा है कि वह अमेरिका के सामने समर्पण नहीं करेगा और लंबे युद्ध के लिए भी पूरी तरह तैयार है।
ईरान के हमले जारी
इस बीच, ईरान ने अपने नए सर्वोच्च नेता के चयन के साथ ही इजरायल और अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर नये हमले किए हैं। इन हमलों में ड्रोन के साथ-साथ खुर्रमशहर, फतह और खैबर हाइपरसॉनिक एवं बैलिस्टिक मिसाइलों का भी इस्तेमाल किया गया। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के अधिकारियों ने बताया कि राजधानी अबू धाबी में हुए हवाई हमलों को रोक लिया गया लेकिन हमलों का मलबा दो अलग-अलग स्थानों पर गिरने से दो लोग घायल हो गये। वहीं तुर्की ने कहा कि ईरान की तरफ से उसकी जमीन पर बैलिस्टिक मिसाइल दागी गई, जिसे नाटो की वायु रक्षा प्रणाली ने रोक लिया। हालांकि ईरान के विदेश मंत्रालय ने इस तरह के किसी भी हमले को नकार दिया।
ईंधन संकट गहराया
इस बीच युद्ध का असर अब ग्लोबल ऑयल सप्लाई पर पड़ रहा है जिससे कई देश प्रभावित हो रहे हैं। ईरानी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर उसके ऊर्जा ढांचे पर हमले जारी रहे तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। खातम अल-अनबिया केन्द्रीय मुख्यालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि ईरान अब तक क्षेत्रीय तेल और ईंधन प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने से बचता रहा है, लेकिन हमले जारी रहने पर वह अपनी नीति पर पुनर्विचार कर सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान क्षेत्र की ऊर्जा संरचनाओं को निशाना बनाता है तो वैश्विक तेल कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन