Donald Trump slams France over denying use of airspace to planes enroute Israel 'अमेरिका याद रखेगा', एयरस्पेस का इस्तेमाल नहीं करने दिया तो फ्रांस पर भड़के ट्रंप, International Hindi News - Hindustan
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'अमेरिका याद रखेगा', एयरस्पेस का इस्तेमाल नहीं करने दिया तो फ्रांस पर भड़के ट्रंप

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि बूचर ऑफ ईरान यानी ईरान के सर्वोच्च नेता के खत्म किए जाने के मामले में फ्रांस ने कोई मदद नहीं की। ट्रंप ने साफ चेतावनी दी कि अमेरिका यह याद रखेगा। यह बयान इजरायल-ईरान संघर्ष के बीच आया है।

Tue, 31 March 2026 07:18 PMNiteesh Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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'अमेरिका याद रखेगा', एयरस्पेस का इस्तेमाल नहीं करने दिया तो फ्रांस पर भड़के ट्रंप

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस पर तीखा हमला बोला है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए लिखा कि फ्रांस ने इजरायल जा रहे अमेरिकी विमानों को (जो सैन्य सामग्री से लदे थे) अपने हवाई क्षेत्र से गुजरने की इजाजत नहीं दी। उन्होंने फ्रांस को ईरान के संबंध में बहुत असहयोगी बताया। ट्रंप ने कहा कि बूचर ऑफ ईरान यानी ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के खत्म किए जाने के मामले में फ्रांस ने कोई मदद नहीं की। ट्रंप ने साफ चेतावनी दी कि अमेरिका यह याद रखेगा। यह बयान इजरायल-ईरान संघर्ष के बीच आया है, जिसमें अमेरिका इजरायल का साथ दे रहा है।

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इजरायल ने भी फ्रांस के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है। जेरूसलम पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल ने फ्रांस को अपने रक्षा उपकरणों की बिक्री रोक दी है। इजरायली रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने यह आदेश जारी किया, जिसके पीछे फ्रांस की इजरायल विरोधी नीति को वजह बताया गया है। पिछले 2 वर्षों से फ्रांस का रवैया इजरायल के प्रति शत्रुतापूर्ण रहा है। इजरायली अधिकारियों का कहना है कि फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की ओर से अमेरिकी विमानों को हवाई क्षेत्र देने से इनकार करना 'ऊंट की कमर तोड़ने वाली आखिरी तिनका' साबित हुआ।

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अमेरिका को इटली ने भी नहीं दिया सैन्य सहयोग

इटली ने भी अमेरिका को सैन्य सहयोग देने से मना कर दिया है। इटली के रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेट्टो ने सिगोनेला बेस का इस्तेमाल अमेरिकी विमानों के लिए करने की इजाजत नहीं दी। ला रिपब्लिका अखबार के अनुसार, जब विमान पहले से उड़ान भर चुके थे तब इटली को इसकी सूचना दी गई। इटली ने जांच में पाया कि ये सामान्य लॉजिस्टिकल उड़ानें नहीं थीं, इसलिए द्विपक्षीय संधि के तहत इजाजत नहीं दी जा सकती। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने भी कहा था कि हम युद्ध में नहीं हैं और युद्ध नहीं चाहते।

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इस तरह अमेरिका के पश्चिम एशिया अभियान को यूरोपीय सहयोगियों से झटका लगा है। इस पूरे घटनाक्रम में स्पेन भी अमेरिका के निशाने पर है। मार्च की शुरुआत में ट्रंप ने कहा था कि अगर स्पेन ने अमेरिका को अपने सैन्य अड्डों का इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं दी तो व्यापार संबंध काट दिए जाएंगे। स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज ने ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई की हत्या की निंदा की और कहा कि उनकी सरकार युद्ध के खिलाफ है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह सरकार अपने सिद्धांतों और मूल्यों पर अडिग है। अब फ्रांस, इटली और स्पेन जैसे नाटो सहयोगी देशों के इनकार से अमेरिका और इजरायल को यूरोप में समर्थन मिलने में दिक्कत हो रही है।

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