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ईरान समझौता चाहता है लेकिन…किस बात से खुश नहीं ट्रंप, चाहते हैं एक खास शर्त

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान युद्ध खत्म करना चाहता है। लेकिन अमेरिका बेहतर शर्तें चाहता है। ट्रंप की बातों से संकेत मिलता है कि मिडिल ईस्ट में जंग थमने वाली नहीं है। इसके साथ ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का मामला भी उलझता नजर आ रहा है।

Sun, 15 March 2026 03:12 PMDeepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान, वॉशिंगटन
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ईरान समझौता चाहता है लेकिन…किस बात से खुश नहीं ट्रंप, चाहते हैं एक खास शर्त

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान युद्ध खत्म करना चाहता है। लेकिन अमेरिका बेहतर शर्तें चाहता है। ट्रंप की बातों से संकेत मिलता है कि मिडिल ईस्ट में जंग थमने वाली नहीं है। इसके साथ ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का मामला भी उलझता नजर आ रहा है। बता दें कि ट्रंप ने अन्य देशों से अपील की है कि वह होर्मुज को खुलवाने में साथ दें। अमेरिकी राष्ट्रपति ने उम्मीद जताई है कि चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुलवाने के लिए अपने लड़ाकू जहाज भेजेंगे।

शर्तें ठीक नहीं
डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को एनबीसी को दिए इंटरव्यू में कहाकि ईरान समझौता करना चाहता है। लेकिन मैं ऐसा करना नहीं चाहता। इसकी वजह यह है कि उनकी शर्तें ठीक नहीं हैं। उन्होंने कहाकि इन शर्तों में यह बातें शामिल होनी चाहिए कि तेहरान अपनी परमाणु महत्वाकांक्षा को पूरी तरह से त्याग देगा। बता दें कि ईरान ने अमेरिका और इजरायल के साथ उसके युद्ध के समाप्त होने के कोई आसान नजर नहीं आने के बीच, लोगों से संयुक्त अरब अमीरात के तीन बंदरगाहों को खाली करने का आग्रह किया। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच शनिवार को इराक की राजधानी बगदाद में अमेरिकी दूतावास परिसर के अंदर एक हेलीपैड पर मिसाइल से हमला हुआ जबकि संयुक्त अरब अमीरात में ईरान की रोकी गई मिसाइल का मलबा तेल संयंत्र पर गिर गया।

अभी ऐसे हैं हालात
ईरान ने पश्चिम एशिया के सबसे व्यस्त बंदरगाह और संयुक्त अरब अमीरात के दो अन्य बंदरगाहों को खाली करने का आह्वान किया है। यह पहली बार है जब ईरान ने किसी पड़ोसी देश की गैर-अमेरिकी परिसंपत्तियों पर हमले की खुले तौर पर धमकी दी है। ईरान ने कोई साक्ष्य दिए बिना कहा कि अमेरिका ने ईरान के तेल निर्यात के मुख्य टर्मिनल वाले खार्ग द्वीप पर हमला करने के लिए संयुक्त अरब अमीरात में बंदरगाहों, गोदियों और ठिकानों का इस्तेमाल किया। उसने लोगों से उन इलाकों को छोड़ने का आग्रह किया, जहां उसके अनुसार अमेरिकी बलों ने शरण ली है।

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लेबनान में संकट गहराया
इस बीच, लेबनान का मानवीय संकट और गहरा गया है। इजरायल ने ईरान समर्थित हिज्बुल्ला चरमपंथियों के खिलाफ कई हमले किए जिनमें 800 से अधिक लोग मारे गए हैं और 8,50,000 लोग विस्थापित हुए हैं। अमेरिका एवं इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर एक बड़ा संयुक्त हमला शुरू किया था और ईरान की जवाबी कार्रवाई के साथ यह युद्ध पूरे खाड़ी क्षेत्र में फैल गया। ईरानी हमलों ने होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री यातायात को प्रभावित किया है जो कच्चे तेल की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए महत्वपूर्ण है।

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